ईडी की निगरानी में सुरक्षित निवेश होगा, कोर्ट ने कहा- संपत्ति का मूल्य बचाए रखना भी जरूरी
बिलासपुर। महादेव ऑनलाइन सट्टा एप से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए ईडी द्वारा फ्रीज किए गए करीब 423 करोड़ रुपये के शेयर बेचने की अनुमति दे दी है। अदालत ने स्पष्ट किया कि संपत्ति को फ्रीज करने का उद्देश्य केवल उसे रोकना नहीं, बल्कि उसकी वैल्यू को सुरक्षित रखना भी है।
हाई कोर्ट ने निर्देश दिया है कि शेयरों की बिक्री से प्राप्त राशि को सुरक्षित म्यूचुअल फंड या सरकारी सिक्योरिटीज में निवेश किया जाए। पूरी राशि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की निगरानी में रहेगी और मामले के अंतिम निर्णय तक सुरक्षित रखी जाएगी।
यह याचिका महादेव सट्टा एप मामले से जुड़ी आठ कंपनियों की ओर से दायर की गई थी। कंपनियों ने अदालत को बताया था कि शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के कारण फ्रीज किए गए शेयरों का मूल्य लगातार घट रहा है, जिससे उन्हें नुकसान हो सकता है।
गौरतलब है कि महादेव ऑनलाइन सट्टा एप से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के दौरान ईडी ने वर्ष 2024 में आठ कंपनियों के डीमैट खाते और करीब 423 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर फ्रीज कर दिए थे। इसी कार्रवाई को लेकर कंपनियों ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
