** संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित विशेष बैठक में कार्ययोजना पर हुई चर्चा
रायपुर / छत्तीसगढ़ योग आयोग ने राज्य के सभी ग्राम पंचायत मुख्यालयों, स्कूलों (पूर्व माध्यमिक और हाईस्कूल) तथा जिलों में नियमित योग शिविर लगाने के लिए तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए समयबद्ध कार्यक्रम बनाया गया है।
इस कार्यक्रम के प्रथम चरण में बस्तर संभाग के मुख्यालय जगदलपुर में बीते आठ अक्टूबर से 15 अक्टूबर तक सात दिवसीय आवासीय योग प्रशिक्षण शिविर लगाया गया। इसमें बस्तर संभाग के सभी जिलों के 268 प्रतिभागियों को मास्टर ट्रेनर के रूप में योग का प्रशिक्षण दिया गया है।
छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में आज राजधानी रायपुर के नजदीक माना स्थित आयोग कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित विशेष बैठक में यह जानकारी दी गई। बैठक में आयोग द्वारा बनाई गई कार्ययोजना पर व्यापक चर्चा की गई। योग आयोग के अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने प्रदेश में आयोग बनाने के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बेहतर स्वास्थ्य, व्यसन मुक्ति और स्वच्छता के लिए काम करना हमारी प्राथमिकता में हैं। उन्होंने कहा कि योग को आम लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बनाने के लिए आयोग पूरी संवेदनशीलता से काम कर रहा है। इसके लिए सभी के सहयोग से सुव्यवस्थित कार्यक्रम चलाना होगा।

बैठक में आयोग के सदस्य डॉ. रवि श्रीवास, सदस्य ब्रम्हाकुमारी बहन वी.के. मंजू, सदस्य अजय सिंह सहित आयोग के सचिव एम.एल. पाण्डेय, अपर संचालक उच्च शिक्षा एस.एन. राठौर, बी.एल. बंजारे, पंकज वर्मा (समाज कल्याण विभाग), विलियम लकड़ा, उप संचालक खेल एवं युवा कल्याण, ए.के. रघुवंशी, लोक निर्माण विभाग, डॉ. बसंत माहेश्वरी, उप संचालक, डीएमई, श्री त्रिलोचन साहू, प्राचार्य, पी.पटेल, टी.आर.कुर्रे उपस्थित थे।
आयोग के अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने बैठक में कहा कि हर इंसान के लिए उत्तम स्वास्थ्य सबसे बड़ी पूंजी होती है। मानसिक रूप से स्वस्थ रहने योग महत्वपूर्ण होता है। योग को हर इंसान के लिए जरूरी बनाने जमीन से जुड़कर काम करने की जरूरत है। आयोग ने इसके लिए सभी ग्राम पंचायत मुख्यालयों, स्कूलों (पूर्व माध्यमिक और हाईस्कूल) और जेलों में अलग-अलग विशेष पाठ्यक्रम बनाकर शिविर संचालित करने की कार्ययोजना बनाई है। कार्ययोजना के तहत प्रथम चरण में बस्तर संभाग में प्रशिक्षण का कार्यक्रम सफलतापूर्वक कर लिया गया है। दूसरे चरण में बस्तर संभाग में विकासखण्ड स्तर पर प्रशिक्षण देने शिविर लगाया जाएगा। इसके साथ ही दुर्ग और रायपुर संभाग में प्रथम चरण प्रशिक्षण शिविर शुरू किया जाएगा। श्री अग्रवाल ने बताया कि द्वितीय चरण में बस्तर संभाग में विकासखण्ड मुख्यालयों में आयोजित प्रशिक्षण शिविरों में हर ग्राम पंचायत के लिए पांच-पांच मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षित किए जाएंगे। इनमें महिलाएं अनिवार्य रूप से शामिल रहेंगी। गांवों में योग को लोकप्रिय बनाने के लिए योग के फायदों की जानकारी घर-घर जाकर दी जाएगी।
आयोग के अध्यक्ष श्री अग्रवाल ने बताया कि बस्तर संभाग में आयोजित प्रशिक्षण शिविर में अन्य समाजसेवी संस्थाओं ने पूरी सक्रियता से सहयोग दिया। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायतों में सालभर शिविर लगाने के बाद योग के फायदों का परीक्षण कराया जाएगा। इसके बाद एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी। आयोग के सदस्य डॉ. रवि श्रीवास, ब्रम्हाकुमारी बहन वी.के. मंजू और अजय सिंह ने प्रथम चरण में संभागीय मुख्यालय जगदलपुर में आयोजित ‘योग शक्ति से राष्ट्र शक्ति के उत्थान का संकल्प’ प्रशिक्षण शिविर के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि विभिन्न समाजसेवी संस्थाओं और आम नागरिकों के सहयोग से यह शिविर पूरी तरह सफल रहा। शिविर में बच्चों ने विशेष रूचि दिखाई। शिविर में बच्चों का उत्साह हमारे लिए प्रेरणा का काम किया। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के प्रतिनिधि श्री लकड़ा ने राजधानी रायपुर में संचालित हॉकी, तीरंदाजी और फुटबॉल अकादमी में खिलाड़ियों के लिए विशेष शिविर लगाने का सुझाव दिया। डीएमई के प्रतिनिधि डॉ. माहेश्वरी ने मेडिकल से जुडे़ सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों के लिए शिविर लगाने की बात कही। बैठक में उपस्थित अन्य विभागों के प्रतिनिधियों ने भी अपने सुझाव दिए। बैठक के आखिरी में सचिव एम.एल. पाण्डेय ने आभार प्रदर्शन किया।
