रायपुर।
राज्य शासन के सामान्य प्रशासन एवं नगरीय निकाय विभाग ने ऐसा फैसला लिया है, जिसने पूरे प्रशासनिक तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए हैं। रायपुर नगर निगम के एक भाजपा पार्षद को उनकी मां की मृत्यु के बाद अनुकंपा नियुक्ति के रूप में भृत्य (चपरासी) के पद पर नियुक्त कर दिया गया है।
आम तौर पर जनप्रतिनिधियों को नियमतः सरकारी सेवा में नियुक्ति नहीं दी जा सकती, लेकिन विभाग ने नियमों को दरकिनार करते हुए यह नियुक्ति आदेश जारी कर दिया। इससे शासन की कार्यप्रणाली और फाइल परीक्षण प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं।
जानकारों का कहना है कि यह मामला केवल प्रशासनिक गलती नहीं, बल्कि नियमों की खुली अवहेलना है।
सूत्रों का कहना है कि संबंधित पार्षद नगर निगम रायपुर क्षेत्र के सक्रिय भाजपा नेता हैं और वर्तमान में पार्षद पद पर कार्यरत हैं।
विभागीय सूत्रों ने बताया कि आदेश जारी होने के बाद अब वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले की जांच की बात कही है। हालांकि कांग्रेस इस मामले को बड़ा मुद्दा बनाने की तैयारी में हैं।
