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धनतेरस पर सिर्फ सोना-चांदी ही नहीं, इन 5 चीजों की खरीदारी भी मानी जाती है शुभ, मां लक्ष्मी से जुड़ी हैं खास मान्यताएं

श्रीयंत्र, साबुत धनिया, नई झाड़ू, पीतल-तांबे के बर्तन और गोमती चक्र का है विशेष महत्व, जानिए धनतेरस पर किन वस्तुओं को घर लाने की है परंपरा

दीपावली के पांच दिवसीय उत्सव की शुरुआत धनतेरस से होती है। यह पर्व खरीदारी, सुख-समृद्धि और आरोग्य की कामना से जुड़ा है। मान्यता है कि धनतेरस के दिन शुभ वस्तुओं की खरीदारी करने से घर में बरकत आती है और मां लक्ष्मी का आशीर्वाद बना रहता है। यही वजह है कि इस दिन बाजारों में सोने-चांदी के आभूषणों से लेकर बर्तन, सजावटी सामान और घरेलू उपयोग की वस्तुओं तक की खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ उमड़ती है। हालांकि धनतेरस पर केवल कीमती धातुओं की खरीदारी ही नहीं, बल्कि कुछ ऐसी पारंपरिक वस्तुएं भी हैं, जिन्हें घर लाना बेहद शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ऐसी पांच वस्तुओं का विशेष महत्व है।

1. श्रीयंत्र और कुबेर यंत्र से समृद्धि की कामना

धनतेरस पर श्रीयंत्र या कुबेर यंत्र खरीदने की परंपरा कई घरों में प्रचलित है। धार्मिक मान्यता के अनुसार श्रीयंत्र को मां लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है, जबकि कुबेर यंत्र धन और संपन्नता से जुड़ा है। इन्हें पूजा स्थान या तिजोरी में स्थापित कर विधि-विधान से पूजा की जाती है। श्रद्धालु इनकी पूजा कर घर में सुख-समृद्धि और आर्थिक खुशहाली की कामना करते हैं।

2. साबुत धनिया खरीदना माना जाता है शुभ

धनतेरस पर साबुत धनिया खरीदने की भी खास परंपरा है। इसे धन-धान्य और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। पूजा के दौरान साबुत धनिया मां लक्ष्मी को अर्पित किया जाता है। दीपावली पूजन के बाद कुछ धनिया तिजोरी या धन रखने के स्थान पर रखने और शेष को मिट्टी में बोने की परंपरा भी कई परिवारों में देखने को मिलती है।

3. नई झाड़ू खरीदने का है विशेष महत्व

धनतेरस पर नई झाड़ू खरीदना भी शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता में झाड़ू को मां लक्ष्मी से जोड़कर देखा जाता है। माना जाता है कि झाड़ू घर की गंदगी के साथ नकारात्मकता को दूर करने का प्रतीक है। इसी वजह से कई लोग इस दिन नई झाड़ू खरीदकर घर लाते हैं। कुछ स्थानों पर विषम संख्या में झाड़ू खरीदने की परंपरा भी प्रचलित है।

4. पीतल और तांबे के बर्तन खरीदने की परंपरा

भगवान धन्वंतरि को आयुर्वेद और आरोग्य का देवता माना जाता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार समुद्र मंथन के दौरान वे अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। इसी कारण धनतेरस पर धातु के बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है। विशेष रूप से पीतल और तांबे के बर्तनों की खरीदारी को लेकर लोगों में उत्साह रहता है। मान्यता है कि नया बर्तन खाली घर में नहीं लाना चाहिए, उसमें थोड़ा अनाज, जल या मिठाई रखकर घर में प्रवेश कराना शुभ होता है।

5. गोमती चक्र और कौड़ियों का भी है धार्मिक महत्व

धनतेरस पर गोमती चक्र और पीली कौड़ियां खरीदने की परंपरा भी कई परिवारों में प्रचलित है। इन्हें मां लक्ष्मी से जुड़ा शुभ प्रतीक माना जाता है। मान्यता के अनुसार दीपावली के दिन इनकी पूजा कर लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी या धन रखने के स्थान पर रखा जाता है। श्रद्धालु इसे घर में धन की स्थिरता और सुख-समृद्धि की कामना से जोड़कर देखते हैं।

खरीदारी के साथ पूजा और आरोग्य का भी पर्व

धनतेरस का महत्व केवल खरीदारी तक सीमित नहीं है। इस दिन भगवान धन्वंतरि, मां लक्ष्मी और कुबेर की पूजा-अर्चना की जाती है। घरों में दीप जलाए जाते हैं और परिवार की सुख-समृद्धि तथा अच्छे स्वास्थ्य की कामना की जाती है। हालांकि इन पांच वस्तुओं को खरीदना धार्मिक मान्यताओं और पारंपरिक आस्था से जुड़ा है, लेकिन धनतेरस का मूल संदेश धन के साथ स्वास्थ्य, स्वच्छता और खुशहाली को महत्व देना भी है।

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