बता दे कि कलेक्टर डोमन सिंह ने उपाध्यक्ष सहित पार्षदों को काम कराए जाने का आश्वासन दिया है। उपाध्यक्ष सुभाष साहू का कहना है कि जल आवर्धन योजना भाजपा सरकार की देन है। वर्ष 2016-17 में इसकी स्वीकृति मिली। इसके लिए कुल 31 करोड़ रुपए तत्कालीन भाजपा सरकार ने जारी किए थे। जल आवर्धन योजना का कार्य इस वर्ष आरंभ किया गया है, परन्तु नपा से कई वार्डों में इसके कार्य पर रोक लगा दी गई है। ऐसे में बीते समय के जुड़े वार्डों में पानी कैसे मिलेगा? पालिका क्षेत्र में 21 वार्ड हैं। अब नगर पालिका से 7 वार्डों को हटाया गया है। इन 7 वार्डों में पीने के पानी की पाइप लाइन का विस्तार रोक दिया गया है। ऐसे में यदि कार्य शुरू नहीं होता है तो आने वाले दिनों में वे बड़ा आंदोलन करेंगे।
इसके साथ ही एक ओर हटाए गए वार्डों को लेकर उपाध्यक्ष सुभाष साहू के साथ पार्षद आंदोलन पर उतरने की बात कह रहे हैं, दूसरी ओर शहर में बिना किसी प्रकार की सूचना दिए ठेकेदार अपने मजदूरों के साथ आ धमकता है और लोगों के घर के सामने से खुदाई शुरू कर देता है। खोदने के पहले लोगों को आश्वस्त भी करता है कि बाद में खोदे स्थान को ठीक कर देगा, परन्तु ठेकेदार ने ऐसा कहीं नहीं किया है। पाइप डालने के बाद से ठेकेदार ने आज तक कई वार्डों में दर्शन नहीं दिया है, जिसके कारण लोगों में काफी नाराजगी है।
