एस ई सी एल ई & डम विभाग भटगांव के अधिकारी यो कर्मचारियों की मिली भगत से बिना टैक्स पटाय बिना परमिट बस मार्ग में संचालित..
कोयला कंपनी महाप्रबंधक को क्या इसकी जानकारी नहीं.??? उनके दफ्तर में हो रहा है नोनीहालों के जीवन के साथ खिलवाड़ .
स्कूल बसों के रख रखाव सहित वैध दस्तावेजों होने पर ही बसों के संचालन के सुप्रीम कोर्ट के निर्देश, एसईसीएल के अधिकारी कर रहे हैं सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना.
बगैर वैध दस्तावेज के कैसे चल रही है बसे परिवहन विभाग क्यों नहीं लेता इसकी सुध .??? हो रहा है नौ निहालो के जीवन के साथ खिलवाड़.
मिल रही जानकारी के अनुसार जनता बस के नाम से संचालित एस ई सी एल भटगांव में 3 वर्षों के लिए स्कूली बच्चों के परिवहन के लिए अधिग्रहण की गई है,, बताया जाता है कि उक्त बस का आज तक किसी भी तरह का कोई परमिट नहीं लिया गया है ना ही शासन को उसका टैक्स पटाया जा रहा है जिसको लेकर स्थानीय बस मालिकों ने आरटीओ को शिकायत की थी आरटीओ में त्वरित कार्रवाई करते हुए बसों को जप्त कर लिया है जिसको लेकर अवैध संचालन करने वाले बस मालिकों में हड़कंप है।
विदित हो कि एस ई सी एल भटगांव क्षेत्र के श्रमिकों के बच्चों को स्कूल कॉलेजों तक लाने ले जाने के लिए प्रबंधन बसों को हायर करती है जिसमें प्रथम दृष्टया शर्त यह रहता है कि बस वैद्य तरीके से संचालित हो एवं उसे बस के समस्त दस्तावेज वैद्य हो लेकिन क्षेत्र के भ्रष्ट ई&डम विभाग के अधिकारी और कर्मचारी अपने काली कमाई की जुगत में स्कूल कॉलेजों मैं अध्ययन प्राप्त करने जाने वाले छात्र-छात्राओं के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं वैध दस्तावेजों के सत्यापन किए बगैर बस मालिक को भुगतान कर दे रहे हैं जिसके कारण बस मालिक बेसन का परमिट नहीं ले रहा है और राज्य शासन को पटाए जाने वाला टैक्स भी नहीं पता रहा है बताया जाता है कि जब से गाड़ी अधिग्रहण की गई है तब से इसके द्वारा बिना परमिट बिना टैक्स बेसन का संचालन धड़ाधड़ने से कर रहा है सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एसईसीएल में बैठे अधिकारी यह ई & डम विभाग का चर्चित बाबू से इसकी गहरी सेटिंग है वही फर्जी पेपर तैयार करता हैं और फर्जी परमिट टैक्स रिसीव लगाकर उसका भुगतान करने में उसका सहयोग कर रहा हैं उसके एवज में उसे मोटी रकम ले रहे हैं बताया तो यह भी जाता है कि यह बस मालिक दिनभर दफ्तर में ही मौजूद रहता है उनके छोटे-मोटे कार्यों को वह स्वयं निपटाते रहता है जिसको लेकर अधिकारी इसे बड़े खुश रहते हैं और इसके गलत सलत कार्य मोटी रकम लेकर करते रहते हैं यदि इसके दस्तावेजों की विधिवत जांच की जाए तो लगभग पूरी फाइल ही फर्जी होगी स्थानी बस मालिकों का एक समूह इस पूरे भ्रष्टाचार की शिकायत सह प्रबंध निदेशक एस ई सी एल सहित सीबीआई से करने वाले हैं जांच के उपरांत थी इस पूरे फर्जी वाडे का विस्तार से खुलासा हो सकेगा।
सुप्रीम कोर्ट स्कूली बसों को लेकर हमेशा सख्त रहा है और इस बात पर पूरे देशभर के परिवहन विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों को स्पेशल निर्देश दिए जाते हैं कि साल में इन गाड़ियों के सभी तरह का भौतिक सत्यापन एवं दस्तावेजों की जांच की जाए और यदि जो वहां अनफिट है विद्या पेपर से सुसज्जित नहीं है उन्हें तत्काल ब्लैकलिस्टेड किया जाए लेकिन यह बस जिले के दो आरटीओ से रोज गुजरती थी आखिर विभाग के जॉच अधिकारी क्या इससे मिलने वाले चंद पैसों के लिए लेकर बच्चों को भविष्य के साथ खिलवाड़ क्यों कर रहे हैं.?
