रायपुर। झीरम घाटी कांड पर विवादित बयान देना कांग्रेस नेता विकास तिवारी को भारी पड़ गया। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने कड़ा रुख अपनाते हुए तिवारी को पार्टी से 6 वर्षों के लिए निष्कासित कर दिया है। प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज के आदेश पर यह कार्रवाई की गई है।
बताया जा रहा है कि तिवारी ने झीरम घाटी मामले में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का नार्को टेस्ट कराए जाने की बात कही थी, जिसे संगठन ने गंभीर अनुशासनहीनता माना।
निष्कासन के आदेश के बाद विकास तिवारी ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा— “संगठन का आदेश सर्वोपरि है।” इसके साथ ही उन्होंने एक पुरानी तस्वीर साझा करते हुए अपने संघर्ष, निष्ठा और पार्टी के प्रति समर्पण का हवाला दिया। तिवारी ने लिखा कि एक समय भाजपा के कार्यक्रम में कालिख पोते जाने की घटना के दौरान उन्होंने अकेले आगे बढ़कर विरोध किया था और उस कालिख को साफ कराया था, लेकिन आज वही लोग उन्हें बदनाम करने की कोशिश में लगे हैं।
कांग्रेस की इस कार्रवाई के बाद प्रदेश की सियासत में हलचल तेज हो गई है। झीरम घाटी जैसा संवेदनशील मामला होने के कारण पार्टी का यह फैसला राजनीतिक गलियारों में बड़ी चर्चा का विषय बन गया है। विपक्ष भी अब इस घटनाक्रम पर अपनी रणनीति तय करने में जुट गया है।
