मनेंद्रगढ़ को जिले के दर्जे के साथ हमारे विधानसभा का नाम भी चिरमिरी मनेंद्रगढ़ को सयुक्त करे सरकार, सर्वदलीय बैठक में हुये कई निर्णय

00 नगरी निकाय में इसका परिणाम देगी जनता

00 विधायक प्रतिनिधि मनेंद्रगढ़ विधानसभा के बिगड़े बोल लोक सभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्यासी को कम अंतर से जीत के कारण राज्य सरकार कर रही किनारा मुझे मिली है जानकारी. सयुक्त जिले के लिए होगा क्रमबध्य आंदोलन.

00 जिला संघर्ष समिति के आहवान पर चिरमिरी में भी गूंजे वंदे मातरम् के नारों से साथ चिरमिरी मनेंद्रगढ़ को जिला बनाओ को आवाज.

कोरिया चिरमिरी / 15 अगस्त को प्रदेश में नये जिले की घोषणा में चिरमिरी – मनेंद्रगढ़ का नाम शामिल न किये जाने पर एक बार फिर स्थानीय जनता सड़को पर उतरने को आमादा है।

इसके पूर्व भी चिरमिरी मनेंद्रगढ़ को जिला बनाने के वादे के साथ प्रदेश में लगातार 15 वर्षो तक सत्ता में काबिज रही भाजपा सरकार ने न सिर्फ जनता के साथ विश्वासघात किया बल्कि उसने चिरमिरी मनेंद्रगढ़ के कई कार्यालयों में पदस्थ उच्च अधिकारियों को अन्यंत्र स्थानांतरित कर दिया इसका जीता जगता सबुत नगर निगम चिरमिरी कार्यालय है। जिसका खामियाजा उसे इस बार कोरिया जिले में भुगतना पड़ा, जहाँ पर तीनों सीटों पर कांग्रेस ने अपना परचम लहराया।

कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में भी चिरमिरी मनेंद्रगढ़ सहित प्रदेश में आठ और जिले बनाये जाने की बातें कही थी। जिसे लेकर चिरमिरी और मनेंद्रगढ़ वासियों ने जिले को लेकर काफी आशान्वित थे। लेकिन जैसे ही बीते 15 अगस्त को नये जिले की घोषणा में चिरमिरी मनेंद्रगढ़ का नाम शामिल नहीं होने की जानकारी स्थानीय लोगो को मिली वैसे ही आम लोगो में आक्रोश सड़को पर दिखाई देने लगा, जिसके बाद 16 अगस्त को जिला बनाओं संघर्ष समिति के तत्वधान में एक सर्वदलीय बैठक का आयोजन मनेंद्रगढ़ स्थित राम मंदिर प्रांगण में किया गया। जिसमें भाजपा, कांग्रेस, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी, सहित अन्य दलों के नेताओं ने इस बैठक में शामिल होकर अपने अपने विचार रख कर 17 अगस्त दिन शनिवार को अपने चिरमिरी के लोगो के साथ बैठक का निर्णय लिया गया। जिसका आयोजन चिरमिरी के हल्दीबाड़ी स्थित होटल अलवीना में किया गया जिसके बाद सर्व सम्मति से यह निर्णय लिया गया की उक्त आंदोलन को चरणबध्य तरीके से संचालित करते हुए, खड़गवां और नागपुर के लोगो को इसमें जोड़ा जाये तथा नये जिले का नाम चिरमिरी मनेंद्रगढ़ के साथ इस विधानसभा का नाम भी चिरमिरी मनेंद्रगढ़ को मिला कर राज पत्र में अंकित का आह्वान हो ।

इसके आलावा चिरमिरी मनेंद्रगढ़ से मिला कर लगभग 20 लोगो का एक प्रतिनिधि मण्डल प्रदेश के मुख्य मंत्री से मिलकर अपनी वर्ष 1983 से उठ रही मांग उनके सामने रखेंगे। वही दूसरी ओर स्थानीय स्तर पर आंदोलन का शंखनाद करते हुए सोमवार को स्थानीय लोगो के द्वारा चरणबद्ध आंदोलन की शुरवात की जाएगी जो चिरमिरी मनेंद्रगढ़ के साथ खड़गवां और नागपुर में भी एक समय पर किया जाएगा शनिवार को हुई सयुक्त बैठक में चिरमिरी और मनेंद्रगढ़ के गणमान्य नागरिको के साथ निर्वाचित पार्षद और भारी संख्या में ग्रहणी महिलाओं ने इस आंदोलन को गति देने का आह्वान किया।

इसी बीच इस सर्वदलीय बैठक में उपस्थित मनेंद्रगढ़ विधानसभा के विधायक प्रतिनिधि शिवांश जैन ने अपने उद्बोधन में कहा की मुझे अभी कुछ दिनों पूर्व ही रायपुर में जानकारी प्राप्त हुई है की वर्तमान लोक सभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्यासी को हमारे विधानसभा से उनकी जीत में बढ़त नहीं देने के कारण इस मांग से साथ अन्य मांगो को दरकिनार किया जा रहा है। जो इस मांग को पूरी नहीं होने का सबसे बड़ा कारण बना हुआ है। संचालित बैठक में विधायक प्रतिनिधि के बिगड़े बोल से उपस्थित लोगो में अचानक आक्रोश व्यापत हो गया। जिसके बाद कुछ लोगो के बीच बचाव से उनके कथन परिवर्तित किया गया।

( इस लिंक पर सुने विधायक प्रतिनिधि ने ऐसा क्या कहा कि….)

https://m.facebook.com/story.php?story_fbid=2153101921464949&id=100002954877330

बहरहाल इस एक दिवसीय बैठक में जिला संघर्ष समिति के आयोजन और अनुरोध पर चिरमिरी के कई निर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने अपनी अपनी राय देते हुए क्षेत्रिय विधायक और जिले के राज्य मंत्री के साथ मिलकर राज्य के मुखिया से सौजन्य भट के लिए 10 दिवस का समय रखा गया है। इस 10 दिवस के भीतर संघर्ष समिति का प्रतिनिधित्व मण्डल राज्य के मुखिया से मिल कर अपनी मांग को रखेगा। अगर इसी कारण वश इस मांग पर आश्वासन नहीं मिलता है तो यह जिला संघर्ष समिति अपने स्तर पर व्यापक आंदोलन की रूप रेखा बनाएगी।

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