गायत्री परिवार के शताब्दी समारोह में केंद्रीय मंत्री ने की सामाजिक सेवा और जागरूकता अभियान की सराहना, युवाओं को व्यसनमुक्त जीवन अपनाने का आह्वान
विशेष समाचार | नई दिल्ली
नशामुक्त समाज का निर्माण केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि जनभागीदारी, सामाजिक जागरूकता और सामूहिक संकल्प से संभव है। इसी दिशा में अखिल विश्व गायत्री परिवार की भूमिका महत्वपूर्ण और प्रेरणादायी रही है। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित अखिल विश्व गायत्री परिवार के शताब्दी समारोह में शामिल होकर संगठन के सामाजिक योगदान की सराहना की।
मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने कहा कि वर्ष 2020 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रव्यापी आह्वान के बाद शुरू हुए नशामुक्त भारत अभियान से करोड़ों लोग जुड़ चुके हैं। इस अभियान को मजबूत बनाने में गायत्री परिवार का योगदान सराहनीय है। उन्होंने नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और नशामुक्त भारत के निर्माण के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग से आगे आने की अपील की।
तीन ऐतिहासिक उपलब्धियों के शताब्दी वर्ष का उत्सव
शताब्दी समारोह में तीन महत्वपूर्ण आध्यात्मिक उपलब्धियों का स्मरण किया गया। परम वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा की 100वीं जयंती, अखंड दीपक प्राकट्य के 100 वर्ष तथा परम पूज्य गुरुदेव पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य की आध्यात्मिक साधना के 100 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर यह आयोजन विशेष महत्व का रहा।
समारोह में देश-विदेश से गायत्री परिवार के प्रतिनिधियों, पदाधिकारियों और श्रद्धालुओं ने भाग लिया। आयोजन ने आध्यात्मिक चेतना, सांस्कृतिक विरासत और समाज सेवा के प्रति संगठन की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया।
आध्यात्मिक चेतना के साथ समाज निर्माण का संदेश
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य की शिक्षाएं समाज में नैतिकता, सद्भाव, सेवा और सकारात्मक परिवर्तन की प्रेरणा देती हैं। गायत्री परिवार आध्यात्मिक जागरूकता के माध्यम से सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध जनचेतना विकसित करने का कार्य कर रहा है।
उन्होंने देव संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. चिन्मय पांड्या सहित संगठन की पूरी टीम के प्रयासों की सराहना की। मंत्री ने कहा कि समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण के लिए संगठन का समर्पण प्रशंसनीय है।
युवाओं को नशे से दूर रखने पर विशेष जोर
डॉ. वीरेंद्र कुमार ने कहा कि नशीले पदार्थों का दुरुपयोग युवाओं के भविष्य, परिवारों और समाज के लिए गंभीर चुनौती है। ऐसे में युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली, सकारात्मक सोच और जिम्मेदार व्यवहार के लिए प्रेरित करना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि गायत्री परिवार सामुदायिक सहभागिता, शिक्षा और निरंतर जागरूकता के माध्यम से युवाओं को व्यसनमुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा है। संगठन के प्रयास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के व्यसनमुक्त भारत और संस्कारयुक्त भारत के दृष्टिकोण को साकार करने में सहायक हैं।
जनभागीदारी से साकार होगा नशामुक्त भारत का सपना
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि नशामुक्त भारत अभियान को व्यापक सफलता दिलाने के लिए आध्यात्मिक संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक समूहों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। माता भगवती देवी शर्मा की शताब्दी स्मृति में नशामुक्ति के लिए लिया गया सामूहिक संकल्प समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
अखिल विश्व गायत्री परिवार की शताब्दी यात्रा केवल आध्यात्मिक उपलब्धियों का उत्सव नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी और जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक भी है। समारोह ने नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने और स्वस्थ, संस्कारयुक्त एवं समरस समाज के निर्माण के संकल्प को नई मजबूती प्रदान की।
सामूहिक प्रयास, सामाजिक चेतना और जनभागीदारी के जरिए नशामुक्त भारत का सपना साकार करने का संदेश शताब्दी समारोह का प्रमुख केंद्र रहा।
