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चंदे का हिसाब देने से अगर “रामहित“ प्रभावित होता है तो “जनहित“ में पनामा का ही हिसाब दे दें रमन सिंह – आर पी सिंह

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रायपुर / कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता आरपी सिंह ने एक बयान जारी करके पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ रमन सिंह से कहा है कि अगर भाजपा से राम मंदिर निर्माण के चंदे का हिसाब मांगना रामहित को प्रभावित करता है तो फिर आप जनहित में पनामा घोटाले का हिसाब ही बता दें।


कांग्रेस प्रवक्ता आरपी सिंह ने सवाल खड़ा किया है कि ऐसे समय में जब राम जन्म भूमि विवाद का निपटारा माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा कर दिया गया है और जो सभी पक्षों को मान्य भी है। ऐसे समय में भारतीय जनता पार्टी और उनके आनुषंगिक संगठनों द्वारा राम मंदिर निर्माण के लिए चंदा मांगना कहीं अपनी जेब भरने का उपक्रम तो नहीं है?


प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता आरपी सिंह ने कहा है कि चंदे पर सवाल उठाना अगर “रामहित“ प्रभावित करता है तो डॉक्टर रमन सिंह जी को अब “जनहित“ में पनामा घोटाले का हिसाब छत्तीसगढ़ की जनता को देना चाहिए। अब जब यह स्पष्ट हो चुका है की ‘अभिषाक सिंह’ ही उनके बेटे ‘अभिषेक सिंह’ हैं और डॉ रमन सिंह ही वह व्यक्ति हैं जिनका पता ‘‘रमन मेडिकल स्टोर, कवर्धा’’ है तब प्रदेश की जनता को सब कुछ जानने का अधिकार है। डॉक्टर रमन सिंह को प्रदेश की जनता को पनामा कांड के घोटाले से जुड़े हुए सभी तथ्यों से अवगत कराना चाहिए। मसलन यह घोटाला कुल कितने करोड़ का था? इस घोटाले में उपयोग की गई रकम की वर्तमान स्थिति क्या है? इस घोटाले में कौन-कौन शामिल थे? क्या 36हजार करोड रुपए के नान घोटाले का पैसा इसमें गया या फिर छत्तीसगढ़ शासन ने उस समय जो अगुस्ता हेलीकॉप्टर खरीदा था उसका कमीशन इसमें शामिल था?


माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेश में यह स्पष्ट है कि केंद्र सरकार राम मंदिर निर्माण के लिए एक ट्रस्ट का गठन करेगी और ट्रस्ट जन सहयोग से वहां भव्य राम मंदिर का निर्माण करेगा। माननीय उच्चतम न्यायालय के फैसले में कहीं भी इस बात का जिक्र नहीं है कि राम मंदिर निर्माण के लिए आर.एस.एस., विश्व हिंदू परिषद या फिर भारतीय जनता पार्टी चंदा मांगने के लिए अधिकृत है। जब भाजपा, संघ और उसके अन्य किसी आनुषंगिक संगठन के चंदा मांगने की बात माननीय उच्चतम न्यायालय के फैसले में नहीं है तो फिर चंदा मांगने का अधिकार इन्हें कहां से मिला?


तमाम ऐसे सवाल हैं जो प्रदेश की जनता जानना चाहती है। उम्मीद ही नहीं विश्वास है कि डॉक्टर रमन सिंह “रामहित“ में ना सही “जनहित“ में पनामा से जुड़े हुए तमाम तथ्यों को सार्वजनिक करेंगे ताकि प्रदेश की जनता सच से रूबरू हो सके।

पटना के RHO दिनेश साहू को लगा पहला वैक्सीन, MLA डॉ विनय ने अपने हाथों से लगाई चिरिमिरी में वैक्सीन

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कोरिया / कोरिया जिले के पटना सेक्टर में पदस्थ आरएचओ दिनेश कुमार साहू को कोरिया जिले का पहला कोविशिल्ड टिका लगाया गया। बता दे दिनेश छिंदिया उप स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ है। उसके बाद चिरिमिरी शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डोमनहिल में स्वयं मनेंद्रगढ़ विधायक डॉ.विनय जायसवाल ने डॉक्टर जयंत यादव को वैक्सीन की पहली डोज दी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सुझाव पर छत्तीसगढ़ में भी अमल हुआ हैं।

गौरतलब हो कि कोरिया जिले के पटना स्वास्थ्य केंद में पदस्थ आरएचओ दिनेश कुमार साहू को कोविशिल्ड का पहला टिका लगाया गया। संसदीय सचिव अम्बिका सिंहदेव, कलेक्टर सत्य नारायण राठौड़, सीएमएचओ डॉ रामेश्वर शर्मा और काफी संख्या में स्वास्थ्य अमला और जनप्रतिनिधि इस दौरान मौके पर उपस्थित रहे।

उसके बाद मनेंद्रगढ़ विधायक डॉ.विनय जायसवाल ने स्वयं अपने हाथों से डॉक्टर जयंत यादव को कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लगाई। इस दौरान चिरमिरी के शहरी प्रथमिक स्वास्थ्य केंद्र डोमनहिल में डॉ एस कुजूर, डॉ.रोहन, प्रिंस जायसवाल सीएसपी पी पी सिंह सहित हॉस्पिटल स्टाप की उपस्थिति रहे।

वैक्सीन लगने के उपरांत संसदीय सचिव अम्बिका सिंहदेव, कलेक्टर सत्य नारायण राठौर, सीएमएचओ डॉ रामेश्वर शर्मा ने पटना सेक्टर में पदस्थ आरएचओ दिनेश कुमार साहू केे लिए तालियां बजा कर उनका उत्साह भी बढ़ाया और हाल चाल जाना।

मोटरसाइकिल बिक्री पर यहाँ लगा प्रतिबंध …

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बेमेतरा जिला मुख्यालय सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में टू व्हीलर बेचने वाले डीलरों पर जिला परिवहन अधिकारी ने बड़ी कार्यवाही करते हुए आगामी आदेश तक मोटरसाइकिल बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है।

दरअसल जिला परिवहन अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार समस्त वाहनों की बिक्री केंद्रीय मोटर अधिनियम 1988 केंद्रीय नियम 1989 व छत्तीसगढ़ मोटरयान नियम 1994 पर राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना के तहत किया जाना होता है लेकिन मोटरसाइकिल डीलरों के द्वारा वाहन 4 सॉफ्टवेयर आने के पश्चात कंपनी के द्वारा वाहन बेचने के लिए छत्तीसगढ़ मोटरयान नियम 1994 के नियम 184 का पालन नहीं किया और वाहन बेचने के लिये छत्तीसगढ़ शासन से अनुमति नही लिया गया है, जिसके तहत यह कार्यवाही करते हुए इनके वाहनों पर बिक्री में आगामी आदेश तक पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया गया है इतना ही नहीं इन को जारी किए गए आईडी को भी ब्लॉक कर दिया गया है जिसके चलते बेमेतरा जिले में वाहन की बिक्री पूरी तरह से बंद हो गई है

बंद पड़ी खदानें जल संरक्षण के स्रोतों के रूप में विकसित होंगी : मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने सभी कलेक्टरों से एक माह में कार्ययोजना बनाने को कहा

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‘मछली-पालन, बोटिंग, फ्लोटिंग रेस्टोरेंट जैसी आजीविका मूलक गतिविधियां प्रारंभ की जाएं’

‘मनरेगा, डीएमएफ, सीएसआर, पर्यावरण एवं अधोसंरचना मद सहित विभागीय योजनाओं की ली जाए मदद’

रायपुर / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सभी जिला कलेक्टरों को अपने जिलों में बंद हो चुकी खदानों को जल-संरक्षण स्रोतों के रूप में विकसित करने के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इन खदानों में विभिन्न रोजगारमूलक गतिविधियों के संचालन को भी कार्ययोजना में शामिल करने को कहा है।


मुख्यमंत्री श्री बघेल द्वारा कलेक्टरों को जारी निर्देश में कहा गया है कि जिलों में स्थित समस्त ‘उपेक्षित खनन स्थलों’ का चिन्हांकन कर उन्हें जल सरंक्षण स्त्रोत में परिवर्तित करने तथा आवश्यकतानुसार अन्य गतिविधियां आरम्भ करने की कार्ययोजना एक माह के अन्दर तैयार करें। इस कार्य में होने वाले व्यय की व्यवस्था नरेगा, डीएमएफ., सीएसआर, पर्यावरण एवं अधोसरंचना मद एवं अन्य विभागीय योजनाओं में उपलब्ध आबंटन से की जा सकती है। 

श्री बघेल ने कहा है कि राज्य में दशकों से कोयला, लौह अयस्क, बाक्साइट, डोलोमाइट, लाईम स्टोन, मुरूम, गिट्टी इत्यादी के खनन से इन खनिजों के अनेक भंडार समाप्त होने के कारण उन खनन स्थलों को उपेक्षित हालत में छोड़ दिया गया है। ऐसे उपेक्षित (Abandoned) खनन स्थलों में आये दिन दुर्घटनाएं हो रही है, जिनसे जान-माल का नुकसान हो रहा है। 

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने सूरजपुर जिले की केनापारा कोयला खदान का उल्लेख करते हुए कहा है कि वर्ष 1991से एसईएसएल द्वारा कोयले का भंडार समाप्त होने के कारण यहां कोयले का खनन बंद कर दिया गया था। जिला प्रशासन द्वारा एसईएसएल के सहयोग से इस उपेक्षित खनन स्थल का आवश्यक जीर्णोद्धार कर इसे जल संरक्षण के उत्कृष्ट स्त्रोत में परिवर्तित कर दिया गया। यहां बोंटिग, फ्लोटिंग रेस्टोरेंट की सुविधा उपलब्ध कराने तथा मत्स्य पालन जैसी गतिविधियां आरम्भ करने से आसपास के ग्रामीणों की आय वृद्धि के नये अवसर सृजित हुये हैं।

श्री बघेल ने सभी जिला कलेक्टरों से अपेक्षा व्यक्त की है कि 01 अप्रैल 2021 के पूर्व उनके जिलों में स्थित खनन स्थलों के जीर्णोद्धार का कार्य आरम्भ किया जाये तथा वर्षा ऋतु के पूर्व कार्य पूर्ण करने का प्रयास किया जाये ताकि वर्षा ऋतु में उन स्थलों पर जल संग्रहण आरम्भ हो सके।

रसोई गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों से महिला वर्ग परेशान – संजीव अग्रवाल

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रायपुर / आरटीआई कार्यकर्ता और काँग्रेस पार्टी के नेता संजीव अग्रवाल ने रसोई गैस सिलेंडर के दामों में वृद्धि और पेट्रोलियम पदार्थों की बढ़ती कीमतों पर चिंता जताते हुए कहा है कि आज देश में पेट्रोलियम पदार्थों की वृद्धि के कारण आम जनता के किचन का बजट बिगड़ चुका है। एक तरफ देश में आर्थिक मंदी छाई हुई है, दूसरी ओर कोरोनावायरस के देशव्यापी असर ने काम धंधा को पूर्ण रूप से चौपट कर दिया है। देश एक बड़ी विपत्ति का सामना कर रहा है। ऐसे में यह केंद्र सरकार की ज़िम्मेदारी बनती है कि आम लोगों को सीधे तौर पर आर्थिक लाभ पहुँचाया जाए जैसा बहुत से देशों में हुआ है और हाल ही में अमेरिका के नए राष्ट्रपति जो बाइडन ने भी किया है जिसके कारण वहां प्रत्येक व्यक्ति के खाते में लगभग ₹30000 जमा हुए हैं। लेकिन भारत में दृश्य कुछ और ही है। यहाँ पर आर्थिक सहायता के नाम पर केवल घोषणाएँ की जाती हैं जो बाद में जुमला साबित होती हैं।

संजीव अग्रवाल ने कहा कि यूपीए के शासनकाल में जब यही रसोई गैस का सिलेंडर लगभग ₹400 के करीब था तो भारतीय जनता पार्टी के नेता सड़क पर आकर छाती पीटते थे और तत्कालीन सरकार को पानी पी पी के कोसते थे और जनता के हितैषी बनने का झूठा आडंबर करते थे। लेकिन आज जब 6 साल से मोदी सरकार सत्ता में है तो भारतीय जनता पार्टी के लोग डीज़ल, पेट्रोल और रसोई गैस की बढ़ी हुई कीमतों को लेकर कोई टिप्पणी भी करना पसंद नहीं करते। आज उन्हें जनता का दुख दर्द समझ में नहीं आ रहा है। यही है भारतीय जनता पार्टी के असली चाल, चरित्र और चेहरे का आवरण। यह लोग केवल सत्ता के भूखे हैं और सत्ता पाने के लिए आम जनता को झूठे वादे करते हैं ताकि इनकी इनकी बातों में आकर जनता इन्हें वोट करें और यह सत्ता में बने रहें।

संजीव अग्रवाल ने कहा कि आज रसोई गैस की कीमत लगभग ₹800 के करीब पहुंच गई हैं। डीज़ल, पेट्रोल ₹90/लीटर के आसपास पहुंच गया है लेकिन मोदी सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंग रहा है, क्योंकि यह सरकार आम आदमी की सरकार नहीं है बल्कि यह सरकार पूंजीपतियों की सरकार है।

रमन सिंह में साहस है तो अपना और परिवार के सदस्यों का खाता सार्वजनिक करें, जिसमें न्याय-धान खरीद का पैसा आया – मरकाम

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प्रधानमंत्री से सवाल पूछने का हौसला दिखाएं कि छत्तीसगढ़ के साथ बारदाना देने में सौतेला व्यवहार क्यों? छत्तीसगढ़ में किसानों को बोनस देने में अड़ंगा क्यों ?

रायपुर / छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह अपनी खोई हुई ताकत और जमीन को हासिल करने की लचर कोशिश कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार उनकी 15 साल की नाकामियों से राज्य को उबारने की कोशिश कर रही है, तो यह गरीब व किसान विरोधी रमन सिंह और भाजपाइयों को रास नहीं आ रही है। वे लगातार जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री को यह बताना चाहिए कि राज्य की जिन कृषि योजनाओं का वे विरोध कर रहे हैं, उससे उन्हें खुद और उनके परिवार के लोगों को कितना लाभ हुआ है ? डॉ रमन सिंह में साहस है तो वे अपने और परिवार के सदस्यों का खाता सार्वजनिक करें, जिसमें न्याय योजना और धान खरीदी का पैसा पहुंचा है। रमन सिंह को खुद यह चुनौती को स्वीकार करनी चाहिए।


प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि डॉ रमन सिंह और उनकी पार्टी भाजपा का किसान विरोधी चेहरा सामने आ गया है। सिंघु बार्डर में पिछले 50 दिनों से कड़कड़ाती सर्दी में लाखों किसान डटे हुए हैं और भाजपा की केन्द्र सरकार तीनों काले कानूनों को अमल में लाने के लिए षडयंत्र कर रही है। दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ के मुखिया भूपेश बघेल सरकार बनने के पहले घंटे से किसानों की चिंता कर रहे हैं। उनके हर दिन की शुरुआत किसानों की चिंता से शुरु होती है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शपथ लेने के एक घंटे के भीतर किसानों और गांव की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए जो फैसले लिए हैं, उसका असर दिखने लगा है। रमन सिंह ने राज्य की आर्थिक और सामाजिक बुनियाद को खोखला कर दिया था। ये तमाम नाकामियां रमन सिंह के खाते में दर्ज हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल वहां से राज्य को उबारने की कोशिश कर रहे हैं, तो वे जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस ने कहा है कि रमन सिंह शक्ति-क्षीण नेता हो गए हैं, अन्यथा वे हौसले के साथ देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से सवाल करते कि छत्तीसगढ़ के साथ बारदाना देने में सौतेला व्यवहार क्यों? छत्तीसगढ़ में किसानों को बोनस देने में अड़ंगे क्यों लगाए जा रहे हैं?

सेल्फ सपोर्टेड रूफिंग सिस्टम से बनेंगे स्टेट वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन के नए गोदाम : वोरा

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रायपुर / स्टेट वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन के नए बनने वाले गोदामों को ट्रसलेस (सेल्फ सपोर्टेड रूफिंग) तकनीक से बनाने की तैयारी हो रही है। तिफरा में सेंट्रल वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन के गोडाउन को इसी तकनीक से बनाया गया है। अब स्टेट वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन के गोदामों को भी इसी तकनीक से बनाने पर विचार किया जा रहा है।


स्टेट वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन के चेयरमेन अरूण वोरा ने बताया कि भविष्य में बनने वाले स्टेट वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन के सभी गोडाउन ट्रशलेस तकनीक से बनाने के प्रस्ताव पर विचार चल रहा है। कार्पोरेशन की टीम ने तिफरा में सेंट्रल वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन के गोडाउन का निरीक्षण करने के बाद इसकी रिपोर्ट सौंपी है। रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद ट्रशलेस तकनीक से गोडाउन निर्माण करने के प्रस्ताव पर शीघ्र निर्णय लिया जाएगा।


आपको बता दें कि वेयर हाउसिंग के गोदामों में अनाज और चावल को खराब होने से बचाने और सुरक्षित भंडारण के लिए अमेरिकन कंपनी की गेल वैल्यूम शीट्स लगाने की तकनीक काफी बेहतर मानी जा रही है। इस तकनीक से अनाज के भंडारण के दौरान होने वाले नुकसान में कमी आएगी। साधारण गोदामों की तुलना में ट्रशलेस गोडाउन में अधिक भंडारण किया जा सकता है।
अनाज भंडारण गोदामों को कवर करने के लिए छतों पर लगाई गई गेल वैल्यूम शीट को केंद्रीय एजेंसियों भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) और केंद्रीय भंडारण निगम (सीडब्ल्यूसी) द्वारा काफी सराहना की गई है। मई 2013 में एफसीआई ने नए बनने वाले गोदामों के लिए इसी शीट्स को लगाने कहा है। इसे देखते हुए अब छत्तीसगढ़ स्टेट वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन ने भी इसी तकनीक से गोडाउन का निर्माण करने की तैयारी शुरू कर दी है।


सेल्फ सपोर्टेड रूफिंग से होते हैं ये फायदे
साधारण गोडाउन में वॉशर खराब होने पर बारिश का पानी जे बोल्ट के माध्यम से लीक होता है। धूल भी गोडाउन में प्रवेश करती है। गोडाउन के भीतर जमा होने लगती है। पक्षी भी गोडाउन के भीतर घोसला बनाते हैं। जबकि ट्रसलेस गोडाउन रखरखाव मुक्त होते हैं। गोडाउन के भीतर रखी वस्तुओं को बेहतर सुरक्षा प्रदान करते हैं। अज्वलनशील होने के साथ ही आग और तूफान जैसी प्राकृतिक आपदा से निपटने में ये ज्यादा सहायक होते हैं।

अगर सरकार नहीं करेंगी WHATSAPP के खिलाफ कार्रवाई, तो CAIT करेगा कोर्ट का रुख

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रायपुर / कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के प्रदेश अध्यक्ष अमर परवानी,कार्यकारी अध्यक्ष मंगेलाल मालू, विक्रम सिंहदेव, महामंत्री जितेंद्र दोषी, कार्यकारी महामंत्री परमानंद जैन, कोषाध्यक्ष अजय अग्रवाल ने बताया की व्हाट्सप्प की नई निजता नीति के खिलाफ एक बार दोबारा हल्ला बोलते हुए कॉन्फेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने आज फिर केंद्रीय आई टी मंत्री रवि शंकर प्रसाद को भेजे एक पत्र में व्हाट्सएप, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर आरोप लगाते हुए कि यह निजता के गंभीर उल्लंघन और भारत के 40 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ताओं के विश्वास को खंडित करने का बड़ा अपराध और इसलिए इन पर कार्रवाई तुरंत जरूरी है । कैट ने कहा की कैट की शिकायतों के जवाब में व्हाट्सअप ने मीडिया में विज्ञापन देकर इस मामले पर सफाई देने की कोशिह की है जो निहायत ही आधारहीन है और जिसमें कैट द्वारा उठाये गए तथ्यों के विषय में कुछ नहीं कहा गया है, इससे साफ जाहिर होता है की दाल में कुछ काला अवश्य है।


कैट ने आज केंद्रीय मंत्री श्री रवि शंकर प्रसाद से मांग की है की सबसे पहले केंद्र सरकार व्हाट्सप्प को नई नीति को 8 फरवरी से लागू न करने का निर्देश दे एवं उसके बाद देश में इन तीनों सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की तत्काल गहन तकनीकी ऑडिट कराये। क्योंकि इन तीनों सोशल मीडिया प्लेटफार्म का स्वामित्व एक कम्पनी के पास है इस दृष्टि से यह देखा जाना जरूरी है की इन तीनों के बीच किस प्रकार डाटा अब तक साझा किया गया है और उसका क्या उपयोग हुआ है। कैट ने यह भी मांग की है की अब तक इन्होने जो डाटा देश के नागरिकों से लिया है वो भारत में ही सुरक्षित है या फिर किसी अन्य देश में चला गया है, यह भी जांच में देखा जाए। डाटा पूरे देश की सुरक्षा, गोपनीयता, स्वतंत्रता और अखंडता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता।

कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी ने इस मुद्दे पर व्हाट्सअप की कड़ी आलोचना करते हुए कहा की देश के लोगों के अधिक से अधिक डेटा प्राप्त करने की मंशा में, व्हाट्सएप 8 फरवरी से अपनी नई गोपनीयता नीति लॉन्च करने के लिए तैयार है और उपयोगकर्ताओं की जबरन सहमति प्राप्त कर रहा है जो असंवैधानिक है, कानून का उल्लंघन है और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है।

केंद्रीय आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद को 10 जनवरी को अपना पहला शिकायत पत्र भेजने के बाद, आज दोबारा अपने पत्र में श्री प्रसाद से कहा है की व्हाट्सएप देश के नागरिको के मौलिक अधिकारों ला खुला अतिक्रमण कर रहा है। “अपनी नई उपयोगकर्ता नीति को अपडेट करके, व्हाट्सएप ने न केवल किसी व्यक्ति की निजता के अधिकार के बुनियादी सिद्धांतों को चुनौती दी है, बल्कि इसने प्रत्येक नागरिक को बेईमान डिजिटल कंपनियों की झूठी, बेईमानी और चकाचैंध से भरी दुनिया का आदी बना दिया है जिसके कारण लोगों की निजी जिंदगी में भी व्हाट्सअप बड़े पैमाने पर घुस गया है।व्हाट्सएप की प्रस्तावित नई नीति स्वतंत्रता एवं जीवन के मौलिक अधिकार के साथ-साथ व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर भी एक बड़ा कुठाराघात है।

उपाध्यक्ष पारवानी ने कहा कि यह एक अजीबोगरीब स्थिति है, जहां भारतीय अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रही विदेशी कंपनियां अर्थव्यवस्था से जुड़े हर क्षेत्र में हर सूरत में भारत के लोगों का डेटा प्राप्त करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही हैं। यह स्पष्ट है की यह कंपनियां भारत में कोई धर्मादा करने केलिए नहीं बल्कि उस डेटा को दूसरे देश में स्थानांतरित करके बड़ा धन कमाने की कुटिल नीति पर काम कर रही हैं। न केवल सोशल मीडिया के क्षेत्र में बल्कि ई-कॉमर्स व्यापार में भी यही कुछ हो रहा है और इस विषय पर सरकार की कोई स्पष्ट नीति के न होने तथा कोई भी रेगुलेटरी अथॉरिटी के अभाव में,इन बहुराष्ट्रीय कंपनियों को भारत के कानूनों को चकमा देना आसान लगता है। कैट के झंडे के नीचे देश भर के कारोबारी समुदाय ने किसी भी कीमत पर बहुराष्ट्रीय कंपनियों के इस भयावह खेल को नाकाम करने के लिए अपने आपको तैयार कर लिया है और अगर जरूरत पड़ी तो इन बहुराष्ट्रीय कंपनियों के मनमाने रवैय्ये एवं नीतियों के खिलाफ कैट न्यायालय जाने में भी पीछे नहीं हटेगा। या तो यह कंपनियां देश के कानूनों का अक्षरशः पालन करेंगी या फिर इन्हे भारत छोड़ कर जाना होगा।


श्री पारवानी ने कहा की जब व्हाट्सएप को वर्ष 2009 में लॉन्च किया गया था, तो उन्होंने गोपनीयता के अपने उच्च मानकों की कसम खाई थी और यह कहकर आश्वासन दिया था कि ष्सबसे पहले, हम ये समझ ले कि हमने न किया है और न ही कभी आपकी व्यक्तिगत जानकारी किसी को बेचेंगेष् श्री पारवानी ने सवाल करते हुए कहा अब उस उच्च मानक और नैतिक आधार का क्या हुआ? लोगों का विश्वास हासिल करने के बाद वे सब कुछ भूल गए हैं और दिन के भर उजाले में लाखों उपयोगकर्ताओं द्वारा उन पर किये गए विश्वास का खुलेआम हनन कर रहे हैं। यह एक तरह से लोगों के विश्वास पर डकैती है।


श्री पारवानी ने बताया की इसी विवादास्पद नीति को जारी रखने के लिए यूरोपीय संघ में अपने प्रयास में विफल होने के बाद फेसबुक ने अब भारत को एक नया लक्ष्य बनाया है। वर्ष 2017 में इसी नीति के लिए फेसबुक को यूरोपीय संघ के एंटी-ट्रस्ट अथॉरिटी के गुस्से का सामना करना पड़ा था, जिसने न केवल फेसबुक पर प्रतिबंध लगा दिया था, बल्कि फेसबुक पर 110 मिलियन यूरो डॉलर का जुर्माना भी लगाया था जिससे यह स्पष्ट होता है ये बहुराष्ट्रीय कंपनियां देश की संप्रभु संपत्ति के शोषण के लिए आदतन अपराधी हैं जहां वे कानूनी या अवैध तरीकों से व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन कर रही हैं। लेकिन भारत में इन कंपनियों का यह खतरनाक खेल किसी भी हालत में चलने नहीं दिया जाएगा।

23 को राज्यपाल को ज्ञापन, 26 को किसान गणतंत्र परेड में शामिल होंगे सैकड़ों लोग : छत्तीसगढ़ किसान आंदोलन

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रायपुर / अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति और संयुक्त किसान मोर्चा के देशव्यापी आह्वान पर छत्तीसगढ़ किसान आंदोलन से जुड़े घटक संगठन 23 जनवरी को ब्लॉक और जिला स्तर पर राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपेंगे और 26 जनवरी को दिल्ली में होने वाली किसान गणतंत्र परेड में शामिल होंगे।

छत्तीसगढ़ किसान सभा ने दूसरे संगठनों के साथ मिलकर यहां प्रदेश में भी 26 जनवरी को ब्लॉक स्तर पर किसान गणतंत्र परेड आयोजित करने की घोषणा की है। यह निर्णय छत्तीसगढ़ किसान आंदोलन की एक बैठक में लिया गया। बैठक में किसान आंदोलन के संयोजक सुदेश टीकम, आलोक शुक्ला, नंद कश्यप, आनंद मिश्रा, संजय पराते, रमाकांत बंजारे, दीपक साहू , घनश्याम वर्मा सहित विभिन्न किसान संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

बैठक के बाद जारी एक बयान में छत्तीसगढ़ किसान आंदोलन के नेताओं ने कहा है कि हमारे देश के किसान न केवल अपने जीवन-अस्तित्व और खेती-किसानी को बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं, बल्कि वे देश की खाद्यान्न सुरक्षा, सार्वजनिक वितरण प्रणाली तथा संप्रभुता की रक्षा के लिए भी लड़ रहे हैं। उनका संघर्ष उस समूची अर्थव्यवस्था के कारपोरेटीकरण के खिलाफ भी हैं, जो नागरिकों के अधिकारों और उनकी आजीविका को तबाह कर देगा। इसीलिए देश का किसान आंदोलन इन काले कानूनों की वापसी के लिए खंदक की लड़ाई लड़ रहा है और अपनी अटूट एकता के बल पर इस आंदोलन को तोड़ने की सरकार की सजिशों को मात दे रहा है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार को यह समझना होगा कि देश की संप्रभुता किसी सरकार या सुप्रीम कोर्ट में नहीं, बल्कि आम जनता में निहित है, जिसे संविधान में ‘हम भारत के लोग’ के जरिये अभिव्यक्त किया गया है। अब यह स्पष्ट है कि इस देश का जन मानस इन काले कानूनों के खिलाफ है और किसी अहंकार का प्रदर्शन किए बिना सरकार को इसका सम्मान करना चाहिए।

किसान आंदोलन के नेताओं ने बताया कि 23 जनवरी को जगह-जगह अधिकारियों को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपे जाएंगे। इस ज्ञापन में इन किसान विरोधी काले कानूनों को वापस लेने के साथ ही सी-2 लागत का डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित करने का कानून बनाने, इस मूल्य पर सभी फसलों का खरीदना सुनिश्चित करने व इसका उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्ति को जेल भेजने की मांग की जाएगी। इसी दिन सैकड़ों किसान और ग्रामीण जन दिल्ली कूच करेंगे और 26 जनवरी को किसान गणतंत्र परेड का हिस्सा बनकर दिल्ली में प्रवेश करेंगे। उन्होंने बताया कि 30 जनवरी महात्मा गांधी की शहादत दिवस से पूरे प्रदेश में इन कानूनों के खिलाफ जनजागरण अभियान भी शुरू किया जाएगा।

डीडी नगर में विशाल नि:शुल्क नेत्र एवं स्त्री रोग परीक्षण शिविर का आयोजन

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00 17 जनवरी दिन रविवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में लगेगा यह शिविर।


रायपुर / अल्पकालीन समय में ही अपनी विशिष्ट पहचान बनाकर समाज सेवा के क्षेत्र में सतत् उत्कृष्ट कार्य करने वाली अग्रशील सामाजिक संस्था समग्र ब्राह्मण परिषद् एक बार पुनः समाज सेवा की दिशा में अपना योगदान देने जा रही है। संस्था के ज़िला रायपुर इकाई के तत्वावधान में विशाल निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जा रहा ।


जिसमें सर्वसमाज के लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। उक्त आयोजन में नेत्र परीक्षण, स्त्री रोग, शुगर व ब्लड प्रेशर की जाँच किए जाने के साथ ही पेशेंट को उचित परामर्श भी दिया जाएगा जिससे लोगों में इन बीमारियों के प्रति जागरूकता बढ़ेगी । सामान्य दिखने वाली इन बीमारियों की गंभीरता के बारे में जानकारी होना आवश्यक है वर्ना भविष्य में इनके परिणाम घातक सिद्ध होते हैं. इसी परिप्रेक्ष्य में संस्था द्वारा आयोजित इस शिविर में सभी वर्गों के लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाना आपेक्षित है। समग्र ब्राह्मण परिषद् के माध्यम से इस मानवीय सेवा में फाफाडीह एवँ न्यू राजेन्द्र नगर स्थित साईं बाबा नेत्र चिकित्सालय तथा महिला चिकित्सालय के स्वास्थ्य विशेषज्ञों का सहयोग लिया जा रहा है ।


संगठन के अजय पाठक ने बताया कि इस निः शुल्क शिविर का आयोजन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सेक्टर 2 डी डी नगर रायपुर में 17 जनवरी 2021 दिन रविवार को प्रातः 10.30 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक किया जा रहा है।

                                        *आयोजक*
                  
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