माओवाद से लड़ रहे जवानों को जोखिम भत्ता देने से जवानों का मनोबल बढ़ेगा – कांग्रेस

00 पुलिस विभाग का आधुनिकीकरण एवं नई भर्ती से साइबर क्राइम और अन्य प्रकार के अपराध में पीड़ितों को जल्द न्याय मिलेगा

रायपुर / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पुलिस कर्मियों को रिस्पांस भत्ता और जोखिम भत्ता देकर पुलिस परिवार से किये वायदा को पूरा किया। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि पुलिस विभाग के आरक्षक से लेकर निरीक्षक तक को रिस्पांस भत्ता एवं नक्सल क्षेत्रो में तैनात जवानों को जोखिम भत्ता दिया जायेगा। इससे माओवादियों के खिलाफ लड़ाई लड़ रह, हमारे जवानों के हौसले बुलंद होंगे। माओवाद को खत्म करने में हमे कामयाबी मिलेगी। जोखिम भत्ता नक्सलवाद को खत्म करने में मील का पत्थर शाबित होगा।

पुलिस विभाग को रिस्पांस भत्ता के लिये 45 करोड़ 84 लाख और जोखिम भत्ता दिये जाने के लिये दो करोड़ का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्णय का स्वागत करते हुये प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि पुलिसकर्मियों के परिवार ने अपनी भविष्य की सुरक्षा को लेकर पुर्ववर्ती भाजपा सरकार के सामने अपनी बात रखी थी। इस दौरान पुलिस कर्मियों के परिवार आंदोलन भी किये थे। तत्कालीन रमन सिंह की सरकार ने दमनकारी नीति अपनाकर दबाया, कुचला था। उस वक्त भी कांग्रेस पुलिस परिवार के साथ खड़ी थी और उनकी मांगो का समर्थन करते हुये सरकार बनने पर पूरा करने का आश्वासन दिया था। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पुलिस परिवार से किये गये वायदे को राज्य में सरकार बनने के दो महीने के भीतर पूरा किया है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि पुलिस विभाग को रिस्पांस भत्ता मिलने से कानून व्यवस्था एवं जान-माल की रक्षा संबंधी मसलो से निपटने एवं माओवाद क्षेत्र में लड़ रहे जवानों को मानदेय के 50 प्रतिशत जोखिम भत्ता देने से जवानों का मनोबल बढ़ेगा।

थानों के आधुनिकीकरण एवं नई पुलिस थाने व चौकियां बनाई जाएगी। पुलिस बल की विभिन्न शाखों में कर्मचारियों की कमी को दूर करने  2000 नवीन भर्तियां होगी इससे कानून व्यवस्था मजबूत होगा। अपराध नियंत्रण में होंगे। अपराधियो पर नकेल कसने में कामयाबी मिलेगी। साइबर क्राइम एवं अन्य प्रकार के अपराधों में शामिल अपराधियो को पहचाने में मदद मिलेगी पीड़ितों को जल्द न्याय मिलेगा।

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