4 दिन में रायपुर की 64 फ्लाइट रद्द, प्रधानमंत्री को भी भेजी शिकायत
रायपुर। इंडिगो एयरलाइंस की लगातार फ्लाइट रद्द होने से यात्रियों की परेशानी चरम पर पहुंच गई है। इसी मुद्दे को लेकर छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी ने इंडिगो के खिलाफ बड़ा कदम उठाते हुए 9,000 करोड़ रुपये मुआवजे की कानूनी मांग की है। सोसायटी ने कंपनी को नोटिस भेजकर कहा है कि फ्लाइट कैंसिल होने के कारण परेशान हुए सभी यात्रियों को टिकट कीमत का 10 गुना मुआवजा दिया जाए। इसके साथ ही पूरे मामले की शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय और नागरिक उड्डयन मंत्रालय को भी भेजी गई है।
रायपुर में आज फिर 4 फ्लाइट रद्द
मंगलवार को राजधानी रायपुर से उड़ान भरने वाली और यहां लैंड होने वाली 4 प्रमुख फ्लाइट— मुंबई, दिल्ली और हैदराबाद रूट की—रद्द कर दी गईं। इससे एयरपोर्ट पर अफरा–तफरी का माहौल रहा। यात्रियों को घंटों लाइन में लगने, होटल–बुकिंग, मेडिकल और व्यवसायिक अपॉइंटमेंट रुकने जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई यात्रियों ने सोशल मीडिया पर एयरलाइन के रवैये की आलोचना की।
4 दिन में रायपुर की 64 उड़ानें रद्द
एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार, पिछले चार दिनों में रायपुर से कुल 64 इंडिगो फ्लाइट रद्द की गई हैं। जिन यात्रियों ने महीनों पहले टिकट बुक किए थे, उन्हें अचानक कैंसिलेशन संदेश मिलने के बाद न तो वैकल्पिक फ्लाइट उपलब्ध कराई गई और न ही समय पर रिफंड।
यही नहीं, देशभर में भी पिछले पांच दिनों में 3,000 से अधिक फ्लाइट रद्द हुई हैं, जिससे लाखों यात्री प्रभावित हुए हैं। सिविल सोसायटी ने इस रद्दीकरण को “मनमानी और गैर–जिम्मेदाराना कार्यवाही” बताया है।
5 दिनों में मुआवजा नहीं तो जनहित याचिका
नोटिस में कहा गया है कि यदि कंपनी 5 दिनों के भीतर स्पष्ट जवाब नहीं देती और यात्रियों को मुआवजा नहीं प्रदान करती, तो यह मामला अदालत में जनहित याचिका (PIL) के रूप में दायर किया जाएगा।
सोसायटी ने एयरलाइंस पर आरोप लगाया है कि कंपनी ने बड़े पैमाने पर टिकट बेचकर फ्लाइट संचालन में कटौती की, जिससे उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन हुआ है।
यात्रियों में गुस्सा, जवाबदेही की मांग
एयरपोर्ट पर फंसे कई यात्रियों ने कहा कि इतने बड़े पैमाने पर फ्लाइट कैंसिल के बावजूद न तो कंपनी की ओर से सही जानकारी मिलती है और न ही ठहरने या नई यात्रा व्यवस्था में सहयोग किया जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय तक यह समस्या जारी रही तो आने वाले दिनों में अन्य एयरलाइंस की टिकट कीमतों पर भी बड़ा असर पड़ेगा।
