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बालगृह के बालक ने रचा इतिहास, देश में 3रा व छत्तीसगढ़ को पहला कास्य पदक दिलाया…

कोरिया / वैसे तो कोरिया के बच्चो ने हमेशा अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है लेकिन इस बार बालगृह में रहने वाले बच्चों ने कमाल ही कर दिया।

बता दे कि महिला एवं बाल विकाश विभाग द्वारा संचालित जिले में एक मात्र बालगृह mssvp बालक जिसमे विशेष देख रेख बाले बच्चे निवास करते है।

14 वर्षीय बालक जो क्लास 8 में पढता है आज उसने एक नया कीर्तिमान रचा है बालक ने पहले संभाग स्तर पर फिर राज्य स्तर पर और अब राष्ट्रीय स्तर पर पहला स्थान प्राप्त कर अपनी प्रतिभा दिखाई है। बालक आकर्षित (परिवर्तित नाम) ने हौसला कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ को कास्य पदक शतरंज में दिलाया।

गौरतलब हो की एकीकृत बाल सरक्षण योजना अंतर्गत पुरे देश में केंद्र शासन एवं राज्य शासन द्वारा संयुक्त रूप से बालगृह की स्थापना की गई है। जिसे राज्य सरकार एनजिओ के माध्यम से संचालित करता है। जिसमे विशेष देख रेख वाले बच्चे निवास करते हैं। जिनके लिए भारत सरकार प्रति वर्ष हौसला कार्यक्रम का आयोजन करती है जिसमे पुरे देश से बच्चे शामिल होते है।

इसी तारतम्य में कोरिया में एक मात्र बालगृह बालक बैकुंठपुर के वार्ड न 1 तालवापरा में संचालित है। वैसे तो इन बच्चो ने अपनी प्रतिभा कई बार दिखाई है। लेकिन इस बार बालक आकर्षित (परिवर्तित नाम) ने शतरंज में देश में तीसरा स्थान प्राप्त किया और छत्तीसगढ़ को पहला कास्य पदक दिलाया।

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