नई दिल्ली। बदलते मौसम के बीच स्वाइन फ्लू के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए), दिल्ली के निदेशक प्रदीप कुमार प्रजापति ने लोगों को इस दौरान खान-पान, साफ-सफाई और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि स्वाइन फ्लू के दौरान गर्म पानी का सेवन किया जा सकता है, लेकिन सुदर्शन घनवटी, दशमूलारिष्ट और अमृतारिष्ट जैसी आयुर्वेदिक दवाएं चिकित्सक की सलाह के बाद ही लेनी चाहिए।
प्रजापति के मुताबिक बारिश के मौसम में बैक्टीरिया और वायरस के पनपने की संभावना बढ़ जाती है। इस दौरान खान-पान में गड़बड़ी और प्रतिरोधक क्षमता में कमी के कारण संक्रमण का असर अधिक हो सकता है। उन्होंने बताया कि स्वाइन फ्लू के मामलों को लेकर किए गए अध्ययन में सामने आया कि कई मरीजों में करीब चार दिन तक 100 डिग्री फारेनहाइट से अधिक बुखार बना रहा।
उन्होंने कहा कि स्वाइन फ्लू होने पर घबराने की जरूरत नहीं है। इस दौरान मरीज को पर्याप्त आराम करना चाहिए और गर्म, हल्का एवं पौष्टिक भोजन लेना चाहिए। साथ ही शरीर की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। उन्होंने बताया कि मरीज की प्रतिरोधक क्षमता के आधार पर स्वस्थ होने में तीन से पांच दिन या इससे अधिक समय लग सकता है।
प्रजापति ने बताया कि स्वाइन फ्लू से पीड़ित लोगों में भूख-प्यास कम लगना और सिरदर्द जैसी शिकायतें भी हो सकती हैं। बुखार उतरने के बाद कुछ मरीजों में सिरदर्द, सर्दी और जुकाम की समस्या बनी रह सकती है। ऐसे में पर्याप्त नींद, संतुलित खान-पान, साफ-सफाई और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार भाप लेने जैसी सावधानियां बरतने की जरूरत है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि बुखार या फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर स्वयं दवा लेने के बजाय डॉक्टर से परामर्श लें। विशेष रूप से आयुर्वेदिक औषधियों का सेवन भी चिकित्सकीय सलाह के बाद ही किया जाना चाहिए।
