● पहली बार कोड़ाकुओ को मिला स्थायी जाति प्रमाणपत्र
● स्थायी जाति के आभाव में थे कई योजनाओं से वंचित
● लालमटियापारा जिले का पहला ग्राम जहां शतप्रतिशत कोड़ाकुओ को स्थायी जाति प्रमाणपत्र जारी
कोरिया / वर्षों से अपनी जाति की स्थायी पहचान पाने के लिए भटक रहे कोड़ाकू जनजाति के लोगो को आखिरकार जिला कलेक्टर श्री श्याम धावड़े के विशेष प्रयास से स्थायी जाति प्रमाण पत्र मिल ही गया । जिले में ऐसा पहली बार हो रहा है कि कोड़ाकू जनजाति के लोगों को स्थायी जाति प्रमाण पत्र जारी किया गया हो । अनुविभागीय अधिकारी बैकुण्ठपुर एस एस दुबे के निर्देश पर तहसीलदार बैकुण्ठपुर मनमोहन प्रताप सिंह ने अभियान चलाकर ग्राम पंचायत नरकेली के आश्रित ग्राम ललमटियापारा के माध्यमिक स्कूल में पढ़ने वाले शत प्रतिशत बच्चों को स्थायी जाति प्रमाण पत्र प्रदान किया । विदित हो कि कोड़ाकू जनजाति के लोग जाति प्रमाण पत्र के आभाव में छात्रवृत्ति सहित अनेको शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त करने से वंचित रह जाते थे, वहीं उच्च शिक्षा हेतु जाति प्रमाण पत्र अनिवार्य होता है। दस्तावेजों के आभाव में कोड़ाकू लोगों का जाति प्रमाण पत्र कभी जारी नही किया जा सका। इस संबंध में तहसीलदार मनमोहन प्रताप सिंह ने बताया कि कुछ दिनों पूर्व वो दौरे पर ललमटियापारा गए हुवे थे तब वहां रह रहे कोड़ाकू परिवारों ने अपनी समस्या से अवगत कराया । ग्राम सरपंच श्याम खालको एवं माध्यमिक शाला के प्रधान पाठक शमशेर मोहम्मद रोशन के विशेष सहयोग से समस्त जानकारी जुटाई गई, आवश्यक दस्तावेज तथा ग्राम पंचातय का के प्रस्ताव के माध्यम से जाति प्रमाण पत्र जारी किया गया। तहसील के शेष स्थानों पर कोड़ाकुओ को चिन्हित कर उनके स्थायी जाति प्रमाणपत्र बनाने की प्रक्रिया चल रही है।
विदित हो कि ललमटियापारा में बसे कोड़ाकू लगभग 50 वर्ष पूर्व बलरामपुर एवं प्रतापपुर क्षेत्र से आकर यहां बसे हुवे है, खेती बाड़ी की भूमि न होने के कारण पत्थर तोड़कर अपनी जीविका चलाते हैं । अत्यंत गरीबी में जीवन यापन करने वाले कोड़ाकुओ के पास जाति प्रमाण पत्र न होने के कारण शासन की कई योजनाओं से वंचित रह जाते थे। कोड़ाकू कोरिया जिले के सभी तहसीलों में वर्षों से अलग अलग स्थानों में रह रहे हैं। बैकुण्ठपुर तहसील के मण्डलपारा, सागरपुर एवं कुड़ेली में खड़गवां तहसील के खड़गवां तहसील के भूकभुकी, बरमपुर, आखराडाँड़, कोरिया, पोंडी तथा मनेन्द्रगढ़ तहसील के सिरौली एवं आखराडाड ग्रामो में निवास करते हैं।
