नई दिल्ली / विशाखापट्टनम में आज सुबह करीब 2:30 बजे एक फार्मा कंपनी के प्लांट में गैस लीक होने से एक बच्चे समेत 6 लोगों की मौत हो गई, जबकि 100 लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है.
ये मामला इतना भयानक था कि इससे 3 किमी. का इलाका प्रभावित हुआ है और 1000 से अधिक लोगों को अस्पताल में भर्ती किया गया है. सुरक्षा के लिहाज से 6 गांवों को खाली करा लिया गया है. प्लांट से जो गैस लीक हुई है, उसका नाम स्टाइरीन बताया जा रहा है.ये पहली बार नहीं हुआ है, जब देश में गैस लीक होने की वजह से लोगों की मौत हुई हो और सैकड़ों लोगों को हॉस्पिटल में भर्ती कराने की नौबत आई हो. देश में पहले भी इस तरह के मामले सामने आए हैं.
बता दें कि विशाखापट्टनम के आर.आर. वेंकटपुरम गांव में करीब ढाई बजे एल.जी पॉलिमर उद्योग में रासायनिक गैस लीक हो गई. इस कारण वहां मौजूद लोगों को आंखों में जलन और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत के बाद अस्पताल ले जाया गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं. उन्होंने हालात का जायजा लेने के लिए आपदा प्रबंधन की बैठक बुलाई है.
कब-कब हुए गैस लीक हादसे
मध्य प्रदेश के भोपाल में 3 दिसंबर 1984 को गैस लीक हुई थी. इस मामले ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया था और इसमें 15,274 लोगों की मौत हो गई थी.
यूपी के सीतापुर में 6 फरवरी, 2020 को गैस लीक का मामला सामने आया था. इसमें 7 लोगों की मौत हो गई थी. हिमाचल प्रदेश के नालागढ़ में 16 अप्रैल 2020 को गैस लीक का मामला सामने आया था, इसमें 1 शख्स की मौत हुई थी.
महाराष्ट्र के मुंबई में भी 17 फरवरी 2018 को गैस लीक का मामला सामने आया था, इसमें भी 1 शख्स की मौत हो गई थी. इन सबके अलावा यूपी के शामली शुगर मिल में 10 अक्टूबर 2017, लखनऊ में 4 अप्रैल 2018 और दिल्ली के तुगलकाबाद में 6 मई 2017 को गैस लीक के मामले सामने आए थे. हालांकि इन जगहों पर किसी की मौत नहीं हुई थी.
स्टाइरीन गैस का शरीर पर असर
– सांस लेने में परेशानी
– शरीर पर रैशेज
– आखों में जलन
– उल्टी
– बेहोशी
स्टाइरिन गैस कितनी ख़तरनाक?
– ये गैस प्लास्टिक, पेंट, टायर जैसी चीज़ें बनाने में इस्तेमाल
– शरीर में जाने से जलन, सेंट्रल नर्वस सिस्टम पर सीधा असर
– स्टाइरीन गैस बच्चों, सांस से मरीज़ों के लिए बेहद ख़तरनाक
ऐसी स्थिति में क्या बरतें सावधानी
– दौड़ना बिलकुल नहीं चाहिए
– मुंह के ऊपर गीला कपड़ा रखना चाहिए
– मरीज को लिटाकर लंबी-लंबी सांस दिलवानी चाहिए, यदि वो सांस न ले पाए तो ऑक्सीजन की सहायता लेनी चाहिए
मोदी ने हरसंभव मदद का आश्वासन दिया –
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में एक रासायनिक संयंत्र में गैस लीक होने के कारण उत्पन्न स्थिति की समीक्षा की और प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई एस जगनमोहन रेड्डी को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया । प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, प्रधानमंत्री ने गैस लीक होने के बाद पैदा हुए हालात के मद्देनजर राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) की बैठक बुलाई है। प्रधानमंत्री ने अपने ट्वीट में कहा कि उन्होंने गृह मंत्रालय और एनडीएमए के अधिकारियों से स्थिति के संबंध में बात की है जो स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए हैं । उन्होंने कहा, ‘‘ मैं सभी की सुरक्षा और विशाखापत्तनम के लोगों की कुशलक्षेम की प्रार्थना करता हूं । ’’ पीएमओ के ट्वीट के अनुसार, मोदी ने विशाखापत्तनम की स्थिति पर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी से बात की और उन्हें हर तरह की मदद और समर्थन देने का आश्वासन दिया ।
