रायपुर / छत्तीसगढ़ में चौथी पारी के लिए सत्ता और संगठन में कसावट का काम शुरू हो गया है या यूं कहें कि छत्तीसगढ़ की भाजपा संगठन एक्टिव मोड में आ गई हैं तो गलत न होगा। यही वजह है कि रविवार से अगले चार दिनों तक सत्ता, संगठन और अफसरों की बैठकों का दौर चलेगा। सबसे पहले आज शनिवार को भाजपा प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक होगी। इसके बाद दूसरे दिन कार्यसमिति व 23 – 24 को सभी कलेक्टर्स के साथ मीटिंग होगी।
आपको बता दे कि आज शनिवार को सबसे पहले शाम साढ़े 6 बजे प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक होगी। इसके दूसरे रविवार को दोपहर 12 प्रदेश कार्यसमिति की बैठक बुलाई गई है। बैठक में ही राजनीतिक प्रस्ताव पर चर्चा की जाएगी। सूत्रों के मुताबिक बस्तर और सरगुजा को मजबूत करने की दिशा में पार्टी बड़ा एजेंडा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में सेट करने जा रही है। इसके अलावा बोनस तिहार के फीडबैक और आगे की रणनीति पर विचार विमर्श किया जा सकता है। चुनाव के मुद्देनजर बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की तैनाती और नयी योजनाओं के स्वरूप पर इस बार कार्यसमिति की बैठक में चर्चा की जायेगी। साथ ही मंत्रियों का रिपोर्ट कार्ड भी कार्यसमिति में देखा जायेगा। मिशन 65 के मद्देनजर कार्यसमिति की बैठक में संगठन को ज्यादा सक्रिय करने पर भी विचार किया जायेगा।
इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह 23 और 24 अक्टूबर को कलेक्टरों की बैठक लेंगे। कलेक्टरों को 15 विभागों की योजनावार समीक्षा की जाएगा। सभी जिलों से आंकड़े और स्थिति का ब्यौरा मांगा गया है। आंकड़ों के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें बोनस तिहार के फीडबैक लिए जाएंगे। संभावना जताई जा रही है कि कलेक्टरों के परफार्मेंस के आधार पर फेरबदल भी संभावित है। जिन जिलों के कामकाज संतोषजनक नहीं पाए जाएंगे, वहां नए अफसरों की नियुक्ति की जा सकती है ऐसा भी कयास लगया जा रहा है।
