क्या छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री पद पर रमन जैसे डकैत और भूपेश जैसे डाकिया ही विराजमान रहेंगे ? अमित जोगी

रायपुर / JCCJ प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी का छत्तीसगढ़ की जनता के नाम मासिक संदेश जारी किया है। 

जिसमें उन्होंने कहा है कि –



पिछले एक महीने में हमने भाई गणेश कोसले के शिक्षा के अधिकार, मस्तूरी में ACC खदान की फ़र्ज़ी जनसुनवाई, पंडरिया शक्कर कारख़ाने में प्रदूषित पानी, रायपुर में जल संकट, मरवाही में महामारी, छत्तीसगढ़ सरकार का सांप्रदायिककरण, बिलासपुर समेत पूरे प्रदेश में बिजली कटौती, सरगुज़ा में एक निर्दोष की हत्या और बस्तर में संयुक्त सरपंच संघर्ष मोर्चा के साथ अदानी को नंदराज पर्वत बेचने के फ़ैसले जैसे कई मामलों में सरकार का पुरज़ोर विरोध करा और छत्तीसगढ़ वासियों के अधिकारों की लड़ाई लड़ी जबकि प्रमुख विपक्षी दल भाजपा सोती रही।

छत्तीसगढ़वासियों के अधिकारों की लड़ाई लड़ने वाला एकमात्र राजनीतिक विकल्प के रूप में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) तेज़ी से उभर रही है।

पोलावरम बाँध निर्माण, नगरनार इस्पात संयंत्र के विनिवेश, नंदराज पर्वत में लोहा खदान खोलने, कनहर बाँध निर्माण, इंद्रावती-महानदी जल बँटवारा- छत्तीसगढ़ के अस्तित्व से जुड़े इन पाँचों के विरोध में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखने के क्रांतिकारी निर्णय लिया है।जबकि पाँचों मुद्दों में क्रमशः आँध्रप्रदेश सरकार, NMDC लिमिटेड, उत्तर प्रदेश सरकार और उड़ीसा सरकार के विरुद्ध अनुबंध तोड़ने के आधार पर ठोस क़ानूनी कार्यवाही करके उन्हें कटघरे में खड़ा करने का रास्ता छत्तीसगढ़ शासन के लिए खुला है। किन्तु भाजपा और कांग्रेस के दबाव में ऐसा न डॉक्टर रमन सिंह और न भूपेश बघेल ने करा।

मुझे ये कहने में कोई संकोच नहीं है कि जहाँ भाजपा की रमन सरकार ने प्रदेश को लूटकर डकैत की भूमिका अदा करी, वहीं कांग्रेस की भूपेश सरकार केवल एक डाकिया की भूमिका निभा रही है।क्या छत्तीसगढ़ का मुख्यमंत्री का पद डकैत और डाकिया तक ही सीमित रहेगा ?

इसीलिए भारत के दूसरे राज्यों की तरह छत्तीसगढ़ में भी प्रदेशवासियों के हितों को प्राथमिकता देने- ‘छत्तीसगढ़-प्रथम’ विचारधारा के मार्ग पर चलने- वाले राजनीतिक विकल्प की सख़्त ज़रूरत है।

मैं आपको विश्वास दिलाता हूँ कि पिछले एक महीने में हमने भाई गणेश कोसले के शिक्षा के अधिकार, मस्तूरी में ACC खदान की फ़र्ज़ी जनसुनवाई, पंडरिया शक्कर कारख़ाने में प्रदूषित पानी, रायपुर में जल संकट, मरवाही में महामारी, छत्तीसगढ़ सरकार का सांप्रदायिककरण, बिलासपुर समेत पूरे प्रदेश में बिजली कटौती, सरगुज़ा में एक निर्दोष की हत्या और बस्तर में संयुक्त सरपंच संघर्ष मोर्चा के साथ अदानी को नंदराज पर्वत बेचने के फ़ैसले जैसे कई मामलों में सरकार का पुरज़ोर विरोध करा और छत्तीसगढ़ वासियों के अधिकारों की लड़ाई लड़ी जबकि प्रमुख विपक्षी दल भाजपा सोती रही।इसमें हमें बहुत हद तक सफलता भी मिली: भाई गणेश को GGU में अड्मिशन मिला; ACC की फ़र्ज़ी जनसुनवाई रद्द हुई; मरवाही में स्वास्थ विभाग ने युद्ध स्तर पर काम चालू कर दिया; फ़िल्ट्रेशन प्लांट शुरू होने के बाद पंडरिया वासियों को फ़िलहाल दूषित जल नहीं पीना पड़ रहा है; और कल ही सरकार को नंदराज पर्वत के सम्बंध में दो आदेश पारित करने पड़े।

छत्तीसगढ़ महतारी के आशीर्वाद से हमने ये सिद्ध करते जा रहे हैं कि छत्तीसगढ़ का पहला और एकमात्र मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल होने के नाते जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) ऐसा विकल्प बनकर उभर रही है।संघर्ष का सफ़र कठिन ज़रूर है लेकिन सफलता हमें अवश्य मिलेगी।

 

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