रायपुर / आरटीआई कार्यकर्ता राजकुमार मिश्रा ने छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के वेबसाइट से ई गेट पास सर्वोच्च न्यायालय और कई उच्च न्यायालय की तरह बनाने हेतु अनुरोध किया था. जिस पर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने अपने आधिकारिक वेबसाइट से ई गेट पास बनाने की प्रक्रिया आरंभ की है.
इस संबंध में आईटीआई कार्यकर्ता ने उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल को कई पत्र लिखा और कई बार स्मरण पत्र देने पर काफी सोच विचार करने के बाद छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने दिनांक 3 अप्रैल 2019 से छत्तीसगढ़ वेबसाइट से ही ई गेट पास बनाने की प्रक्रिया आरंभ की है.
आरटीआई कार्यकर्ता ने अपने पत्र मैं लिखा था कि यदि ई गेट पास बनाया जाने लगे जैसा कि सर्वोच्च न्यायालय और कई उच्च न्यायालयों में बनाया जाता है और यह ई गेट पास छत्तीसगढ़ उच्च के वेबसाइट से बनाया जाए, जिसमें उच्च न्यायालय में आगंतुकों के द्वारा अपना वैध परिचय पत्र देकर ही ई गेट पास निकल सकने की व्यवस्था किया जाए.
उक्त प्रकार का पास की चेकिंग अवश्य हो तो इस प्रकार का पास सुरक्षा की दृष्टि से भी उचित होगा. इस कार्य में लगने वाले पुलिस बल भी बचेगा और ई गेट पास बनाते समय आगंतुकों का समय भी बचेगा.
आरटीआई कार्यकर्ता ने अपने दूसरे पत्र में लिखा कि वर्तमान में जिस तरह से गेट पास बनाया जाता है वह बेहद गैर जिम्मेदाराना है छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के तीन नंबर गेट पर वर्तमान में गेट पास बनाने वाले पुलिस के 2 आरक्षक होते हैं, वे गेट पास प्राप्त करने वाले व्यक्ति से केवल उनका नाम, पिता/पति का नाम, निवास स्थान केस की प्रकृति, वकील का नाम व मोबाइल नंबर मौखिक रूप से लिखकर गेट पास जारी कर देते हैं. संबंधित व्यक्ति का कोई परिचय पत्र आदि नहीं देखते इस तरह झूठा नाम और परिचय बता कर गेट पास प्राप्त कर कोई भी अपराधी छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय परिसर में आसानी से घुसकर कोई अपराध को अंजाम दे सकता है क्योंकि देश के कई अदालतों में इस तरह से अपराध को अंजाम दिया जा चुका है. इसके पहले कि यहां भी इस तरह का कोई अपराध घटित हो इस तरह का मामूली सा कार्यवाही किया जाना प्रार्थनीय है, उन्होंने अपने पत्र में लिखा कि ई गेट पास बनने लगेगा तो अवांछित तत्वों का प्रवेश छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के परिसर में नहीं होगा जो सुरक्षा की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण होगा और इस कार्य में लगने वाला पुलिस बल भी बचेगा और सबसे महत्वपूर्ण है कि से कागज बचेगा, पर्यावरण और प्रकृति की रक्षा हो सकेगी.
इस संबंध में काफी विचार-विमर्श के बाद टेस्टिंग करने के उपरांत छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने दिनांक 3 अप्रैल 2019 से छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के वेबसाइट से ही ई गेट पास बनाया जाना आरंभ किया है.


