आंध्र प्रदेश–छत्तीसगढ़ सीमा से नक्सल मोर्चे पर अब तक की सबसे बड़ी सफलता मिली है। आंध्र प्रदेश के स्पेशल ग्रेहाउंड्स ने मैरेडुमिल्ली के घने जंगलों में सोमवार सुबह एक बड़े एनकाउंटर में कुख्यात माओवादी कमांडर माड़वी हिड़मा को मार गिराया। मुठभेड़ में हिड़मा की पत्नी राजे (राजक्का) और 4 अन्य हार्डकोर नक्सली भी ढेर हुए हैं। घटनास्थल से कई आधुनिक हथियार, जिनमें AK-47 राइफल शामिल है, बरामद हुए हैं।
बस्तर IG सुंदरराज पी ने हिड़मा के मारे जाने की आधिकारिक पुष्टि कर दी है।
कौन था माड़वी हिड़मा?
असली नाम: संतोष
उम्र: 43 वर्ष
जन्मस्थान: पूवर्ति, सुकमा (छत्तीसगढ़)
पद: पीएलजीए बटालियन नंबर-1 का कमांडर — माओवादियों की सबसे घातक अटैक यूनिट
स्थिति: CPI (माओवादी) की सेंट्रल कमेटी का सबसे युवा सदस्य
इनाम: 50 लाख रुपये
पहचान: बस्तर क्षेत्र से सेंट्रल कमेटी में शामिल होने वाला एकमात्र आदिवासी कैडर
हिड़मा पिछले दो दशकों से सुरक्षा बलों और सरकारी एजेंसियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती था। जंगलों की गहरी पकड़, छापामार रणनीति और स्थानीय नेटवर्क के कारण वह कई बार घेराबंदी से निकल भागता था।
बड़ी वारदातें जिनमें हिड़मा शामिल था
2010 दंतेवाड़ा हमला
— 76 सीआरपीएफ जवान शहीद
2013 झीरम घाटी नरसंहार
— कांग्रेस के शीर्ष नेताओं सहित 27 लोगों की हत्या
2017 सुकमा हमला
— CRPF जावनों पर घात, कई शहीद
2021 सुकमा–बीजापुर मुठभेड़
— 22 सुरक्षा बल के जवान शहीद
इन हमलों ने देशभर में नक्सल समस्या पर गहरी चिंता पैदा कर दी थी और हिड़मा को देश के सबसे खतरनाक माओवादियों की सूची में शीर्ष पर ला दिया था।
मुठभेड़ कैसे हुई?
सूत्रों के मुताबिक—
आंध्र प्रदेश के ग्रेहाउंड्स कमांडो हिड़मा के एक बड़े मूवमेंट के इनपुट पर मैरेडुमिल्ली जंगल में पहुंचे।
घेराबंदी के दौरान सुबह करीब 4 बजे माओवादी दल ने फायरिंग शुरू कर दी।
जवाबी कार्रवाई में 6 नक्सली ढेर हुए, जिनमें हिड़मा और उसकी पत्नी राजे शामिल हैं।
घटनास्थल पर भारी मात्रा में हथियार मिले हैं।
इलाके में अभी भी कंबिंग ऑपरेशन जारी है।
मारे गए अन्य नक्सली नेता (प्रारंभिक पुष्टि)
माड़वी हिड़मा – सेंट्रल कमेटी मेंबर (CCM)
राजे (राजक्का) – DVCM, हिड़मा की पत्नी
चेल्लुरी नारायण उर्फ़ सुरेश – SZCM
टेक शंकर – टेक्निकल विंग विशेषज्ञ
(अन्य दो की पहचान की प्रक्रिया जारी)
पुलिस और एजेंसियों का बयान
बस्तर IG सुंदरराज पी ने कहा:
“यह सुरक्षा बलों के लिए एक ऐतिहासिक सफलता है। हिड़मा की मौत से बस्तर और आसपास के क्षेत्रों में नक्सलियों की हिंसक क्षमता को बड़ा झटका लगा है।”
आंध्र के ग्रेहाउंड्स अभी पूरे क्षेत्र में तलाशी अभियान चला रहे हैं। माओवादियों की टॉप लेवल लीडरशिप को पिछले कुछ वर्षों में यह सबसे बड़ा नुकसान माना जा रहा है।
