MP विधान सभा का बजट सत्र 26 मार्च तक स्थगित, राज्यपाल का अभिभाषण एक मिनट में हुआ ख़त्म

भोपाल / भारी उठापटक के बीच मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 26 मार्च तक स्थगित कर दिया गया है. भारी गहमागहमी के बीच राज्यपाल के अभिभाषण के साथ सदन की कार्यवाही शुरू हुई थी. राज्यपाल ने एक मिनट में ही अपना भाषण खत्म कर दिया. राज्यपाल ने अपने भाषण में कहा-जिसका जो दायित्व है वो उसका निर्वहन करे. सभी संविधान और परंपरा का पालन करें.

महामहिम का भाषण खत्म होते ही बीजेपी विधायकों ने टोका-टाकी शुरू कर दी. महामहिम अपना भाषण खत्म कर वापस रवाना हो गए. सदन में इसके बाद हंगामा शुरू हो गया. नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने राज्यपाल की चिट्ठी पढ़ी, जिस पर स्पीकर एन पी प्रजापति ने कहा मुझसे पत्राचार नहीं हुआ है. उसके बाद दोनों पक्षों की ओर से सदस्य नारेबाज़ी करने लगे. हंगामे को देखते हुए स्पीकर ने सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी गयी.

मध्य प्रदेश में जारी राजनीतिक उठापटक के बीच सोमवार का दिन बेहद महत्वपूर्ण था. सबकी निगाहें विधानसभा पर टिकी हुई थीं. कांग्रेस में बगावत के बाद अब बीजेपी फ्लोर टेस्ट की मांग पर अड़ी है, लेकिन विधानसभा की कार्यसूची में इसे शामिल ही नहीं किया गया था.इसलिए कमलनाथ सरकार के विश्‍वासमत को लेकर सस्‍पेंस बना हुआ था.  देर रात सीएम कमलनाथ फिर गवर्नर लालजी टंडन से मिलने गए थे. दूसरी तरफ आधी रात के बाद करीब 2 बजे बीजेपी विधायक मानेसर (गुरुग्राम) से भोपाल लौटे. भारी गहमा-गहमी के बीच सीएम कमलनाथ, पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान सहित कांग्रेस और बीजेपी के विधायक विधानसभा पहुंचे.भोपाल की एक होटल में ठहराए गए कांग्रेस विधायक कड़ी सुरक्षा में दो बसों में विधान सभा लाए गए. उनके साथ मंत्री जयवर्धन सिंह और सचिन यादव भी बस में मौजूद थे. बीजेपी के देर रात 2 बजे मानेसर से भोपाल लौटे बीजेपी विधायक शहर से दूर होशंगाबाद रोड पर एक होटल में ठहराए गए थे. वो भी बसों में लाए गए. कोरोना के खौफ के बीच शिवराज सिंह सहित कई विधायक मास्क लगाकर विधानसभा पहुंचे. वो सदन में सेनेटाइजर लगाते दिखे. कांग्रेस और बीजेपी दोनों तरफ के नेता विक्टरी का साइन दिखाते हुए अंदर दाखिल हुए.

बजट सत्र के शुरुआत में राज्यपाल लालजी टंडन का अभिभाषण हुआ. बीजेपी सदन में फ्लोर टेस्ट की मांग उठाने की तैयारी में थी. इस सबके बीच, देर रात सीएम कमलनाथ राज्यपाल से मिलने राजभवन गए थे. गवर्नर से मुलाकात के बाद उन्होंने कहा था कि, ‘मुझे राज्यपाल लालजी टंडन ने चर्चा के लिए बुलाया था. विधानसभा सत्र को लेकर राज्यपाल चर्चा करना चाहते थे.’ सीएम ने उम्मीद जताई कि सदन की कार्यवाही शांतिपूर्वक चलेगी. सीएम ने कहा, ‘विधानसभा कैसे चलेगी? मतदान कैसे होगा? यह मैं तय नहीं करता हूं. मैंने तो राज्यपाल से कहा था कि फ्लोर टेस्ट के लिए तैयार हूं.’


बीजेपी नेता और पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने भी भोपाल में देर रात प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने कहा कि सरकार अल्पमत में आ गई है और फ्लोर टेस्ट से भाग रही है. हम फिर से फ्लोर टेस्ट की मांग सदन में रखेंगे. उन्होंने कहा कि भाजपा ने पहले विश्वासमत कराने की बात कही है. राज्यपाल और सीएम की मुलाकात पर शिवराज सिंह ने कहा कि सीएम कमलनाथ का जवाब बहुत मासूम है. उन्होंने इस बात से इंकार किया कि कांग्रेस के किसी विधायक को बीजेपी ने बंधक बना रखा है.


मध्‍य प्रदेश में जारी सियासी हलचल के बीच रविवार को आधी रात के बाद तकरीबन 2 बजे मानेसर (गुरुग्राम) भेजे गए सभी बीजेपी विधायक वापस भोपाल लौटे. विधायकों की संख्या करीब 104 है. भाजपा के सभी विधायक विशेष विमान से भोपाल लौटे. एयरपोर्ट पर नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव औऱ प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष वीडी शर्मा ने पार्टी के विधायकों को रिसीव किया.  भार्गव ने कहा था, ‘अगर फ्लोर टेस्ट नहीं हुआ तो हम फिर से सदन में इस पर चर्चा करेंगे. हम राज्यपाल के आदेश का पालन करेंगे.’


भोपाल में बीजेपी नेता रविवार को दोबारा राज्यपाल से मिले थे. गोपाल भार्गव और नरोत्तम मिश्रा ने राज्यपाल से मुलाकात कर उन्हें एक ज्ञापन सौंपा था. बीजेपी ने कार्यसूची में फ्लोर टेस्ट को शामिल न करने को असंवैधानिक बताया था. बीजेपी ने कहा था हमने राज्यपाल से ज्ञापन सौंपकर शिकायत की है. राज्यपाल के आदेश का स्पष्ट उल्लंघन हुआ है. इससे पहले इस तरह की स्थिति पैदा नहीं हुई. राज्यपाल के पास सारी संवैधानिक शक्तियां हैं. गोपाल भार्गव ने कहा कि राज्यपाल ने आश्वासन दिया है कि वह शीघ्र कदम उठाएंगे.


कमलनाथ सरकार पर छाए संकट के बीच समाजवादी पार्टी ने व्हिप जारी किया था. पार्टी ने अपने विधायक राजेश शुक्ला के लिए यह व्हिप जारी किया था. पार्टी कमलनाथ सरकार के पक्ष में वोट करने की तैयारी में थी. सपा अभी कमलनाथ सरकार को बाहर से समर्थन दे रही है.

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