रायपुर / काँग्रेस नेता और आरटीआई कार्यकर्ता संजीव अग्रवाल ने मोदी सरकार पर बड़ा हमला करते हुए कहा कि कोरोना वायरस के इस वैश्विक महामारी के समय भी मोदी सरकार अपनी आदतों से बाज नहीं आ रही है और आज भी सिर्फ और सिर्फ झूठ ही परोस रही है। रोज शाम को स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से प्रेस के माध्यम से जो ब्रीफिंग दी जाती है उसमें हमेशा ही गलत आंकड़े और गलत जानकारी जनता को दी जा रही है क्योंकि पिछले साढ़े 6 सालों में मोदी सरकार में अगर कोई काम किया होता तो उन्हें झूठ का सहारा लेने की कोई जरूरत नहीं पड़ती। पिछले साढ़े 6 सालों में उन्होंने केवल देश में नफ़रत फैलाने का काम किया है जो कि आज भी जारी है। “कोरोना वायरस” से ज्यादा खतरनाक इनके नफरत वाले “कम्युनल वायरस” हैं जो कि यह मीडिया के माध्यम से अपने प्रवक्ताओं को आगे करके समाज में फैला रहे हैं।
संजीव अग्रवाल ने कांग्रेस के सांसद और पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के बयानों पर ध्यानाकर्षण करते हुए कहा है कि मोदी सरकार अपने अहंकार और अपनी नफरत की राजनीति में इतनी मगरूर है कि वह किसी समझदार व्यक्ति की राय लेना भी जरूरी नहीं समझती और वह भी तब जब वह व्यक्ति जनता द्वारा चुना गया प्रतिनिधि है और देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी का एक अभिन्न अंग है।
संजीव अग्रवाल ने कहा कि राहुल गांधी ने फरवरी से ही सरकार को आगाह कर दिया था कि कोरोनावायरस की महामारी से बचने के लिए जो कदम उठाए जाने चाहिए वह व्यापक तौर पर पर्याप्त नहीं हैं लेकिन मोदी सरकार शाहीन बाग, दिल्ली चुनाव, हिंदू मुस्लिम दंगे, केम छो ट्रंप और मध्य प्रदेश में जनता द्वारा चुनी हुई सरकार को गिराने के लिए विधायकों को खरीद कर उन्हें किडनैप करके पुनः सत्ता हासिल करने की जुगत में व्यस्त थी और इधर कोरोना वायरस ने भारत में अपने पांव पसार लिया।
संजीव अग्रवाल ने कहा कि वह मोदी जी से पूछना चाहते हैं की कोरोना वायरस क्या भारत में शुरू हुआ? नहीं वह हमारे पड़ोसी देश चीन में शुरू हुआ। लेकिन हमने समय रहते अपनी सीमाओं को सील नहीं किया जिसका नतीजा यह है कि आज कोरोना वायरस से ग्रस्त आंकड़े आज 23 हजार के ऊपर पहुंच गए हैं और सरकार कहती है कि हमने 500000 टेस्ट किए जिसमें 20000 पॉजिटिव आए और अमेरिका में 500000 टेस्ट में 80000 पॉजिटिव आए। इसका मतलब क्या मोदी सरकार कोरोना वायरस के कारण होने वाली मौतों पर भी राजनीति कर रही है कि, ‘मेरे देश में कम मरे, तुम्हारे देश में ज्यादा मरे’ क्या यह एक जिम्मेदार सरकार की निशानी है? दूसरी तरफ जब कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्षा सोनिया गांधी, सांसद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी के साथ ही अन्य विपक्षी दलों के नेता अपनी राय देते हैं और यह आह्वान करते हैं कि कोरोना वायरस के संकट में वे सरकार का साथ दे रहे हैं, तो उनके सुझाव को भी नहीं मानते। इस अहंकार से मोदी सरकार केवल और केवल जनता का और देश का ही नुकसान कर रही है जिसे देश की जनता को समझना होगा। देश की जनता ने मोदी जी को तथाकथित अच्छे दिनों के लिए चुना था, लेकिन इनके कार्यकाल में अर्थव्यवस्था, बेरोजगारी, शिक्षा, महंगाई, चिकित्सा, स्वास्थ्य का जो हाल है वह किसी से छुपा नहीं है।
संजीव अग्रवाल ने कहां की केंद्र की नरेंद्र मोदी की सरकार को अगर यह समझ नहीं आ रहा है कि इस विपत्ति की काल में देश को कैसे संभाला जाए तो उन्हें विपक्षी नेताओं और पूर्व के प्रधानमंत्रियों और समाज के अन्य बुद्धिजीवी लोगों से परामर्श और विचार विमर्श करना चाहिए और अपने अहंकार को देश की जनता के लिए देश-हित में छोड़ना चाहिए और अगर वह भी नहीं कर सकते हैं तो केंद्र सरकार को भंग करते हुए अपनी मर्ज़ी से इस्तीफ़ा दे देना चाहिए ताकि देश सुरक्षित हाथों में आ आए। क्योंकि अब जनता समझ चुकी है कि देश में पढ़ाई लिखाई और शिक्षा का क्या महत्व है और देश के जिम्मेदार पदों पर केवल पढ़े-लिखे व्यक्ति को ही बैठना चाहिए।
