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उजड़ते शहर को बचाने योग भवन, जड़ी – बूटी के उत्पादन और आचार्यकुलम विद्यालय की स्थापना हो – संजय गिरी

चिरिमिरी / उजड़ते शहर की स्वास्थ्यगत परेशानी व स्थायित्व की चिन्ता करते हुए पतंजलि योग समिति के जिला प्रभारी संजय गिरि नें विकास यात्रा में आये छत्तीसगढ़ राज्य के संवेदनशील मुख्यमंत्री रमन सिंह से एसईसीएल के विश्रामगृह में भेंट कर ज्ञापन सौपा।

श्री गिरि ने मुख्यमंत्री से कहा है कि शहर का वातावरण सुरम्य, घाट- पहाड़ी से युक्त व वनों से आच्छादित है जो कि हरिद्वार के वातावरण से मिलती जुलती है। यहाँ के लोगों में कालरी क्षेत्र होने के कारण कई प्रकार की स्वास्थ्यगत परेशानी है। अतः यहाँ एक भव्य सुसज्जित योग भवन की स्थापना से उनकी परेशानियों से उबरा जा सकता है साथ ही एसईसीएल की खाली पड़ी अनुपयोगी भूमि पर जड़ी- बूटी की खेती के प्रोत्साहन से स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार भी मिल सकेगा।

इसके साथ ही गिरी ने मुख्यमंत्री जी से यह भी निवेदन किया है कि शहर की एसईसीएल की खाली पड़ी भूमि को पतंजलि योगपीठ को देते हुए यहाँ योगऋषि स्वामी रामदेव जी के सपनों के आचार्यकुलम विद्यालय की स्थापना में पहल करने की बात कही है ताकि हमारे बच्चों को ऋषि – मुनियों की शिक्षा संस्कार देते हुए मैकॉले की शिक्षा व्यवस्था से बचा सकें। विदित हो कि इस आचार्यकुलम की शिक्षा व्यवस्था में वैदिक सनातन परंपराओं के ज्ञान के साथ आधुनिक विज्ञान तकनीकी की ज्ञान का संगम होगा ताकि हमारे बच्चे अपने ऋषि- मुनियों के दिये ज्ञान शिक्षा पर गर्व करते हुए देशभक्त व संस्कारवान बन सकें।

श्री गिरी नें बताया कि इस भव्य आचार्यकुलम की स्थापना से न सिर्फ शहर की आय बढ़ेगी बल्कि शहर को शिक्षा के क्षेत्र में दूर – दूर तक पहचान के साथ उजड़ते शहर को स्थायित्व भी मिलेगा और संस्कारवान शिक्षा मिल सकेगा। इसके साथ गिरि नें मुख्यमंत्री रमन सिंह को योगऋषि स्वामी रामदेव रचित पुस्तक ” जीवन दर्शन” भी भेंट की है।

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