उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की पहल, औपनिवेशिक व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव
कवर्धा, 24 दिसंबर 2025।
छत्तीसगढ़ में मंत्रीगणों और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को सामान्य दौरे, निरीक्षण व भ्रमण के दौरान दिए जाने वाले गार्ड ऑफ ऑनर की परंपरा समाप्त कर दी गई है। गृह विभाग ने नियमों में संशोधन का आदेश जारी कर दिया है, जो तत्काल प्रभाव से लागू होगा।
यह निर्णय उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा की विशेष पहल पर लिया गया है। शासन का उद्देश्य पुलिस बल को अनावश्यक औपचारिकताओं से मुक्त कर कानून-व्यवस्था, सुरक्षा और जनसेवा में उसकी कार्यक्षमता का बेहतर उपयोग करना है।
सामान्य दौरों में सलामी पूरी तरह बंद
अब राज्य के भीतर सामान्य आगमन-प्रस्थान, जिला भ्रमण, निरीक्षण या दौरे के दौरान गृहमंत्री, अन्य मंत्री, डीजीपी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को सलामी गार्ड नहीं दी जाएगी। पूर्व में चली आ रही इस व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है।
राष्ट्रीय-राजकीय आयोजनों में व्यवस्था यथावत
हालांकि यह निर्णय गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस, शहीद पुलिस स्मृति दिवस, राष्ट्रीय एकता दिवस, राजकीय समारोह और पुलिस दीक्षांत परेड जैसे अवसरों पर लागू नहीं होगा। इन आयोजनों में सलामी गार्ड की व्यवस्था पहले की तरह बनी रहेगी।
संवैधानिक पदों पर प्रोटोकॉल लागू रहेगा
संवैधानिक पदों पर आसीन महानुभावों एवं विशिष्ट अतिथियों के लिए प्रोटोकॉल के अनुसार गार्ड ऑफ ऑनर यथावत रहेगा।
सरकार का यह फैसला प्रशासनिक सुधारों और औपनिवेशिक सोच से मुक्ति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे पुलिस बल की कार्यक्षमता और जनोन्मुखी भूमिका को मजबूती मिलेगी।
