राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की मुंबई में हुई अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की तीन दिन तक चली बैठक के बाद संघ ने तमाम मसलों पर राय रखी लेकिन जिस मसले पर उसने सबसे ज्यादा प्रमुखता से बात रखी वो मसला था अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का.
संघ का कहना है कि राम मंदिर के मुद्दे पर 30 साल से आंदोलन चल रहा है और लोगों का इंतजार काफी लंबा हो गया है. तीन दिनों की बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में संघ के सर कार्यवाह भैया जी जोशी ने कहा कि सबको अदालत से उम्मीद है लेकिन ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि अदालत काफी लंबा समय ले रही है. उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि कोर्ट लोगों की भावनाओं को समझते हुए जल्दी इस पर विचार करेगी. राम मंदिर बनाने के लिए अध्यादेश लाने की मांग पर संघ का कहना है कि मांग करना लोगों का हक है और अगर कोई उपाय नहीं बचता है कि सरकार अध्यादेश लाने के बारे में सोच सकती है.
भैया जी जोशी ने कहा कि हम चाहते हैं कि राम मंदिर अवश्य बने लेकिन इस काम में कुछ बाधाएं हैं. उन्होंने कहा कि अगर ज़रूरी हुआ तो 1992 की तरह का आंदोलन भी हो सकता है.
जम्मू-कश्मीर के मसले पर संघ ने कहा कि सरकार ने वहां आतंकवाद का खात्मा करने के लिए कई कदम उठाए हैं. सबरीमाला मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट के न्यायालय के फैसले पर संघ का कहना है कि वो इस मामले में महिलाओं के हक के समर्थन में हैं लेकिन जहां तक परंपरा और पूजा स्थलों में नियमों का सवाल है कोर्ट को इन बातों पर भी गौर करना चाहिए.
अमित शाह की संघ प्रमुख से मुलाक़ात के बारे में भैया जी जोशी ने कहा कि बैठक पहले से तय थी और अमित शाह उसी के मुताबिक आए. हालांकि उन्होंने बैठक के बारे में कोई ब्योरा नहीं दिया. इस बैठक में आरएसएस से जुड़े तमाम संगठनों के प्रतिनिधि और देशभर से संघ के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए.
