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प्रदेश में कोचियाबंदी को मिली अच्छी सफलता – अमर अग्रवाल, शासन द्वारा टोल फ्री नम्बर 14405 जारी, प्रदेश की सभी शराब दुकानों में लगेंगे15 जून तक CCTV कैमरे, लापरवाही के आरोप में तीन आबकारी उपनिरीक्षक निलंबित

रायपुर / वाणिज्यिक कर (आबकारी) मंत्री अमर अग्रवाल ने आज यहां आबकारी भवन में विभागीय काम-काज की समीक्षा की। उन्होंने कहा- मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में राज्य शासन द्वारा छत्तीसगढ़ में कोचियों पर पूरी तरह नकेल कसी जा चुकी है और अवैध शराब बेचने वालों के विरूद्ध जीरो टॉलरेंस का अभियान चलाया जा रहा है। कोचिया बंदी को राज्य में अच्छी सफलता मिली है। श्री अग्रवाल ने बैठक में एक टोल फ्री नम्बर 14405 भी जारी किया, जिसमें आम नागरिक अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ अपनी शिकायतें  और सूचनाएं दर्ज करवा सकेंगे। उनकी शिकायतों और सूचनाओं के आधार पर विभाग द्वारा तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
श्री अमर अग्रवाल ने कहा- टोल फ्री नम्बर पर शिकायतकर्ताओं और सूचना देने वालों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। लोग इस टोल फ्री नम्बर में शराब दुकानों के निर्धारित समय से पहले खुलने और निर्धारित समय के बाद भी खुले रहने, निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर शराब की बिक्री के बारे में भी अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।
बैठक में वाणिज्यिकर मंत्री ने जिला आबकारी अधिकारियों को सभी जिलों की शराब दुकानों में 15 जून तक सी.सी.टी.व्ही कैमरे अनिवार्य रूप से लगवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही कम्पयूटर, स्केनर, प्रिन्टर आदि उपकरणों की व्यवस्था भी वहां अनिवार्य रूप से की जाए। आबकारी आयुक्त श्री अशोक कुमार अग्रवाल  सहित बैठक में प्रदेश के सभी जिला आबकारी अधिकारी, आई.सी.आई.सी.आई बैंक,एस.बी.आई, एक्सिस बैक आदि के अधिकारी भी उपस्थित थे।
श्री अग्रवाल ने कहा- देशी और विदेशी शराब  की बोतलों की टूट-फूट का पंचनामा प्रतिवेदन प्रतिदिन के हिसाब से तैयार किया जाए। इसके अलावा परिवहन में हुई टूट-फूट तथा मदिरा की गुणवत्ता के दोष का पंचनामा प्रतिवेदन भी अलग से संधारित किया जाए। शराब बिक्री की राशि का संग्रहण बैंक अथवा पुलिस स्टेशन ( उस स्थिति में जहां पर बैंक द्वारा राशि संग्रहण की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पायी है) के अलावा किसी और स्थान पर संग्रहण नही किया जाए।

श्री अमर अग्रवाल ने शराब बिक्री की राशि को किसी और उद्देश्य के लिए खर्च नहीं किया जाए । सभी देशी और विदेशी मदिरा दुकानों में रजिस्टर भी अनिवार्य रूप से रखे जाएं और उनमें बिक्री का विवरण दर्ज किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आबकारी नीति के अन्तर्गत जारी किए गए आदेशों/निर्देशा एवं नियमों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाए । इस संबंध में पूर्व में भी विभाग द्वारा निर्देश जारी किए गए है। खाली गत्ता (काटून) और खाली शीशी (बोतल) की नियमानुसार ब्रिकी करने के निर्देश दिए। उन्होनंे कहा कि ऐसी शिकायत मिली है कि अम्बिकापुर और बस्तर के कुछ जिलो में अवैध शराब बहार से आ रही है। इसी छापामार दस्ते को और अधिक सक्रिय होकर छापेमारी करें। जिला आबकारी अधिकारी भी इस संबंध में ठोस कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि यह ध्यान रखा जाए कि बेवजह किसी को तंग या परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि नई मदिरा दर के संबध में दुकान के बाहर प्लेक्स लगाकर दूर सूची लगायी जाए। श्री अग्रवाल ने सभी आबकारी जिला अधिकारियों से देशी और विदेशी मदिरा की बिक्री के बारे में जानकारी ली।
आबकारी मंत्री के निर्देश पर विभाग के तीन उपनिरीक्षक निलंबित – 
बैठक में वाणिज्यिक-कर (आबकारी) मंत्री अमर अग्रवाल ने अपने विभाग के तीन आबकारी उपनिरीक्षकों के विरूद्ध प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लिया और उनके खिलाफ निलम्बन की कार्रवाई के निर्देश दिए। उनके निर्देश पर आबकारी आयुक्त श्री अशोक अग्रवाल ने तत्काल तीनों उपनिरीक्षकों का निलंबन आदेश भी जारी कर दिया। अलग-अलग जारी निलंबन आदेशों में सरगुजा जिले के उपनिरीक्षक छविलाल पटेल और सरगुजा में ही कार्यरत उपनिरीक्षक श्रीमती पूनम सिंह और धमतरी जिले में पदस्थ श्रीमती सुशीला साहू पर कर्त्तव्य के प्रति लापरवाही बरतने और मुख्यालय से अनुपस्थित रहने के कारण राजस्व के नुकसान होने का आरोप लगाया गया है। निलंबन की यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 और छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण और अपील) नियम 1966 के प्रावधानों के तहत की गई है। निलंबन अवधि में सरगुजा जिले के आबकारी उपनिरीक्षक श्री छविलाल पटेल को जशपुर स्थित जिला आबकारी कार्यालय से, श्रीमती पूनम सिंह को जिला आबकारी कार्यालय कोरिया और श्रीमती सुशीला साहू को जिला आबकारी कार्यालय गरियाबंद में संलग्न किया गया है।

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