पीड़ित पत्नी के देहांत उपरांत उसकी आंखें की दान, पीड़ित की मौत का कारण बना सरकारी स्मार्ट व आयुष्मान कार्ड के इलाज पर रोक

सूरजपुर से अजय लाल की रिपोर्ट… शिक्षित व शहरी वर्ग के लोगो को पीछे छोड़ ग्रामीण परिवेश में रहने वालें एक युवा ने बीती रात हृदय रोग से पीड़ित पत्नी के देहांत के बाद उसकी आंखें दान करने का एक बड़ा फैसला लिया और अन्य लोगो को रोशनी देने का संकल्प लिया। वही उन ऑखों के माध्यम से सदैव वे अपनी पत्नी को देखता रहेगा।

आपको बता दे कि यह मामला विकासखण्ड़ भैयाथान के ग्राम पंचायत नवापारा का हैै। जहाँ के निवासी मनोज कुशवाहा की 32 वर्षीय पत्नी पुष्पा कुशवाहा बीतें कुछ समय से हृदय रोंग से पीड़ित थी। जिसका उपचार रायपुर के एमएमआई चिकित्सालय में हुआ भी, किन्तु राशि के अभाव में और छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा आयुष्मान कार्ड पर ईलाज में रोक के बाद वे उसका सम्पूर्ण ईलाज नही करा पायें। वही शनिवार को दोपहर में पुष्पा की तबीयत खराब होने लगी। उसका पति तत्काल जिला चिकित्सालय सूरजपुर लेकर पहुॅचा। उपचार के दौरान सांय 7.30 बजें पुष्पा की मौत हो गई।

अल्प आयु में ही पुष्पा की मौत से सहमें उसके पति मनोज कुशवाहा व उसके पिता सीताराम कुशवाहा ने गंभीर निर्णय लेते हुए यह तय किया कि क्यो ना पुष्पा की ऑखों को दान करें ताकि अन्य लोगो को रोशनी मिल सकें और वे उनकी आंखों मे सदैव पुष्पा को देखतें रहें। उन्होनें तत्काल अपनी इच्छा से डॉक्टर को अवगत कराया। जिसके उपरांत जिला चिकित्सालय में पदस्थ डॉ0 आनंद मोहन त्रिपाठी की टीम ने शल्य चिकित्सा के माध्यम से ऑख निकालनें की प्रक्रिया पूर्ण की।

नेत्रहिनों को देख मन में नेत्रदान का विचार उत्पन्न हुआ…. मनोज कुशवाहा – 
पुष्पा के पति मनोज कुशवाहा ने बताया कि कम समय में ही पत्नी का साथ छुट जानें की पीडा व कैसे मै अपनी पत्नी को अन्य लोगो के माध्यम से भी उसका अनुभव कर सकु, इस सोच के माध्यम से मैने तत्काल निर्णय लेते हुए अपनी पत्नी की दोनो ऑखें दान देने का एक बड़ा फैसला लिया।
पुष्पा की दो ऑखों से चार लोगो को मिलेगी रोशनी… डॉ0 त्रिपाठी –
पुष्पा की ऑखों की शल्य चिकित्सा करने वालें डॉ0 आनंद मोहन त्रिपाठी ने बताया कि जैसी उन्हें सूचना मिली कि जिला चिकित्सालय में नेत्रदान किया जाना है। तत्काल उन्होनें टीम गठित कर पुष्पा की ऑखों का शल्य चिकित्सा के माध्यम से निकालकर एक विशेष द्रव्य में सुरक्षित कर रख लिया और उसे रात को ही एम्बुलेंस के माध्यम से सिम्स बिलासपुर भेंज दिया। जहां पूर्व से लबिंत प्रतिक्षा सूची के अनुसार चार बच्चों को प्राथमिकता के आधार पर उक्त ऑखें प्रत्यारोपित कर दी जायेगीं। सूरजपुर जिले का यह दूसरा मामला है, उन्होंनें अन्य लोगो को भी मनोज कुशवाहा से प्रेरणा लेने का आग्रह किया है।

कुशवाहा परिवार का निर्णय अनुकरणीय…. मुकेश गर्ग – 
भाजपा मंड़ल अध्यक्ष मुकेश गर्ग ने बताया कि भैयाथान क्षेत्र के भाजपा नेता सीताराम कुशवाहा ने अपनी पुत्री पुष्पा कुशवाहा के निधन की जानकारी देते हुए परिजनों के नेत्रदान के निर्णय को बताया। इसके बाद वे तत्काल जिला चिकित्सालय पहुॅचे जहां सिविल सर्जन डॉ0 शशि तिर्की से चर्चा कर नेत्रदान की प्रक्रिया को पूर्ण कराया। श्री गर्ग ने कुशवाहा परिवार के इस निर्णय को अनुकरणीय बतातें हुए समाज को इनसें प्ररेणा लेने का आग्रह किया। श्री गर्ग ने छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा स्मार्ट व आयुष्मान कार्ड पर ईलाज पर रोक लगानें को अव्यवाहारिक निर्णय बताया। अगर आज आयुष्मान कार्ड से ईलाज होता तो पुष्पा कुशवाहा की जान बच सकती थी।

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