कोरिया / वैसे तो दीपावली खुशियों का त्यौहार होता है और खुशियां सही मायने में तब सार्थक होती हैं, जब समाज के बुजुर्गों, बेसहारा और दिव्यांगों के साथ दीपावली मनायें। इसी सोच को सार्थकता प्रदान करने के लिए कलेक्टर नरेंद्र कुमार दुग्गा ने आज यहां जिला मुख्यालय के ग्राम तलवापारा स्थित बाल गृह के बालकों से दीप मिलन समारोह में शामिल होकर उनके साथ दीपावली की खुशियां बांटते हुए उन्हें नये कपडे, मिठाई एवं पटाखे प्रदान कर अपनी बधाई और शुभकामनाएं दी।
कलेक्टर श्री दुग्गा ने बाल गृह के बालकों के साथ बैठकर अपनी खुशियों को साझा किया और उन्होने कहा कि यह पर्व खुशियां और भाईचारे का पर्व है। उन्होने बाल गृह के बालकों को खुशियों के साथ दीपावली पर्व मनाने की समझाईश दी। उन्होने कहा कि बाल गृह के बच्चों को भी अन्य बच्चों की भांति पढ लिखकर आगे बढना होगा। उन्हें भी ऊॅंचे पदों पर पहुंचना होगा। इसके लिए उन्होने खेलकूद के साथ साथ शिक्षा का महत्व बताते हुए पढने लिखने की समझाईश दी। इस अवसर पर कलेक्टर श्री दुग्गा ने बच्चों के बीच स्वामी विवेकानंद के सद्विचार ‘‘उठो जागो और लक्ष्य की ओर आगे बढो‘‘ को उदृधत किया। उन्होने बच्चों से कहा कि बडों का आदर करना, उनका कहना मानना और कहीं भी जाने पर पूछकर जाने की भी बात कही। इसके पूर्व कलेक्टर श्री दुग्गा ने बाल गृह के प्रत्येक कक्षों का बारीकी से अवलोकन किया और बच्चों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की प्रसंशा की। उन्होने महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी चंद्रवेश सिसोदिया से बच्चों की दर्ज संख्या, उपस्थिति, उनके भोजन, शिक्षा, खेल कूद आदि के बारे में जानकारी प्राप्त की। इसी तरह उन्होने कक्षा 5वीं और कक्षा 9वीं में अध्ययनरत बच्चों को नवोदय विद्यालय की प्रवेष परीक्षा में शामिल कराने के निर्देश दिये।

इस अवसर पर बाल गृह बालक के संचालक मनोज भारती, जिला बाल संरक्षण अधिकारी आषीश गुप्ता, बाल गृह बालक के अधीक्षक चंद्रेश सिंह सिसोदिया, बाल गृह के बाल कल्याण अधिकारी सुनील कुमार शर्मा, काउंसलर सुश्री कल्पना शर्मा, पैरामेडिकल के श्रीमती रेखा साहू, हाऊस फादर अक्षय सोनी सहित बाल गृह के अन्य अधिकारी कर्मचारी भी उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि बाल देखरेख के अंतर्गत बाल गृह बालक का संचालन मानव संसाधन विकास परिषद द्वारा किया जा रहा है।
