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संसद में बढ़ी महिलाओं की भागीदारी, इस बार 76 प्रत्याशी जीतीं

NEW DELHI,INDIA

दिल्ली / लोकसभा चुनाव 2019 की मतगणना पूरी हो चुकी है इस चुनावों में कई रिकॉर्ड बने जिनमें कि सबसे खास है महिलाओं की भागीदारी का बढ़ना. इस चुनावों में 78 महिलाएं संसद पहुंची हैं. इसमें बीजेपी की 40 महिला सांसद हैं, तृणमूल कांग्रेस की 9 सांसद हैं कांग्रेस की 6 सासंद हैं बीजेडी की चार, वाईएसआर की चार इसके अलावा दो दलों की 2-2 महिलाएं और करीब 9 दलों की 1-1 महिला उम्मीदवार संसद पहुंची हैं.

इसमें औसत के हिसाब से मानें तो बीजू जनता दल के 12 सांसदों में से 5 महिलाएं हैं. इस बार वहीं चुने गए सांसदों के स्ट्राइक रेट की बात करें तो महिलाओं की जीत का स्ट्राइक रेट काफी ज्यादा है. बीजेपी की महिला उम्मीदवारों का स्ट्राइक रेट 74.1 प्रतिशत रहा तो वहीं पुरूष सांसदों का स्ट्राइक रेट 68 प्रतिशत रहा. वाईएसआर कांग्रेस पार्टी और डीएमके ने जिन महिला सांसदों को टिकट दिया था, सभी जीतकर संसद पहुंचीं हैं. वहीं कांग्रेस की महिला उम्मीदवारों का स्ट्राइक रेट सबसे ज्यादा खराब रहा.

जीती हुई 78 उम्मीदवारों में से 30 उम्मीदवार ऐसी हैं, जो 1 लाख या उससे ज्यादा वोटों के अतर से जीतीं हैं. इनमें सबसे कम वोट प्रतिशत से सुल्तानपुर की बीजेपी प्रत्याशी मेनका गांधी जीती हैं जिनका अंतर मात्र 14500 रहा. वहीं सबसे ज़्यादा अंतर 5,89,177 से वडोदरा से बीजेपी उम्मीदवार रंजनबेन भट्ट जीतीं हैं.

17वीं लोकसभा में महिला सांसदों की अब तक की सबसे ज़्यादा भागीदारी के साथ ही उनकी संख्या कुल सदस्य संख्या का 17 प्रतिशत हो जाएगी.

इन लोकसभा चुनावों में कुल 8049 उम्मीदवार मैदान में थे जिनमें 724 महिलाएं थीं. 16वीं लोकसभा में महिला सांसदों की संख्या 64 रही. इनमें से 28 मौजूदा महिला सांसद चुनाव मैदान में थीं. जिन प्रमुख सांसदों को इन चुनावों में हार का मुंह देखना पड़ा उनमें सपा की डिंपल यादव और भाजपा की जया प्रदा शामिल हैं. चुनावों में निर्दलीय महिला उम्मीदवारों की संख्या 222 थी. वहीं चार ट्रांसजेंडर उम्मीदवारों ने भी निर्दलीय चुनाव लड़ा.

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