कर्नाटक में मंत्रिमंडल फेरबदल के लिए कांग्रेस, जद (एस) के मंत्रियों ने इस्तीफे दिये

कर्नाटक / (भाषा) कर्नाटक की जद (एस)-कांग्रेस गठबंधन सरकार के 13 विधायकों के इस्तीफे से संकट में फंसी राज्य सरकार को बचाने के प्रयास के तहत मंत्रिमंडल में फेरबदल करने और असंतुष्ट विधायकों को उसमें जगह देने का मार्ग प्रशस्त करने के लिए दोनों पार्टियों के मंत्रियों ने सोमवार को ‘‘स्वेच्छा’’ से इस्तीफे दे दिये है।

उपमुख्यमंत्री जी परमेश्वर के निवास पर यहां हुई बैठक में कांग्रेस मंत्रियों के इस्तीफा दिये जाने का निर्णय लेने के बाद मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी ने राष्ट्रीय पार्टी के नेताओं से मुलाकात की और इसके बाद जद (एस) के मंत्रियों ने भी इस्तीफे दे दिये जिससे मंत्रिमंडल में फेरबदल का मार्ग प्रशस्त हो गया।

परमेश्वर के आवास पर नाश्ते पर बैठक के बाद कुमारस्वामी ने कांग्रेस के नेताओं के साथ विचार-विमर्श किया।

कांग्रेस के सभी 21 मंत्रियों और जद (एस) के नौ मंत्रियों ने 13 वर्ष पुरानी गठबंधन सरकार से अपने इस्तीफे सौंपे।

दो दिन पहले 13 विधायकों- कांग्रेस के दस और जद (एस) के तीन विधायकों के विधानसभा की सदस्यता से अपने इस्तीफे सौंपे जाने के बाद यह निर्णय लिया गया। विधायकों के विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफों से राज्य सरकार गंभीर संकट में आ गई। जिन 13 विधायकों ने इस्तीफा दिये है, वे मुम्बई के एक होटल में ठहरे हुए हैं।

राज्य में गठबंधन सरकार के सहयोगी कांग्रेस के 21 मंत्रियों के मंत्रिमंडल से इस्तीफे के तुरन्त बाद जद (एस) के मंत्रियों ने इस्तीफे दिये।

मुख्यमंत्री कार्यालय ने ट्विटर पर बताया, ‘‘जद (एस) के सभी मंत्रियों ने भी कांग्रेस के 21 मंत्रियों की तरह इस्तीफे दे दिये हैं। मंत्रिमंडल में जल्द ही फेरबदल होगा।’’

नाश्ते पर हुई बैठक के बाद कांग्रेस महासचिव के. सी. वेणुगोपाल ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘ पार्टी के व्यापक हित में रविवार और सोमवार को हमने वरिष्ठ नेताओं और मंत्रियों के साथ विस्तृत चर्चा की। आज सुबह हमने मंत्रियों के साथ बैठक की। जहां तक कांग्रेस मंत्रियों की बात है तो वर्तमान स्थिति में उन्होंने स्वेच्छा से मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया।’’

वेणुगोपाल ने कहा, ‘‘ उन्होंने वर्तमान परिदृश्य में इन मुद्दों के समाधान के लिए मंत्रिमंडल में फेरबदल पर जरूरी फैसला करने का जिम्मा कांग्रेस पार्टी पर छोड़ दिया है। मैं मंत्रियों को बहुत-बहुत धन्यवाद देता हूं।’’

पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने कहा कि सभी कांग्रेस मंत्रियों ने स्वेच्छा से इस्तीफा दे दिया है और पार्टी को मंत्रिमंडल में फेरबदल करने की ‘‘पूरी आजादी’’ दे दी है।

गठबंधन में 34 मंत्री पदों में से कांग्रेस और जद (एस) के पास क्रमश: 22 और 12 मंत्री पद थे।

वेणुगोपाल ने कहा है कि पार्टी हर चीज पर चर्चा के लिए तैयार है और जिन विधायकों ने इस्तीफे दिये है, उन्हें लौट आना चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘ हमें विश्वास है कि वे लौटेंगे।’’

उन्होंने कहा कि कांग्रेस मजबूती से इस स्थिति का मुकाबला करेगी और ‘‘हमें कर्नाटक में पार्टी की ताकत में दृढ़ विश्वास है और हमें यह भी भरोसा है कि यह सरकार टिकेगी।’’

भाजपा पर सरकार को अस्थिर करने का आरोप लगाते हुए वेणुगोपाल ने कहा, ‘‘यह छठी बार है कि भाजपा ने राज्य में गठबंधन सरकार को अस्थिर करने का प्रयत्न किया है। वह पहले पांच बार प्रयास कर चुकी है लेकिन वह बुरी तरह विफल रही। इस बार भी वह विफल रहेगी। वह सरकार अस्थिर करने के लिए सत्ता और केंद्रीय एजेंसियों का उपयोग कर रही है।’’

सिद्धरमैया ने भी भाजपा पर गठबंधन विधायकों को लुभाने का आरोप लगाते हुए कहा कि भगवा पार्टी सरकार को अस्थिर करने का प्रयास कर रही है।

उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल में फेरबदल पात्रता, सामाजिक न्याय और क्षेत्रीय संतुलन के आधार पर किया जायेगा।

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