नई दिल्ली / समाजसेवी अण्णा हजारे इंडिया अगेन्स्ट करप्शन आंदोलन की शुरुआत एक बार फिर से करने जा रहे हैं। पर ये पिछली बार तमाम सियासी नेताओं को अपने मंच का दुरुपयोग करने के मुद्दे पर वह इस बार काफी सतर्क हैं। उन्होंने कहा कि इस बार उनके मंच पर जो भी शख्स आएगा, उससे वह हलफनामा लिखवाएंगे कि वह इस आंदोलन का बाद में राजनीतिक इस्तेमाल नहीं करेगा।
अपनी जीवन पर बनी फिल्म की खास स्क्रीनिंग के लिए राजधानी आए अण्णा हजारे ने कहा कि उनके आंदोलन से न तो भ्रष्टाचार खत्म हुआ और न ही गुंडागर्दी। लूट भी खत्म नहीं हुई है, लेकिन रामलीला मैदान से आज जो राह निकली है उससे देश में जागृति जरूर आई है। ये काम करोड़ो रूपए खर्च करके भी देश में होना मुश्किल था। अब लोग खड़े होने लगे हैं और बोलने लगे हैं। अपने अधिकारों को लेकर लोग जागरूक होने लगे हैं। मेरी लड़ाई आठ साल से लोगों को अधिकार दिलाने के लिए ही चलती रही है। राइट टू इंफोरमेशन में लोग 10 रूपये का फार्म भरते हैं और तंत्र हिल जाता है। अण्णा आंदोलन के राजनीतिक इस्तेमाल के सवाल पर उन्होंने कहा कि अब कोई नया केजरीवाल या नया कोई और उनके आंदोलन में आया तो वह उससे 100 रुपये के स्टाम्प पेपर पर हलफनामा लिखवाएंगे। अगर वह शख्स उनके आंदोलन का सहारा लेकर किसी पार्टी में गया तो वह उसके खिलाफ अदालत में कार्रवाई भी करेंगे। उन्होंने साफ कहा कि उन्हें पहले अपने साथ आने वाले लोगों की मंशा पता नहीं थी इसीलिए सारी गड़बड़ी हो गई। अपने दिल का दर्द साझा करते हुए अण्णा हजारे ने कहा कि भ्रष्टाचार विरोधी उनके आंदोलन का सहारा लेकर कोई मंत्री बन गया तो कोई गवर्नर। कोई कुछ भी बन जाए, लेकिन जो आनंद उनके जैसे फकीर आदमी को रालेगण सिद्धि के मंदिर में सोने से मिलता है, वह इनमें से किसी को नहीं मिलने वाला। अण्णा ने कहा कि राजनीति किसी को खराब नहीं करती। खराबी तो कुर्सी में है। आदमी अच्छा होता है, लेकिन कुर्सी पर बैठने के बाद उसकी बुद्धि पलट जाती है।
