Advertisement Carousel

विधायक विनय जायसवाल की जाति को लेकर उठे सवाल, 19 को सुनवाई, मेरे ऊपर लगाए गए आरोप राजनीति से प्रेरित है – विधायक

कोरिया / मनेन्द्रगढ़ विधायक विनय जायसवाल को जाति के मामले में नोटिस जारी किया गया है। इस मामले में 19 सितंबर को मनेंद्रगढ़ न्यायालय में सुनवाई होगी। जानकारी के अनुसार विधायक की जाति को लेकर खड़गवां के सुमन्त गांगुली ने कोर्ट में याचिका लगाई है।
आपको बता दे की प्रदेश में जाति और जन्म के मामले को लेकर जारी सियासत खत्म होने का नाम नही ले रही है। पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी का जाति मामला अब ही चल ही रहा है वही उनके पूत्र अमित जोगी जन्म प्रमाण पत्र के मामले को लेकर घिरे हुए है। इसी बीच मनेन्द्रगढ़ के कांग्रेस विधायक विनय जायसवाल की जाति का मामला सामने आया है। जाति मामले को लेकर मनेंद्रगढ़ विधायक विनय जायसवाल को मनेन्द्रगढ़ न्यायालय से नोटिस जारी किया गया है। विधायक विनय जायसवाल की जाति मामले में 19 सितंबर को मनेंद्रगढ़ न्यायालय में सुनवाई होगी।
विधायक की जाति को लेकर कोरिया जिले के खड़गवां निवासी सुमंत गांगुली ने साल 2018 में पहले तो थाने में जाति मामले को लेकर शिकायत की थी, लेकिन थाने से कोई कार्यवाही न होने पर सुमन्त गांगुली ने मनेन्द्रगढ़ न्यायालय के यहां मामला पेश किया था, वहाँ भी मजिस्ट्रेट के द्वारा मामला खारिज कर दिये जाने के बाद सुमन्त गांगुली ने प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायालय मनेन्द्रगढ़ में रिवीजन पेश किया है। सुमन्त गांगुली द्वारा रिवीजन पेश करने के बाद विधायक विनय जायसवाल को न्यायालय से नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में 19 सितम्बर को न्यायालय में पेश होने को कहा गया। अब इस जाति मामले में 19 को मनेन्द्रगढ़ न्यायालय में प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायालय में सुनवाई होगी।
गौरतलब है कि विधायक विनय जायसवाल विधायक होने के साथ ही नेत्र रोग चिकित्सक है। सुमन्त गांगुली द्वारा इस बात को लेकर परिवाद दायर किया गया है कि फर्जी कागजात के जरिये विधायक ने पिछडी जाति का प्रमाणपत्र बनवाया है। अब देखना यह है कि 19 सितम्बर को यह परिवाद स्टैंड होता है या न्यायालय मामले को खारिज कर देता है।


मुझे जाति मामले को लेकर न्यायालय से नोटिस प्राप्त हुआ है। जाति को लेकर मेरे ऊपर लगाए गए आरोप राजनीति से प्रेरित है। छत्तीसगढ़ के राजपत्र में सभी जायसवाल सरनेम के अंतर्गत आने वाली उपजाति पिछड़ा वर्ग में आती है। 19 सितम्बर को न्यायालय में इस मामले में उचित जवाब दिया जाएगा।



 

error: Content is protected !!