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विधानसभा में जमकर गरजे मनेंद्रगढ़ विधायक डॉ विनय, चैनपुर में बैलड़ागी परियोजना की जमीन को नियम विरूद्ध तरीके से उद्योगपतियों को आवंटित करने का उठाया मामला


रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का आज का दिन काफी घमासान भरा रहा, जिसमे मनेंद्रगढ़ विधायक डॉक्टर विनय जयसवाल के भी कड़े तेवर देखने को मिले। मनेंद्रगढ़ विधायक डॉक्टर विनय जायसवाल ने विधानसभा में प्रश्न उठाया कि मनेंद्रगढ़ औद्योगिक क्षेत्र परसगढ़ी के विकास के लिए कितनी राशि स्वीकृत है? स्वीकृति राशि में से कितनी राशि का व्यय किया जा चुका है तथा परसगढ़ी में कौन कौन से उद्योगों के लिए भूमि आवंटित की गई है।

जिसकी जानकारी देते हुए सदन में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री कवासी लखमा द्वारा बताया गया कि मनेंद्रगढ़ औद्योगिक क्षेत्र परसगढ़ी के विकास के लिए 1079.40 लाख की राशि स्वीकृत है व स्वीकृत राशि में से 524.28 लाख का व्यय किया जा चुका है। औद्योगिक क्षेत्र के विकास कार्य प्रगति होने के कारण उद्योगों की भूमि का आवंटन अभी प्रारंभ नहीं किया गया। जिसके बाद मनेंद्रगढ़ विधायक ने कोरिया जिले के पूर्व प्रबंधक रंगा द्वारा बैलगाड़ी प्रोजेक्ट के लिऐ आवंटित चैनपुर के खसरा नं 266/1 रकवा 4 हेक्टेयर भूमि को नियम विरुद्ध से उद्योगपतियों को आवंटित किए जाने का मामला उठाया और सदन में मांग की कि पूर्व प्रबंधक को निलंबित कर भूमि का आवंटन निरस्त किया जाए तथा औद्योगिक नीति के तहत आवंटन किया जाए जिसके प्रतिउत्तर में उद्योग मंत्री ने सदन से कार्यवाही करते हुए पूर्व महाप्रबंधक को निलंबन करने की घोषणा की।

विदित हो कि पूर्व प्रबंधक ने बैलगाड़ी प्रोजेक्ट के लिऐ आवंटित चैनपुर के खसरा नं 266/1 रकवा 4 हेक्टेयर भूमि को नियम विरुद्ध से उद्योगपतियों को सादे कागज में ऑफलाइन आवेदन लेकर आवंटित कर दिया था जबकि बैलगाड़ी प्रोजेक्ट के लिए आवंटित भूमि को सबसे पहले जिला उद्योग विभाग अपने कब्जे में लेता उसके बाद आबंटन की प्रक्रिया होनी चाहिए थी और आवंटन के लिए ऑनलाइन आवेदन मगाया जाना चाहिए था साथ ही इसकी सूचना इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में दी जानी चाहिए थी। साथ ही स्टाम्प ड्यूटी ऑफलाइन जमा ली गई जिसे कि ऑनलाइन जमा लेना चाहिए था। और औद्योगिक नीतियों के आरक्षण का पालन भी नहीं किया गया था।

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