श्रीहरिकोटा।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए LVM3 रॉकेट के ज़रिए अमेरिकी संचार उपग्रह ब्ल्यूबर्ड ब्लॉक-2 (BlueBird Block-2) को सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में स्थापित कर दिया है।
यह 6100 किलोग्राम वज़नी हाई-कैपेसिटी कम्युनिकेशन सैटेलाइट आज श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर से लॉन्च किया गया।
इस मिशन को मोबाइल कम्युनिकेशन सेक्टर में गेम-चेंजर माना जा रहा है। ब्ल्यूबर्ड ब्लॉक-2 सैटेलाइट के ज़रिए आने वाले समय में मोबाइल फोन को सीधे सैटेलाइट नेटवर्क से जोड़ने की राह खुलेगी, जिससे दूरदराज़, ग्रामीण और नेटवर्क-विहीन इलाकों में भी मोबाइल कनेक्टिविटी संभव हो सकेगी।
मोबाइल नेटवर्क में आएगा बड़ा बदलाव
इस अत्याधुनिक सैटेलाइट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह Direct-to-Device (D2D) तकनीक पर आधारित है। यानी भविष्य में सामान्य स्मार्टफोन पर भी बिना टावर के सैटेलाइट नेटवर्क उपलब्ध हो सकता है। इससे आपदा प्रबंधन, रक्षा संचार, समुद्री और दुर्गम क्षेत्रों में संचार व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
ISRO की विश्वसनीयता का फिर दिखा दम
LVM3 रॉकेट की यह सफल लॉन्चिंग अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ISRO की तकनीकी क्षमता और विश्वसनीयता को और मजबूत करती है। भारी वज़न वाले कम्युनिकेशन सैटेलाइट को सटीक कक्षा में स्थापित कर ISRO ने एक बार फिर साबित किया कि भारत अब वैश्विक अंतरिक्ष मिशनों का भरोसेमंद भागीदार बन चुका है।
अंतरिक्ष मिशन 2025 की बड़ी कड़ी
यह लॉन्च स्पेस मिशन 2025 के तहत एक अहम कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले वर्षों में सैटेलाइट-आधारित मोबाइल नेटवर्क से डिजिटल इंडिया को नई गति मिलेगी और संचार के क्षेत्र में ऐतिहासिक परिवर्तन देखने को मिल सकता है।
