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पहले पैदा हुआ फिर मरा, फिर जिंदा हुअा और मरा तो उठा ही नही नवजात, पढ़िए नवजात बच्चे की अजीब कहानी

कोरिया / कोरिया जिले के खडगंवा इलाके में गुरुवार को एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया, बैकुण्ठपुर के जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने जिस बच्चे को मृत घोषित कर दिया था वह घर पहुंचकर न जाने कैसे फिर से जिंदा गया हो गया, इसकी खबर मिलते ही जिला पंचायत अध्यक्ष कलावती मरकाम के अलावा लोगों की भारी भीड़ मौके पर जमा हो गई, पर अफसोस घर आने के कुछ घंटे बाद दोबारा अस्पताल ले जाते समय रास्ते में शिशु की मौत हो गई।

खडगंवा के बचरापोड़ी इलाके में रहने वाले रामेश्वर नामक की पत्नी ने 29 जून को नॉर्मल डिलिवरी से एक बच्चे का जन्म दिया, जन्म के बाद से ही बच्चे को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। इसके चलते उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बचरापोड़ी से जिला अस्पताल बैकुण्ठपुर के लिए रेफर कर दिया गया। यहां बच्चे को भर्ती करने के बाद 7 जुलाई की सुबह तक उसका इलाज चला और करीब 10 बजे जिला अस्पताल के डॉक्टर एस.एच. सेंडे ने बच्चे को देखने के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद डॉक्टर ने परिजनों को उसका डेथ सर्टिफिकेट भी दे दिया। जिसे लेकर परिजन यह सोचकर अपने गांव के लिए निकल गए कि वहां पहुंच कर वे अपने मृत बच्चे का अंतिम संस्कार (दफनाने की प्रक्रिया) करेंगे, लेकिन जब परिजन बच्चे को लेकर जिल्दा के चिलोहीयापारा में स्थित अपने घर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि बच्चे के हाथ में हरकत हो रही है और उसकी सांस भी चल रही है।
2f84a457-bc3c-4c29-b848-80fbed3da22cयह खबर पूरे गांव में आग की तरह फैल गई और देखते ही देखते ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। इसकी जानकारी मिलते ही जिला पंचायत अध्यक्ष कलावती मरकाम भी मौके पर पहुंच गईं, उन्हें पहले परिजनों द्वारा बच्चे के मृत होने की जानकारी दी गई थी और बाद में जब उन्हें पता चला कि बच्चा जीवित है तो वह भी हैरत में पड़ गईं। इस अनूखे मामले की जानकारी जिला पंचायत अध्यक्ष द्वारा मीडिया को दी गई। इसके बाद सोशल मीडिया में भी यह मामला आने लगा, एक बार फिर बच्चे को उचित इलाज के लिए बिलासपुर ले जाने की तैयारी परिजनों द्वारा की जा रही थी कि तभी जिले के मुख्य चिकत्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर एस.एल. चावड़ा से हुई बातचीत के बाद बच्चे को खडगंवा में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र ले जाने का निर्णय लिया गया।
बच्चे को अस्पताल ले जाने के दौरान रास्ते में उसकी नाक से खून निकला, जब परिजन बच्चे को लेकर अस्पताल पहुंचे तो वहां डॉक्टर एस.पी. सिंह द्वारा बच्चे को देखने के बाद उसे मृत घोषित कर दिया गया।

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