नई दिल्ली | 13 फरवरी 2026
Narendra Modi ने शुक्रवार को राजधानी नई दिल्ली में ‘सेवा तीर्थ’ परिसर राष्ट्र को समर्पित करते हुए कर्तव्य भवन 1 एवं 2 का उद्घाटन किया। इस अवसर को शासन व्यवस्था में परिवर्तनकारी मील का पत्थर बताया गया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह पहल “नागरिक देवो भव” की भावना को साकार करती है और प्रशासन को अधिक आधुनिक, कुशल व नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
संध्या समय आयोजित समारोह में प्रधानमंत्री ने परिसर में पट्टिका का अनावरण किया तथा स्मारक डाक टिकट और स्मारक सिक्का भी जारी किया। एक अहम निर्णय के तहत उद्योग भवन मेट्रो स्टेशन का नाम बदलकर अब ‘सेवा तीर्थ’ (Sevateerth) कर दिया गया है।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि ‘सेवा तीर्थ’ केवल एक भवन नहीं, बल्कि कर्तव्य, करुणा और ‘राष्ट्र प्रथम’ के सिद्धांत का प्रतीक है। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों से आह्वान किया कि वे इस परिसर में प्रवेश करते समय ‘कर्तव्य’ की सर्वोच्च भावना को आत्मसात करें और विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।
औपनिवेशिक विरासत से नागरिक-प्रथम सोच की ओर
कार्यक्रम में केन्द्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री Manohar Lal Khattar, प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री Jitendra Singh तथा केन्द्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री Tokhan Sahu विशेष रूप से उपस्थित रहे।
राज्यमंत्री तोखन साहू ने कहा कि ‘सेवा तीर्थ’ भारत के प्रशासनिक ढांचे में एक परिवर्तनकारी पहल है, जो आधुनिक, सुलभ और जवाबदेह शासन प्रणाली को सुदृढ़ करेगी। उन्होंने कहा कि साउथ ब्लॉक और नॉर्थ ब्लॉक जैसी औपनिवेशिक काल की इमारतें शाही सत्ता का प्रतीक थीं, जबकि ‘सेवा तीर्थ’ और ‘कर्तव्य भवन’ नए भारत की आकांक्षाओं के अनुरूप नागरिक-प्रथम शासन का प्रतिनिधित्व करते हैं।
श्री साहू ने कहा कि ‘कर्तव्य भवन’ नामकरण केवल बदलाव नहीं, बल्कि औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्त स्वतंत्र भारत की वैचारिक अभिव्यक्ति है। उन्होंने “सबका साथ, सबका विकास” की भावना को दोहराते हुए कहा कि कर्तव्य ही वह शक्ति है जो राष्ट्रीय प्रयासों को मजबूती देती है और विकसित भारत के संकल्प को साकार करती है।
विकसित भारत के संकल्प की नई कार्य-संस्कृति
प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि ‘सेवा तीर्थ’ आने वाली पीढ़ियों को निःस्वार्थ सेवा की प्रेरणा देगा। यह परिसर सुशासन, पारदर्शिता और उत्तरदायी प्रशासन की नई कार्य-संस्कृति का प्रतीक बनेगा।
राज्यमंत्री श्री तोखन साहू ने अपने संसदीय क्षेत्र बिलासपुर की जनता और अपने परिवारजनों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनसेवा का यह अवसर उनके लिए गौरव का क्षण है।
‘सेवा तीर्थ’ को प्रशासनिक सुधारों की दिशा में एक निर्णायक पहल माना जा रहा है, जो नागरिकों को केंद्र में रखकर शासन व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
