कोरिया – रायपुर / छत्तीसगढ़ में विगत स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 4 नए जिलो की घोषणा हुई। जिसमे चिरिमिरी को जिला बनाने की वर्षो पुरानी मांग को दरकिनार करके केवल मनेंद्रगढ़ के नाम से नए जिले की घोषणा कर दी गयी , जबकि चिरिमिरी कोरिया जिले का सबसे बड़ा शहर ,1 मात्र नगर निगम ,सबसे ज्यादा राजस्व देने वाला क्षेत्र जो हमेशा अपने हक़ की लड़ाई लड़ते रहा और आज भी उसे हमेशा की तरह उपेक्षित कर दिया गया।
जबकि वर्तमान राजनांदगांव जिले से पृथक होकर गठित किया जाने वाला नया जिला मोहला-मानपुर- में चौकी को शामिल किए जाने हेतु 15 अगस्त व रात को ही चक्का जाम कर माग की गई और आज उसमे अम्बागढ़ चौकी का नाम जोड़ दिया गया और अब संयुक्त नाम से जाना जा रहा हैं। जिसकी घोषणा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राजनांदगांव जिले से मुलाकात करने प्रतिनिधि-मंडल के आग्रह पर कर दी थी। उसी तरह कोरिया जिले से अलग मनेन्द्रगढ़ को भी जिला बनाया गया हैं पर स्थानीय लोगों के पूर्व में किए गए मांग के अनुरूप चिरिमिरी मनेन्द्रगढ़ को जिला बनाया जाना था मगर घोषणानुसार सिर्फ मनेन्द्रगढ़ को जिले के नाम की घोषणा की गई हैं जबकि चिरिमिरी मनेन्द्रगढ़ या मनेन्द्रगढ़ चिरिमिरी के नाम की घोषणा किया जाना चाहिए था। पर ऐसा नही होने पर समूचे जिले में रहवासियों के मध्य विरोध के स्वर उठ खड़े हुए हैं। इधर सिर्फ मनेन्द्रगढ़ के नाम की घोषणा उपरांत मनेंद्रगढ़ में खुशी, चिरिमिरी इलाके में मायूसी और बैकुंठपुर में बेदखली का संशय बना हुआ है।
ताजा हालत की गर बात करें तो अभी तक नए मनेन्द्रगढ़ जिले और पुराने कोरिया जिले में कौन – कौन सा हिस्सा शामिल रहेगा इस बात की चर्चा जोरों पर हैं। तो वही जिला मुख्यालय बनाने की लड़ाई खून में उबाल मार रही हैं। चिरिमिरी नगर निगम इलाके में लोगों द्वारा शहर बन्द किया गया और अनिश्चित कालीन कार्मिक हड़ताल प्रारम्भ हुई हैं, इसके विपरीत बैकुंठपुर में भी नए जिले के विरोध में एक दिन का शहर बन्द और आमसभा आयोजित की गई।

चिरिमिरी क्षेत्र के व्यापार संघ के पूर्व सचिव आशीष जैन ने स्थानीय नेताओं सहित प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री से आग्रह किया हैं कि जिस तरह वर्तमान राजनांदगांव जिले से पृथक होकर गठित किया जाने वाला नया जिला मोहला-मानपुर-चौकी के नाम से जाना जाएगा उसी तरह मनेन्द्रगढ़ नए जिले को भी चिरिमिरी मनेन्द्रगढ़ या मनेन्द्रगढ़ चिरिमिरी जिला बनाए जाने के नाम की घोषणा करने मांग की हैं, और जिला मुख्यालय दोनों शहरों के बीच बनाने के मांग की गई ताकि स्थानीय मांगो के अनुरूप जिले में शांति व्यवस्था कायम हो सकें।

इधर कोरिया जिले के 2 विधायकों द्वारा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से उनके निवास कार्यालय में मनेंद्रगढ़ को जिला बनाए जाने पर आभार जताया और कहा कि आपने मनेंद्रगढ़ को जिला बना कर मनेंद्रगढ़ क्षेत्र की पूरी जनता का मान बढ़ाया है। आपकी सौगात को मनेंद्रगढ़ क्षेत्र की जनता सदैव याद रखेगी। लोगों को जिला बनने से शासकीय योजनाओं और कार्यक्रमों का सहजता से लाभ सुलभ होगा। क्षेत्र में रोजगार व्यवसाय बढ़ेगा। आर्थिक समृद्धि और खुशहाली आएगी। इस मौके पर मुख्यमंत्री को मिठाई खिलायी और उन्हें खुमरी पहनाकर प्रसन्नता का प्रतीक मांदर एवं विकास का प्रतीक चांदबखार का नागर-चुआ भी भेंट किया।
पर इस मुलाकात के असल मायने नही निकलने से क्षेत्र की जनता और भी नाराज हो उठी हैं। उन्हें इस मुलाकात के पूर्व यह लग रहा था कि क्षेत्र के विधायक जब भी प्रदेश के मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे तब वह मनेन्द्रगढ़ चिरिमिरी के विषय पर जरूर चर्चा करेंगे और सार्थक निष्कर्ष निकालेंगे पर ऐसा कुछ नही होने की जानकारी मिलते ही जनता खासी नराज हुई हैं। यदि इसके उपरांत भी नए जिले में चिरिमिरी का नाम नही जोड़ा गया और मुख्यालय दोनों शहरों के बीच मे नही बना तो उग्र विरोध का सामना करना पड़ेगा ।
