नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण के खिलाफ शुरू हुआ प्रदर्शन अचानक गंभीर सुरक्षा मुद्दे में बदल गया। इंडिया गेट के पास प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने नक्सली कमांडर माड़वी हिडमा के समर्थन में नारे लगाए और पोस्टर लहराए। स्थिति नियंत्रण से बाहर होती देख पुलिस ने कार्रवाई की और 23 लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
हिडमा के नारे लगने और मिर्ची स्प्रे का इस्तेमाल होने से यह मामला अब सिर्फ प्रदूषण आंदोलन नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा का विषय बन गया है।
क्या हुआ इंडिया गेट पर? – पूरा घटनाक्रम
रविवार को भारी संख्या में लोग वायु प्रदूषण के खिलाफ प्रदर्शन के लिए इंडिया गेट पहुंचे।
भीड़ में शामिल कुछ युवकों ने अचानक “माड़वी हिडमा अमर रहे” और “लाल सलाम” जैसे नारे लगाने शुरू कर दिए।
हाथों में हिडमा की तस्वीरें और पोस्टर भी देखे गए।
जब पुलिस ने उन्हें रोकने और हटाने की कोशिश की, तो कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों पर मिर्ची स्प्रे का इस्तेमाल कर दिया।
इस हमले में 3–4 पुलिसकर्मी घायल हुए और उन्हें RML अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पुलिस की सख्त कार्रवाई – 23 गिरफ्तार, दो थानों में FIR
पुलिस ने तुरंत भीड़ को तितर-बितर कर 23 लोगों को हिरासत में ले लिया।
कर्तव्यपथ और संसद मार्ग थाने में एफआईआर दर्ज की गई है।
आरोपियों पर सार्वजनिक अशांति फैलाने, पुलिस पर हमला, प्रतिबंधित सामग्री रखने और सरकारी कार्य में बाधा डालने जैसी धाराओं में मामला दर्ज हुआ है।
पुलिस वीडियो फुटेज और सोशल मीडिया पोस्ट की मदद से बाकी प्रदर्शनकारियों की भी पहचान कर रही है।
हिडमा का समर्थन क्यों चिंता बढ़ा रहा है?
नक्सली कमांडर माड़वी हिडमा हाल ही में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारा गया था। वह छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश में कई माओवादी हमलों का मास्टरमाइंड माना जाता था।
ऐसे में राजधानी दिल्ली के सबसे संवेदनशील स्थान इंडिया गेट पर उसके समर्थन में नारे लगना पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के लिए चेतावनी माना जा रहा है।
प्रदूषण आंदोलन हाईजैक होने का आरोप
कई पर्यावरण संगठनों ने आरोप लगाया है कि वायु प्रदूषण पर आवाज उठाने के लिए आयोजित शांतिपूर्ण प्रदर्शन को
“किसी समूह ने योजनाबद्ध तरीके से हाईजैक” किया और इसे नक्सल समर्थक आंदोलन में बदलने की कोशिश
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा—
“प्रदूषण प्रोटेस्ट के दौरान कुछ लोगों ने माओवाद समर्थित गतिविधि की कोशिश की।
मिर्ची स्प्रे का इस्तेमाल बेहद गंभीर अपराध है।
जांच तेज़ की गई है और किसी को बख्शा नहीं जाएगा।”
कुछ नेताओं ने इसे अर्बन नक्सल नेटवर्क की सक्रियता बताया है।
वहीं प्रदर्शन से जुड़े पर्यावरण संगठनों ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह प्रदूषण की समस्या से ध्यान हटाकर “आंदोलन को बदनाम” कर रही है।
दिल्ली की हवा बद से बदतर
दिल्ली में बीते कई दिनों से AQI ‘गंभीर’ स्तर में बना हुआ है।
लोग लगातार साफ हवा की मांग कर रहे थे, लेकिन इंडिया गेट घटना के बाद असली मुद्दा सुरक्षा बनाम प्रदूषण की बहस में बदल गया है।
इंडिया गेट पर हुआ यह घटनाक्रम दिल्ली के प्रदूषण विरोधी आंदोलन को नया और चिंताजनक मोड़ दे गया है।
एक तरफ जनता प्रदूषण से राहत चाहती है, वहीं दूसरी तरफ प्रदर्शन में अचानक उभरी माओवादी विचारधारा ने सरकार, सुरक्षा एजेंसियों और समाज में गहरी चिंता पैदा कर दी है।
