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नपा शिवपुर चरचा ने बगैर अनुमति आधा दर्जन से भी अधिक पेड़ों को काटा, मचा हड़कंप

कोरिया / एसईसीएल चरचा कालरी के स्वामित्व की भूमि पर एसईसीएल प्रबंधन द्वारा लगाए गए पेड़ों में से लगभग आधा दर्जन से भी अधिक पेड़ों को बिना अनुमति लिए नगरपालिका शिवपुर चरचा प्रशासन द्वारा बुधवार के दिन कटवा दिया गया। पेड़ों के कटने की जानकारी मिलते ही प्रबंधन के निर्देश पर पंकज मिश्रा तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे व काम रुकवाया। इसके थोड़ी देर बाद ही कालरी प्रशासन के जिम्मेदार कार्मिक विभाग के अधिकारी विकास शंकर ओझा व सुरक्षा प्रहरी घटनास्थल पर पहुंचे और तत्काल काम बंद कराया।

वन विभाग की अनुमति के बिना मनमाने तरीके से पेड़ काटना पूरी तरह पालिका प्रशासन की तानाशाही को उजागर करता है। पेड़ों के कटने से पर्यावरण को क्षति पहुंची जिसका जिम्मेदार नगर पालिका प्रशासन है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार चरचा के मुख्य मार्ग में कालरी के विभागीय विद्युत विभाग के रेक्टिफायर भवन के पीछे विगत चार-पांच दिनों से काफी बड़े क्षेत्र में कुछ मजदूरों के द्वारा सफाई की जा रही थी। उन्हीं मजदूरों के द्वारा बुधवार के दिन कार्य शुरू करते ही आधा दर्जन से भी अधिक हरे भरे पेड़ों को काटकर गिरा दिया गया। वहां उपस्थित नागरिकों ने जब मजदूरों से पूछा तो उनका कहना था कि नगरपालिका के द्वारा पेड़ काटने को कहा गया है और यहां पर पार्क व अन्य निर्माण कार्य किया जाएगा।

गौरतलब है कि यदि नगर पालिका को पार्क बनाना था तो पेड़ों की कटाई क्यों की गई। पार्क में वैसे भी हरे भरे पेड़ों की जरूरत होती है। कई हरे भरे पेड़ों के काटने की घटना से श्रम संगठनों ने भी नाराजगी जाहिर की काम बंद कराने के बाद घटनास्थल से कालरी के विभागीय अधिकारियों के जाते ही कई मजदूर अचानक पहुंचे और वहां पड़ी पेड़ों की डालियों को इकट्ठा कर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी गई। जिससे कुछ हद तक सबूत नष्ट हो सके। किंतु पेड़ों के काटने व डालियों के जलाने के वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो गई, घटना स्थल पर उपस्थित लोगों ने कहा की मीट मछली दुकानों को इस स्थल पर व्यवस्थित करने हेतु निकाय द्वारा निर्माण किया जावेगा। इस हेतु सफाई की जा रही थी।

यह जांच का विषय है कि यदि निकाय द्वारा किसी भी प्रकार का निर्माण किया जाना था तो उसे सार्वजनिक क्यों नहीं किया जा रहा। एसईसीएल प्रबंधन को अंधेरे में क्यों रखा जा रहा है। जनहित के कामों के लिए वैसे भी कालरी प्रशासन किसी भी तरह की रुकावट नहीं करता।

प्रबंधक ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की……….

चरचा कालरी प्रबंधन के स्वामित्व की भूमि पर कालरी प्रबंधन द्वारा लगाए गए पेड़ों के काटने की जानकारी मिलने पर के. मेरे सह क्षेत्र प्रबंधक चरचा आर ओ ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि यह बहुत निंदनीय घटना है पेड़ों की अवैध कटाई बेहद सोचनीय है। हम तत्काल कार्रवाई करेंगे। ऐसा नहीं होना चाहिए।

वन विभाग से की गई कार्यवाही की मांग………..

चरचा कालरी में सार्वजनिक रूप से आधा दर्जन पेड़ों कि अवैध कटाई के मामले में स्थानीय नागरिकों ने वन विभाग से तत्काल कार्यवाही की मांग की है, जिससे भविष्य में कोई भी व्यक्ति पेड़ों को काटने व पर्यावरण को क्षति पहुंचाने का कृत्य न कर सके कॉल भी क्षेत्र में विभागीय कार्यवाही के अभाव में कई जगहों पर पेड़ों की अवैध कटाई जारी है।

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