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वाटर जग विवाद: कांग्रेस पर भ्रामक प्रचार और मुख्यमंत्री की छवि धूमिल करने का आरोप, भाजपा नेताओं ने की शिकायत


रायपुर, 16 जुलाई 2025।
राज्य की सियासत में वाटर जग की खरीदी को लेकर नया तूफान खड़ा हो गया है। भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि कांग्रेस पार्टी, खासतौर पर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस, ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और राज्य सरकार की छवि को जानबूझकर धूमिल करने के उद्देश्य से सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी फैलाई है। भाजपा नेताओं ने रायपुर के सिविल लाइन थाने में इस मामले में शिकायत दर्ज कराई है।

भाजपा नेताओं का आरोप है कि दिनांक 15 और 16 जुलाई को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC India) और छत्तीसगढ़ कांग्रेस (INC Chhattisgarh) ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आदिवासी विकास विभाग द्वारा वाटर जग खरीदी के नाम पर भ्रष्टाचार के बेबुनियाद आरोप लगाए। कांग्रेस की पोस्ट में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को “जनजातीय सीएम का कमीशन” कहकर संबोधित किया गया, जिसे भाजपा ने न केवल आपत्तिजनक बल्कि जातिगत विभाजन फैलाने वाला भी करार दिया है।

भाजपा नेताओं ने की शिकायत
भाजपा सोशल मीडिया सहसंयोजक मितुल कोठारी, भाजयुमो रायपुर शहर के जिला अध्यक्ष गोविंद गुप्ता, अर्पित सूर्यवंशी, रवि मिश्रा, मिनी पांडे और श्रद्धा मिश्रा ने सिविल लाइन थाना पहुंचकर इस पूरे मामले में शिकायत दर्ज कराई। भाजपा नेताओं ने कहा कि कांग्रेस द्वारा फैलाया गया यह प्रचार पूरी तरह तथ्यहीन है और जनता को गुमराह करने की साजिश है।

उन्होंने कहा कि सरकारी प्रक्रिया के तहत गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) पोर्टल के माध्यम से की गई खरीदी को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है। इसमें कोई निजी लेनदेन या सीएम कार्यालय की भूमिका नहीं है, बावजूद इसके मुख्यमंत्री पर व्यक्तिगत आरोप लगाना दुर्भावनापूर्ण है।

“आदिवासी पहचान पर हमला”
शिकायतकर्ताओं ने कांग्रेस पर आदिवासी समाज के अपमान का आरोप भी लगाया है। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एक आदिवासी समुदाय से आते हैं और कांग्रेस जानबूझकर उनकी जातीय पहचान पर हमला करके राजनीतिक लाभ लेना चाहती है। “जनजातीय सीएम का कमीशन” जैसे शब्द न केवल मुख्यमंत्री का अपमान है बल्कि समूचे जनजातीय समाज का अपमान भी है।

कांग्रेस पर वैमनस्य फैलाने का आरोप
भाजपा ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस जातीय वैमनस्य फैलाने और समाज को गुमराह करने की साजिश कर रही है। उन्होंने मांग की कि ऐसे बयान देने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाए और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फैलाई गई भ्रामक सामग्री को तत्काल हटाया जाए।

पुलिस ने जांच शुरू की
सिविल लाइन थाना पुलिस ने भाजपा नेताओं की शिकायत प्राप्त कर ली है और मामले की जांच प्रारंभ कर दी गई है। यदि यह पाया जाता है कि कांग्रेस द्वारा फैलाई गई जानकारी तथ्यहीन और दुर्भावनापूर्ण है तो आगे की कानूनी कार्यवाही की जाएगी।


गौरतलब है कि हाल ही में सोशल मीडिया पर एक GeM पोर्टल की रसीद वायरल हुई थी, जिसमें आदिवासी विकास विभाग द्वारा लाखों रुपये के वाटर जग की खरीदी दिखाई गई थी। कांग्रेस ने इसे मुद्दा बनाते हुए सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। हालांकि, विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन भाजपा ने इसे कांग्रेस की साजिश करार दिया है।


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