नए पाकिस्तान को आतंकवाद के खिलाफ नयी कार्रवाई करनी चाहिए : भारत

नयी दिल्ली (भाषा) भारत ने शनिवार को कहा कि पाकिस्तान को लेकर अब कोई भी राय महज उनके शब्दों पर आधारित नहीं होगी बल्कि उसकी सरजमीं पर सक्रिय आतंकवादी संगठनों के खात्मे को लेकर उठाए गए उसके कदमों पर कायम की जाएगी। उन्होंने कहा कि बालाकोट में जैश ए मोहम्मद के आतंकवादी प्रशिक्षण शिविर पर किए गए असैन्य कार्रवाई में वांछित लक्ष्य हासिल हुआ था।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि अगर पाकिस्तान ‘‘नई सोच’’ के साथ ‘‘नया पाकिस्तान’’ बनाने का दावा करता है तो उसे अपनी सरजमीं पर बेखौफ सक्रिय आतंकवादी संगठनों के खिलाफ भी ‘‘नई कार्रवाई’’ करनी चाहिए।

विदेश मंत्रालय का बयान पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के उस बयान के एक दिन बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि वह पाकिस्तान की जमीन का इस्तेमाल दूसरे देशों के खिलाफ आतंकवाद के लिए नहीं होने देगा। खान यह कहते रहे हैं कि उनके नेतृत्व में ‘‘नया पाकिस्तान’’ एक नए सफर की शुरुआत कर रहा है। कुमार ने कहा कि पाकिस्तान ने अलग-अलग आतंकवादी हमलों के बाद ऐसा ही बयान दिया है और अब इस्लामाबाद को ठोस कार्रवाई करनी होगी और उसकी सरजमीं पर सक्रिय आतंकवादी संगठनों पर लगाम कसनी होगी। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इसकी उम्मीद कर रहा है।

कुमार ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि हम पाकिस्तान को शब्दों से परे विश्वसनीय, सत्यापित और निरंतर कार्रवाई करने को मजबूर करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को मनाने की अपनी प्रतिबद्धता पर कायम रहेंगे। हमने हमेशा ऐसा किया है और आगे भी हम जिम्मेदारी से और समझदारी से कदम उठाते रहेंगे। पाकिस्तान में आतंकवादी शिविरों की व्यापक उपस्थिति के बारे में सबको पता है और भारत तथा अंतरराष्ट्रीय समुदाय द्वारा बार-बार ऐसे समूहों के खिलाफ कार्रवाई करने के अनुरोध को पाकिस्तान ने हर बार ‘‘ठुकराया” है।
उन्होंने कहा, ‘‘ 2004 में पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति ने सार्वजनिक तौर पर कहा था कि वे अपने नियंत्रण में किसी भी क्षेत्र को आतंकवादी गतिविधि के लिए इस्तेमाल नहीं होने देंगे।’’ लेकिन आज तक, पाकिस्तान जैश-ए-मोहम्मद और अन्य आतंकवादी संगठनों के खिलाफ कोई भी कदम उठाने में विफल रहा है, जो पाकिस्तान की जमीन पर बेखौफ सक्रिय हैं। पाकिस्तान को लेकर अब कोई भी राय उनके शब्दों के आधार पर नहीं बल्कि उसकी सरजमीं पर सक्रिय आतंकवादी संगठनों के खात्मे को लेकर उठाए गए उसके कदमों पर कायम की जाएगी।

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में 14 फरवरी को हुए आतंकवादी हमले के बाद से ही दोनों परमाणु सम्पन्न देशों के बीच तनाव बढ़ गया है। इसके जवाब में भारत ने 26 फरवरी को पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के प्रशिक्षण शिविर पर हवाई हमला किया था। इसके अगले ही दिन पाकिस्तान ने भारतीय प्रतिष्ठानों पर हमला करने की असफल कोशिश की थी।

गौरतलब है कि पाकिस्तान में सक्रिय आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने पुलवामा आतंकवादी हमले की जिम्मेदारी ली थी। कुमार ने बालाकोट हवाई हमले पर कहा, ‘‘26 फरवरी को असैन्य (किसी सैनिक ठिकाने और नागरिक क्षेत्र को निशाना न बनाने) आतंकवाद-निरोधी कार्रवाई वांछित उद्देश्य प्राप्त करने में सफल रही। इससे पता चलता है कि हम सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने को प्रतिबद्ध हैं।’’ पाकिस्तान का पत्रकारों को बालाकोट में हवाई हमले के स्थल पर जाने की अनुमति ना देना दिखाता है कि ‘‘ छुपाने को बहुत कुछ है।’’  जबकि, शुरुआत में उसने डींग मारते हुए कहा था कि यहां सब कुछ खुला है, आईए और देखिए। हम पूरी तरह आश्वस्त हैं कि बालाकोट पर कार्रवाई सफल रही और हम वांछित उद्देश्य प्राप्त करने में सफल रहे।

पाकिस्तान के जवाबी हमला करने पर उन्होंने कहा कि अपनी सरमजीं पर आतंकवादी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय इस्लामाबाद ने भारतीय हवाई क्षेत्र का उल्लंघन कर सैन्य प्रतिष्ठानों को लक्षित करने का असफल प्रयास कर “आक्रामकता की कार्रवाई” करने का रास्ता चुना। पाकिस्तान पर उस दिन की घटनाओं के “झूठे आख्यान” का प्रचार करने का आरोप लगाया, जिस दिन पाकिस्तानी विमानों ने भारतीय सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने का असफल प्रयास किया था। हवाई झड़प में भारत ने मिग 21 बाइसन विमान को खो दिया था और उसके पायलट विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान को पाकिस्तान में हिरासत में ले लिया गया था। पाकिस्तान ने इस दौरान भारत के दो विमान गिराने का दावा करने के साथ ही एफ16 विमान का इस्तेमाल ना करने की बात कही थी। ‘‘ हमने केवल एक विमान ही खोया। अगर पाकिस्तान के पास भारत का दूसरा विमान गिराने के सबूत हैं, जैसा कि वह दावा करता है तो उसने इतने सप्ताह बाद भी इसे अंतरराष्ट्रीय मीडिया से साझा क्यों नहीं किया? ’’

उन्होंने कहा, ‘‘उनसे सवाल पूछा जाना चाहिए कि विमान का मलबा कहां है और पायलटों के साथ क्या हुआ है? जैसा कि हमने पहले भी कहा है कि भारतीय वायुसेना के विमान मिग 21 बाइसन के पायलट विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान ने पाकिस्तानी वायुसेना के एक एफ-16 लड़ाकू विमान को मार गिराने के चश्मदीद गवाह और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य मौजूद हैं।’’
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान इस बात का जवाब दे कि वह एफ16 को खोने की बात से इनकार क्यों कर रहा है। हमने अमेरिका से भी इसकी जांच करने को कहा है कि क्या भारत के खिलाफ एफ16 का उपयोग बिक्री के नियमों और शर्तों के अनुसार है या नहीं। कुमार ने कहा कि भारत के सशस्त्र बल कड़ी चौकसी बनाए रखते हैं और राष्ट्र और उसके नागरिकों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे।

पाकिस्तान द्वारा लगातार इनकार करने पर उन्होंने कहा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पाकिस्तान अब भी पुलवामा हमले को जैश-ए-मोहम्मद द्वारा अंजाम दिए जाने की बात को नकार रहा है जबकि स्वयं इस आतंकवादी संगठन ने इसकी जिम्मेदारी ली है।’’ विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने मार्च में पाकिस्तान के विदेश मंत्री के बीबीसी को दिए उस साक्षात्कार का जिक्र किया जिसमें उन्होंने पुलवामा हमले की जिम्मेदारी जैश-ए-मोहम्मद द्वारा लिए जाने के बारे ‘‘कुछ संशय’’ की बात की है। क्या पाकिस्तान जैश-ए-मोहम्मद का बचाव कर रहा है और उसके प्रवक्ता की तरह काम कर रहा है? क्या पाकिस्तान के दावे की कोई विश्वसनीयता है?’’ उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने मीडिया को दिए साक्षात्कारों में पाकिस्तान में जैश की मौजूदगी की बात स्वीकारी थी, लेकिन पाकिस्तानी सशस्त्र बलों के प्रवक्ता ने देश में आतंकवादी संगठन की उपस्थिति से खुलकर इनकार किया है।

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