रायपुर। बिलासपुर जिले के लोफंदी गांव में हुई मौतों का मामला बजट सत्र के दौरान शून्यकाल में उठा। नेता प्रतिपक्ष ने इसे जहरीली शराब से हुई मौत करार देते हुए सरकार से स्थगन लाकर चर्चा की मांग की। उन्होंने कहा कि इस घटना से ग्रामीणों में डर का माहौल है और सरकार को तत्काल प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
गृह मंत्री विजय शर्मा ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि इन मौतों को शराब से जोड़ना सही नहीं है। उन्होंने बताया कि मृतकों का पोस्टमार्टम कराया गया है, लेकिन अब तक मौतों का कारण स्पष्ट नहीं हुआ है। “लोफंदी गांव में स्वाभाविक मौतें हुई हैं। मृतक कुम्भ लहरे की मौत लो ब्लड प्रेशर और अन्य बीमारियों के कारण हुई थी, वे मानसिक रूप से भी बीमार थे,” गृह मंत्री ने सदन में बताया।
गृह मंत्री ने यह भी कहा कि स्थानीय पुलिस ने तीन मर्ग कायम किए हैं, लेकिन डॉक्टरों ने मौतों का स्पष्ट कारण नहीं दिया है। मामले की जांच के लिए विशेष टीम गठित की गई है, जो विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी।
सरकार की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि प्रदेश में अवैध शराब की बिक्री पर लगातार कार्रवाई हो रही है। “यह कहना गलत है कि शराब दूध के पैकेट की तरह बेची जा रही है। आबकारी विभाग बाहर से आने वाली शराब पर भी कड़ी नजर रखे हुए है,” गृह मंत्री ने कहा।
इस मामले पर विपक्ष और सरकार के बीच सदन में तीखी बहस हुई। विपक्ष ने सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाए, जबकि सरकार ने भरोसा दिलाया कि जांच के बाद सच्चाई सामने लाई जाएगी।