धमतरी / पूर्व विधायक अजय चंद्राकर द्वारा एक दिवसीय सद्भावना उपवास धरना प्रदर्शन कर राज्य सरकार को जिले में चल रहे घटनाक्रम से अवगत कराने का एक बड़ा प्रयास किया जा रहा हैं। जहां बीते दिनों हुए एनएसयूआई कार्यकर्ता और अजय चंद्राकर के बीच में हुई झड़प बहस के बाद दोनों पक्षों के ऊपर कानूनी कार्यवाही के खिलाफ में अब अजय चंद्राकर मैदान में है जहां अजय चंद्राकर का अपना पक्ष है वह चाहते हैं एनएसयूआई के कार्यकर्ता जो जबरन भाजपा कार्यालय में घुसे थे उनके खिलाफ में कानूनी कार्यवाही हो मगर यहां पुलिस प्रशासन द्वारा दोनों के विरुद्ध में कार्यवाही की जा रही है जिसके खिलाफ में अजय चंद्राकर ने मोर्चा खोल रखा है अजय चंद्राकर ने कहा है कि धमतरी वसूली का गढ़ है जहां कांग्रेसी वसूली ही करते हैं ना कि विकास वही अजय चंद्राकर ने अफसरों को भी इशारों इशारों में संकेत दे दिया है कि वह भी दायरे में रहकर काम करें अजय चंद्राकर ने कहा है कि कुछ अधिकारी हमारे रडार में है और वक्त आने पर हम उन्हें बताएंगे कि हम क्या कर सकते हैं अजय चंद्राकर ने अधिकारियों पर यह आरोप लगाया कि वे कुछ लोगों के खिदमत के लिए ही काम कर रहे हैं जिसे लेकर अजय चंद्राकर उग्र रूप में भी नजर आए जहां तीनों विधानसभा क्षेत्र से कार्यकर्ता भारी संख्या में पहुंचे थे और यहां धरना प्रदर्शन मुख्य रूप से सफल रहा और अजय चंद्राकर ने कहा है कि आगे की लड़ाई अब हम न्यायपालिका की लड़ाई लड़ेंगे जिसके लिए वे जल्द ही न्यायपालिका का दरवाजा खटखटा सकते हैं।
उपवास का पंडाल लगाने पर अब जिला प्रशासन पूर्व मंत्री को भेजा नोटिस
कलेक्टर पिए सलमा ने कहा निचले स्तर के अधिकारियों से हुई है अचूक बिना परमिशन कलेक्ट्रेट के सामने लगाया गया सद्भावना उपवास पंडाल जिसे लेकर जिला प्रशासन ने अब नोटिस थमा दिया है। कुरूद विधायक ने अधिकारों की लड़ाई के लिए सद्भावना उपवास रखकर राज्य सरकार का ध्यान आकर्षित करवाने की कोशिश की मगर अब यह विवाद और बढ़ने लगा है जहां पर अब धमतरी कलेक्टर पीएसएल माने पंडाल लगाने पर अजय चंद्राकर को नोटिस भेज दिया है अजय चंद्राकर ने अपने बयान में साफ साफ संकेत दिए थे कि कुछ अधिकारी उनके रडार में शामिल है जो अधिकारी कुछ लोगों के इशारे पर ही काम कर रहे हैं उन्हें वक्त आने पर सबक सिखाने के बाद भी अजय चंद्राकर ने कही थी।