सुशासन के लिए सुव्यवस्थित दस्तावेजीकरण की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण – संदीप सिंह 

00 सुशासन के तहत मनरेगा के वर्क फ़ाइल संधारण पर राज्य स्तरीय प्रशिक्षण सम्पन्न

कोरिया/ राज्य शासन की मंशानुरूप सुशासन अन्तर्गत पारदर्शिता और जवाबदेही का दायरा बढ़ाने के लिए  प्रत्येक कार्य का सुव्यवस्थित दस्तावेजीकरण किया जाएगा। इस पहल को क्रियान्वित करने के लिए बुधवार को जिला पंचायत कोरिया के मंथन कक्ष में सुशासन पर एक दिवसीय राज्य स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया।

इस प्रशिक्षण में राज्य स्तर के कुशल प्रशिक्षक श्री संदीप सिंह चौधरी ने तीन अलग अलग प्रशिक्षण सत्र के दौरान जिला स्तर की टीम को महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम अन्तर्गत सुशासन पर प्रशिक्षण प्रदान किया।  इस प्रशिक्षण के दौरान श्री संदीप ने बताया कि महात्मा गांधी नरेगा के अधीन ग्राम पंचायतों में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के महत्वपूर्ण उद्देश्य को लेकर नरेगा आयुक्त द्वारा जिला पंचायत स्तर पर प्रशिक्षण की अवधारणा दी गई है। इसमें प्रत्येक कार्य की नशती का संधारण, उसमे लगने वाले आवश्यक दस्तावेज को सरल रूप से एकत्र कर उसे अनुक्रम में लगाने की समझ विकसित करने के लिए प्रथम सत्र आयोजित किया गया। इसके बाद प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे सभी अधिकारियों को समूह कार्य के रूप में अव्यवस्थित दस्तावेज दिए गए। अधिकारियों के चार समूह ने अलग अलग व्यक्तिगत और सामुदायिक कार्यों की फ़ाइल तैयार कर अभ्यास पूरा किया। श्री संदीप ने बताया कि राज्य शासन की मंशा है कि ग्राम पंचायत स्तर तक सुशासन का यह संदेश सही तरीके से क्रियान्वित होने से पंचायत का सशक्तिकरण का कार्य भी पूरा होगा। इसके बाद प्रशिक्षण के दूसरे सत्र में सूचना शिक्षा संचार के माध्यम, नागरिक सूचना पटल के बारे में जानकारी दी गई। राज्य स्तरीय प्रशिक्षक ने व्यक्तिगत कार्यों के सूचना पटल को पीले आधार पर काले रंग से लिखे जाने और सामुदायिक विकास के कार्यों को नीले रंग से लिखे जाने के निर्देश को जमीनी रूप से क्रियान्वित करने के बारे में विस्तार से बताया। इस सत्र में सूचना पटल पर लिखे जाने वाले सभी मानक बिंदुओं को विस्तार से बताया। प्रशिक्षण के अंतिम सत्र में राज्य प्रशिक्षक द्वारा ग्राम पंचायतों में संधारण किये जाने वाले सात पंजियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने ग्राम पंचायत स्तर पर नियुक्त ग्राम रोजगार सहायक द्वारा रखी जाने वाली प्रत्येक पंजी के संधारण के तरीके पर विस्तार से जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने फिल्म प्रस्तुतिकरण के माध्यम से भी सभी बिंदुओ को समझाया। प्रशिक्षण के अंतिम चरण में प्रत्येक पंजीकृत श्रमिक के लिए निशुल्क जारी होने वाले जॉब कार्ड को नियमित रूप से संधारण का सही तरीका बताया।

इस प्रशिक्षण में सूरजपुर जिले के सहायक परियोजना अधिकारी मनरेगा और उनकी पूरी टीम तथा कोरिया के आरिफ रजा, पाँचो जनपद पंचायत के कार्यक्रम अधिकारी मनरेगा, तकनीकी सहायक, ग्राम रोजगार सहायक शामिल रहे।

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