हार जीत को लग रहे दांव, कोरबा सीट पर कांटे की टक्कर, प्रशासन ने भी पूरी की तैयारी…

कोरिया / लगभग 1 महीने के लंबे इंतजार के बाद अंततःमतगणना की तिथि करीब आ ही गई और अब मतगणना में मात्र 1 दिन का समय शेष और रह गया है। 23 मई को प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला हो जायेगा।

देशभर में हुये आम चुनाव के अंतिम चरण की वोटिंग 19 मई को होने के बाद जैसे ही टीवी चैनलो पर विभिन्न एजेंसियों द्वारा पूर्वानुमान दिखाया जा रहा है अगर उसकी बात की जाये तो देश में एक बार फिर से मोदी सरकार की धमाकेदार वापसी हो रही है।

वहीं प्रदेश की कोरबा लोकसभा सीट पर भी जीत हार को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। जगह – जगह लोग दावे करते नजर आ रहे हैं।

मतगणना को लेकर प्रशासनिक स्तर पर भी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा चुका है। मतगणना स्थल रामानुज हायर सेकेण्डरी स्कूल में सुबह 8 बजे से मतगणना का कार्य प्रांरभ होगा।

बात अगर चुनावी समीकरणा पर की जाये तो इस बार कोरबा लोकसभा सीट पर मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच ही रहा है। भारतीय जनता पार्टी ने ज्योतिनंद दुबे को अपना प्रत्याशी बनाया था तो वहीं कांग्रेस ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ.चरणदास महंत की पत्नी श्रीमती ज्योत्सना महंत को उम्मीदवार बनाया था। चुनाव के दौरान मैनेजमेंट के मामले में पर्दे के पीछे डॉ.महंत ने जोरदार फील्डिंग की। उनकी टीम ने बेहतर मैनेजमेंट के हिसाब से चुनाव लड़ा। कांग्रेसी कार्यकर्ता भी राज्य में सत्ता होने की वजह से पूरी तरह सकिय रहे। श्रीमती महंत को सिर्फ और सिर्फ अपने पति के नाम का लाभ मिला है जिसके बल पर कांग्रेस इस सीट पर जीत का दावा कर रही है तो वहीं भाजपा से नये प्रत्याशी ज्योतिनंद दुबे ऐन वक्त पर टिकट मिलने के कारण मैनेजमेंट के मामले में थोड़ा पीछे नजर आये तो वहीं भाजपा कार्यकर्ताओं में भी इस बार उत्साह की कमी देखी गई। लेकिन देश भर में मोदी लहर का असर चुनाव के अंतिम दौर में जिले में भी देखने को मिला। प्रारंभ में कांग्रेस इस सीट पर अपनी जीत सुनिश्चत मान रही थी लेकिन अंतिम दौर में मोदी लहर और राज्य सरकार की कुछ नीतियों के विरोध के कारण अब कांग्रेसी रणनीतिकार भी इस सीट पर जीत आसान न मानकर कांटे की टक्कर मान रहे हैं।

कोरबा लोकसभा सीट में कुल 8 विधानसभा सीट शामिल हैं जिसमें समीकरणों और पूर्वानुमान पर बात की जाये तो कोरबा, रामपुर और कटघोरा विधानसभा में भाजपा की बढत सुनिश्चित है वहीं पाली तानाखार और मरवाही में कांग्रेस की बढत का अनुमान है। कोरिया जिले की तीनों विधानसभाओं में से भरतपुर विधानसभा में कांग्रेस बढत में दिखाई दे रही लेकिन मनेंद्रगढ और बैकुंठपुर विधानसभा में भाजपा की बढत की संभावना है। कुल मिलाकर 8 में 5 विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा बढत में है। जबकि कांग्रेस सिर्फ 3 विधानसभा क्षेत्रों में बढत की ओर है। जानकारों का कहना है कि कांग्रेस यदि मरवाही और तानाखार मिलाकर लगभग 50 हजार की बढत बना लेती है तो ही वह इस सीट पर विजय मिलेगी और यह आंकड़ा यदि कम हुआ तो फिर भाजपा बहुत ही कम अंतर से इस सीट को पुनः पाने में सफल हो जायेगी। इस सीट को भाजपा ने सिर्फ और सिर्फ प्रधानमंत्री मोदी के नाम पर लड़ा है जिसका फायदा भी अंतिम दौर में भाजपा को मिला है। जनता ने भी खुले मन से मोदी के नाम पर भाजपा को वोट दिया है इसलिए कांग्रेसी ज्यादा कुछ कह पाने की स्थिति में नही है। कांग्रेस को उम्मीद है कि मरवाही क्षेत्र में अजीत जोगी के शांत बैठने का फायदा उन्हे मिला है और उनके वोट पूरे कांग्रेस की ओर डायवर्ट हुये हैं।

बहरहाल यह सिर्फ और सिर्फ पूर्वानुमान है लेकिन इतना तो तय है कि चुनाव के प्रारंभिक दौर में कांग्रेस जिस प्रकार इस सीट को एक-दम क्लियर मानकर चल रही थी वैसी स्थिति एकदम नही है। फिलहाल चुनावी परिणाम के लिए मात्र 1 दिन का इंतजार और करना पड़ेगा तब तक नेताओं सहित मतदाता भी बेसब्री से 23 तारीख के इंतजार में है। दोनो ही प्रमुख दल के कार्यकर्ता अपनी अपनी जीत के दावे कर रहे हैं।

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