रायपुर / जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रवक्ता और मीडिया समन्वयक संजीव अग्रवाल ने एक विज्ञप्ति जारी करते हुए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह पर निशाना साधा है कि 15 साल से छत्तीसगढ़ प्रदेश की सत्ता पर काबिज भाजपा सरकार के कारनामे अब उनके शासनकाल के आखिरी दिनों में जनता के सामने आते जा रहे हैं जिसका एक उदाहरण है हाल ही में आई रिपोर्ट जिसमें सरकार की तरफ से यह बताया गया है कि छत्तीसगढ़ में कुछ जिले नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से हटाए गए लेकिन वहीं कुछ जिले नक्सल प्रभावित घोषित भी किए गए हैं जिनमें छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह का गृह जिला व उनके सांसद पुत्र अभिषेक सिंह का लोकसभा क्षेत्र कवर्धा भी शामिल है, अब ध्यान देने लायक बात यह है कि 15 साल के निरंतर शासनकाल के दौरान भारतीय जनता पार्टी की राज्य सरकार ने नक्सलवाद पर कोई नियंत्रण नहीं किया है जिसके परिणाम स्वरूप बस्तर से लेकर सरगुजा तक नक्सलवाद की जड़ें मजबूत हो गई हैं, खोखले वादों के बूते पर सरकार चलाने वाली भारतीय जनता पार्टी के मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह की पोल खुल गई है और आँकड़ों पर खेलने वाली भाजपा सरकार बढ़ते हुए नक्सलवाद के कारण अपने ही आँकड़ों पर घिरी हुई नजर आ रही है।
संजीव अग्रवाल ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि क्या जिस प्रकार 2003 में फोर्स के दबाव में छत्तीसगढ़ के बस्तर में सीटें जीती थीं क्या वैसी ही तैयारी इस वर्ष होने वाले छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में भी है?
आगे संजीव अग्रवाल ने बताया कि अब देखने वाली बात यह है कि डॉ रमन सिंह अपनी कई रैलियों में तथा समाचार चैनल में कहते आए हैं कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का प्रभाव कम हुआ हे लेकिन ताजा आंकड़े कुछ और ही बयां कर रहे हैं, इसीलिए यह करना कतई गलत नहीं होगा कि डॉक्टर रमन सिंह के शासनकाल में भाजपा सरकार के ‘चिराग तले अंधेरा है’।
संजीव ने कहा कि, हर मोर्चे पर विफल होने के बाद अब डॉक्टर रमन सिंह भी अपने आका श्री नरेंद्र मोदी की तरह जुमले बाजी करते नजर आते हैं और उनकी बातें यथार्थ से अलग होती हैं, जिसे छत्तीसगढ़ की जनता अच्छी तरह से समझ चुकी है और इसी वर्ष होने वाले छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनाव में भाजपा को अच्छी तरह से सबक सिखाएगी और पूर्ण बहुमत से जोगी जी की सरकार बनाएगी।
