देश में ट्रैफिक नियमों का कड़ाई से पालन हो इसके लिए इस बिल की जरूरत पर केंद्रीय मंत्री ने जोर दिया है. राज्यसभा में बिल को पेश करते हुए नितिन गडकरी ने कहा है कि देश में हर साल लगभग डेढ़ लाख लोगों की सड़क हादसों में मौत हो जाती है. ट्रैफिक नियमों के बावजूद ज्यादातर लोग इनका पालन नहीं करते. इसके लिए मोटर व्हीकल एक्ट 1988 में बदलाव कर मोटर व्हीकल (संशोधन) बिल 2019 को लोकसभा में पास कर अब राज्यसभा में पेश किया गया है.

नितिन गडकरी ने कहा कि राज्यों के किसी अधिकार को हमने न कम किया और न ही लेंगे. कोई गाड़ी आरटीओ दफ्तर नहीं जाती है और उसके बदले में क्या होता है ये आप जानते हैं. अब ये ऑनलाइन होगा और पैसा राज्य को ही जाएगा. रजिस्ट्रेशन को ऑनलाइन किया है ताकि व्यवस्था कुछ दुरुस्त हों.
इस बिल की 10 खास बातें.
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- देश की लाइसेंसिग प्रणाली को दुरुस्त करने के लिए अब पहले की तुलना में और कड़े कदम उठाए जाएंगे.
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- देश की आरटीओ दफ्तरों से भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं
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- खतरनाक तरीके से गाड़ी चलाने और गाड़ी चलाते वक्त मोबाइल पर बात करने पर सख्त सजा के प्रावधान हैं.
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- अगर ट्रैफिक नियम तोड़ते हैं तो पहले की तुलना में ज्यादा सजा मिलेगी.
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- अगर कोई बिना लाइसेंस गाड़ी चलाएगा तो उसे 5 हजार रुपए जुर्माना भरना होगा.
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- मोबाइल पर बात करने पर 5 हजार
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- शराब पीकर गाड़ी चलाने पर 10 हजार
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- तय सीमा से तेज गति से गाड़ी चलाने पर 5 हजार रुपए का जुर्माना
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- ओवरलोड गाड़ी चलाने पर 5 हजार जुर्माना
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- सीट बेल्ट नहीं लगाने पर पहले 100 रुपए लगते थे जो अब बढ़ा कर 1000 रुपए कर दिया गया है.
