कोरिया / अमूमन हमेशा शांत रहने वाले एवं सभी से मुस्कुरा कर बात करने वाले मनेन्द्रगढ़ विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. विनय जायसवाल एसईसीएल के श्यामली रेस्ट हाउस में सोमवार को मुख्य महाप्रबंधक बबन सिंह के ऊपर भड़क गए और उन्होंने सीजीएम को जमकर फटकार लगाई।
दरअसल विधायक एसईसीएल के सीजीएम के साथ बैठक कर क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं की चर्चा कर रहे थे। चर्चा के दौरान गोदरी पारा स्थित एसईसीएल की जर्जर बिल्डिंग को डिस्मेंटल करवा कर पीपीपी मॉडल का हॉस्पिटल पब्लिक के लिए बनाने की विधायक डॉ विनय की योजना थी। जिस पर एसईसीएल प्रबंधन गंभीरता नहीं दिखा रहा था, जिस पर विधायक ने नाराजगी जताते हुए सीजीएम सहित अन्य अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई।
उल्लेखनीय है कि विधायक डॉ.विनय जायसवाल चिरमिरी के लिये दो माह पूर्व पीपीपी मॉडल के अस्पताल, डीएव्ही पब्लिक स्कूल में बच्चों का दाखिला, चिरमिरी की जर्जर सड़कों, बंद खदानों को चालू कराने को लेकर सीएमडी पंडा व कार्मिक प्रबंधक बिलासपुर से मिलने गए थे। जिस पर सीएमडी ने स्थानीय स्तर के कई मामलों पर सीजीएम को मनेंद्रगढ़ विधायक की मांग के बारे में बता कर उसे पूरा करने के निर्देश दिए थे। विधायक विनय ने क्षेत्रीय स्तर पर जीएम एसईसीएल के समक्ष अपनी बात रखी व कई बार पत्राचार भी किया। लेकिन इसके बाद भी जब एसईसीएल प्रबंधन ने इसे गंभीरता से नहीं लिया तो आखिरकार सोमवार को विधायक डॉ विनय जायसवाल विधायक फट पड़ा और उन्होंने एसईसीएल को उपरोक्त सभी कामों के लिए अल्टीमेटम भी दे डाला।
डॉ विनय जायसवाल ने कहा कि हद है अरबों खरबों का कोयला हमारी चिरमिरी से निकालने वाले एसईसीएल के अधिकारी हमारी जनता को उनका हक नहीं देना चाहते। लेकिन हम आपका हक दिलाने के लिए हर स्तर पर प्रयास रत है। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान अधिकारियों की प्रार्थमिकता है पर ये अधिकारी उसका भी पूर्ण रूपेण निर्वहन नही करते।
इस दौरान ब्लाक अध्यक्ष सुभाष कश्यप, श्रमिक नेता बजरंगी शाही, एसडीएम खेस, विधायक प्रतिनिधि शिवांश जैन, दुर्गा केशरवानी (अल्लू), कांग्रेस प्रवक्ता प्रमोद सिंह, वरुण शर्मा, शशिधर जायसवाल, राजा मुखर्जी, मोहम्मद इमाम, राजीव तिवारी, अरुण विश्वकर्मा, चद्रभान बर्मन, व अन्य मौजूद रहे।
