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बिलासपुरवासीयों की मौत का फीता काट के गए मुख्यमंत्री, उन पर तत्काल हो कार्यवाही: ज्वाला प्रसाद चतुर्वेदी

● स्वास्थ विभाग और स्वास्थ मंत्री को नीचा दिखाने मुख्यमंत्री ने जनता की जान से किया खिलवाड़।

● साक्ष्य सहित कलेक्टर को जोगी काँग्रेस ने सौंपा ज्ञापन, मुख्यमंत्री और दोषियों पर तत्काल कारवाही की माँग।

बिलासपुर / छत्तीसगढ़ राज्य मे स्वास्थ एक गम्भीर मुद्दा है जहाँ आज हमरे प्रदेश के सरकारी अस्पतालों मे पिछ्ले 6 माह मे मृत्यु दर काफी बढ़ गई है तो जनता प्राइवेट अस्पतालो की ओर ज्यादा रुख कर रही है। जिस वजह से नए प्राइवेट अस्पताल बड़ी संख्या मे खुल रहे हैं। किन्तु उसके पुर्व स्वास्थ विभाग की जाँज प्रक्रिया से गुजरना अनिवार्य होता है।

कल17 जूने को बिलासपुर मे मुख्यमंत्री भुपेश बघेल ने जिस अस्पताल का उद्घाटन किया उसमे बहुत बड़ी अनदेखी की गई है। उक्त अस्पताल के ना तो दस्तावेज ही तैयार थे ना स्वास्थ विभाग ने उसे खोलने अनुमती दी थी फ़िर भी उसका उद्घाटन बिलासपुरवासीयों की जान को ताक पर रखने जैसा है। जिसके साक्ष्यों को लेकर ज्न्ता काँग्रेस पहुँची कलेक्टर कार्यालय किया घेराव और कार्यवाही करने ज्ञापन दिया।

बिलासपुर जिला ग्रमीण अध्यक्ष ज्वाला प्रसाद चतुर्वेदी, शहर अध्यक्ष विश्वम्भर गुल्हेरे, कार्यकारी अध्यक मलिक राम ड़हरिया एवं विक्रांत तिवारी के साथ जनता कांग्रेस के कार्यकर्ता नारे बाजी करते हूए कलेक्टर कार्यालय पहुँचे।

इस दौरान जिला अध्यक्ष ज्वाला प्रसाद ने कहा की स्वास्थ जैसे संवेदनशिल विभाग मे मुख्यमन्त्री द्वारा जबरिया हस्तक्षेप करना और मन्त्री के विरूध जा कर फैसला लेना चिंता का विषय है।

मलिक राम ड़हरिया ने बताया बिलासपुर प्रताप चौक के नजदीक खुले,” लाईफ केयर हास्पीटल ऐंड मेटरनिटी होम एवं सिद्धिविनायक टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर” का उद्घाटन आज मुख्यमंत्री ने किया किन्तु इसके पुर्व की जाने वाली सभी प्रक्रियाओ को दर किनार कर दिया गया। आज की तारिक मे बिलासपुर मे ही 156 नर्सिंग होम के आवेदन कतार मे हैं जिनकी सूची इस पत्र के साथ संलग्न है।जिन्हे हरी झण्डी देने से पुर्व कुछ प्रक्रियाओ का पालन करना अनिवार्य है। जिसमे सबसे महत्वपूर्ण है कमेटी द्वारा दस्तावेजों और हास्पीटल की जाँच। जिसकी कमेटी का गठन CHMO द्वारा किया जाता है जिसमे 1 आयुष का सदस्य, 2 डॉक्टर, नगर निगम अधिकारी, पर्यावरण मंडल के अधिकारी, कलेक्टर द्वारा नियुक्त अधिकारी शामिल होते हैं। जो सभी पहलुओ की जाँच कर किसी भी आवेदन को स्वीकार या अस्वीकार करते हैं । किन्तु आज जिस नर्सिंग होम का उद्घाटन किया गया उसमे उक्त प्रक्रिया को शिथिल कर दिया गया, ना ही उस नर्सिंग होम की जाँच हेतू कोई कमेटी का गठन किया गया। बल्कि उस नर्सिंग होम ने आवेदन ही 16 जून को किया था।

विश्वम्भर गुल्हेरे ने जानकारी दी कहा की सूत्रो से पता लगा है की कलेक्टर कार्यालय के दो वरिष्ठ अधिकारियो ने दो दिन पुर्व ही इसे उद्घाटित करने योग्य नही पाया था शायद यही वजह थी की स्वास्थ मंत्री ने इसे उद्घाटन करने अपनी सहमती नही दी।

विक्रांत तिवारी ने कुछ अहम बिन्दुओं पर हम जाँच हेतू अधिकारियो का ध्यान आकृष्ट करवाया जिसमे’
1) 16 जून को अस्पताल खोलने हेतू किए गए आवेदन का 17 जून को उद्घाटन कैसे संभव?

2) पुर्व मे नर्सिंग होम के 156 आवेदनो के लम्बित रहते उक्त अस्पताल को खोलने किस दबाव मे अनुमती दी गई।

3) जब CHMO कमेटी ने जाँच ही नही की तो लोगो की जान से खिलवाड़ करने इसे क्यूँ खोला गया।
4) उक्त नियम विरूध प्रक्रिया मे मुख्यमंत्री जी की सन्लीप्तता की जाँच की जाए।

5)बिना जाँच के खोले हूए उक्त अस्पताल को तत्काल बन्द कर नियमो का पालन करना सुनिश्चित करें।

विक्रांत तिवारी ने कहा की बिलासपुरवासीयों के मौत का फीता काट के मख्यमंत्री महोदय ने गलत किया है, जिले की स्वास्थ व्यवस्था मे इति बड़ी चूक, स्वास्थ विभाग जैसे सम्वेदनशील विभाग मे हस्तक्षेप शहर वासियो की जान से खिलवाड़ करने जैसा है। उक्त कृत की तत्काल जाँच कर दोषियों पर कारवाही की हम मांग करते हैं। जिसमे मुख्यमन्त्री को भी जाँज के घेरे मे लिया जाना चाहिए।

उक्त प्रदर्शन मे मुख्य रुप से जिला अध्यक्ष ज्वाला प्रसाद चतुर्वेदी, शहर अध्यक्ष विश्वम्भर गुलहरे, कार्यकारी अध्यक्ष मालिक राम डहरिया, कार्यकारी अध्यक्ष विक्रांत तिवारी, प्रदेशाध्यक्ष छात्र संघ टिकेश प्रताप सिंह, संभाग अध्यक्ष प्रशांत त्रिपाठी, शहर महामंत्री राजबहादुर , मार्गरेट बेंजामिन, सुब्रत कुमार, रमायण यादव, कुंती उइके, ललिता भारद्वाज, कृष्ण कुमार निर्नोजक, गोपाल यादव,  चिंता देवी सिंह, रितेश बाजपेयी संतोष मेश्राम, भिषराम सूर्यवंशी, जयसिर लहरे, सागर मंगेशकर, चुन्नीलाल भास्कर, सुधीर गोदरे, संजय मिरी,दिलदार खूंटे, सुनील वर्मा, अखिलेश डहरिया, संजय जयसवाल, दुर्गेश साहू,लोमश साहू, लक्ष्मण देवांगन, बॉबी राज, रूपेश चौबे, ठानसिंह भार्गव,भागवत प्रसाद, आकाश चौबे, देवेश पांडेय, डब्बू तिवारी, शशांक तिवारी (रिशु), विमल त्रिपाठी, इक्रम हुसैन, भरत प्रजापति, ऋतुराज सिंह ठाकुर, सागर वैष्णव, सूरज वैष्णव, राम नाथ सूर्यवंसी, बालाराम सिंह आदी उपस्थित थे।

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