धमतरी की एनु की प्रेरक कहानी को भारत सरकार ने किया साझा
रायपुर, 15 जुलाई – छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के उमरदा गांव की एनु अब “स्कूटी दीदी” के नाम से देशभर में पहचानी जा रही हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एनु के हौसले और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि एनु जैसी बेटियाँ आत्मनिर्भर भारत की असली पहचान हैं। उन्होंने कहा कि अब राज्य की बेटियाँ केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव की वाहक बन रही हैं।
भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय ने भी एनु की कहानी को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए इसे प्रेरणादायक बताया। मंत्रालय की संयुक्त सचिव स्वाति शर्मा और धमतरी कलेक्टर अविनाश मिश्रा खुद उमरदा गांव पहुंचकर एनु के कार्यों की सराहना कर चुके हैं।
संघर्ष से सफलता तक
एनु का सफर मुश्किलों से भरा रहा। सीमित संसाधनों और सामाजिक दबाव के बावजूद उन्होंने अर्थशास्त्र में एमए की डिग्री हासिल की। बाद में ‘बिहान’ योजना से जुड़कर सिलाई-कढ़ाई का प्रशिक्षण लिया और एक लाख रुपये का ऋण लेकर स्वरोजगार की शुरुआत की। समय पर ऋण चुकाकर उन्होंने अनुशासन की मिसाल पेश की।
गतिशीलता की अहमियत को समझते हुए एनु ने ‘प्रथम संस्था’ से स्कूटी चलाना सीखा। शुरुआती तानों और आलोचनाओं के बावजूद वे डटी रहीं। गांव-गांव जाकर महिलाओं से जुड़ने लगीं और “स्कूटी दीदी” के नाम से जानी जाने लगीं।
महिला दोपहिया प्रशिक्षण केंद्र बनी बदलाव की मिसाल
साल 2023 में एनु ने महिला दोपहिया प्रशिक्षण केंद्र शुरू किया। शुरुआत में कुछ ही महिलाएं जुड़ीं, लेकिन आज तक 30 से ज्यादा महिलाओं को स्कूटी चलाना सिखाया जा चुका है। अब ये महिलाएं खुद स्कूल, बैंक, अस्पताल और आंगनबाड़ी केंद्र तक आसानी से पहुंच पा रही हैं।
एनु का सपना है कि वे 1000 महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाएं और आगे चलकर चारपहिया वाहन प्रशिक्षण केंद्र भी शुरू करें।
बहु-आयामी प्रशिक्षण का केंद्र बनी एनु की पहल
एनु का काम सिर्फ ड्राइविंग तक सीमित नहीं है। उन्होंने महिलाओं को सिलाई, एलईडी असेंबली, मनरेगा से जुड़ी जानकारी और घरेलू प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में भी प्रशिक्षित किया है। उनके प्रयासों से उमरदा गांव में सामाजिक सोच में बड़ा बदलाव आया है। अब लोग अपनी बेटियों और बहुओं को एनु से प्रशिक्षण दिलवाने आगे आ रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ‘बिहान’ जैसी योजनाओं के माध्यम से ऐसी पहलों को हर संभव सहयोग देगी, जो जमीनी स्तर पर बदलाव ला रही हैं।
